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जननी सुरक्षा योजना : घंटो का दावा, महीनों का इंतजार
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। एक ओर सरकार संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने में जुटी है। वहीं दूसरी ओर जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) के तहत मिलने वाले प्रसवोत्तर देखभाल सहायता राशि में देरी सरकारी की मंशा पर पानी फेर रही है। सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा देने वाली जननी सुरक्षा योजना विभागीय सुस्ती की भेंट चढ़ गई है। शासन ने प्रसव के 48 घंटे के भीतर भुगतान का कड़ा प्रावधान तो किया है, लेकिन धरातल पर यह हवा-हवाई साबित हो रहा है।
विभाग के मंत्रा पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार एक अप्रैल 2026 से 20 जुलाई तक 5113 संस्थागत प्रसव हुए। इनमें 2949 माताओं को ही जेएसवाई की सहायता राशि मिल सकी है।2164 माताएं का चार माह बाद भी भुगतान अटका हुआ है। घंटों में मिलने वाली जननी सुरक्षा राशि के लिए महीनों का इंतजार करना पड़ रहा है। इससे योजना के प्रति जरुरतमंदों का मोह भंग हो रहा है। उनमें नाराजगी है।
इंसेट
सीएचसी मड़ावरा की स्थिति खराब तो जखौरा की अच्छी
ललितपुर। विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो जननी सुरक्षा योजना के तहत सबसे खराब स्थिति सीएचसी मड़ावरा की है। यहां करीब 36 फीसदी की भुगतान हो सका है। जबकि सबसे अच्छी स्थिति सीएचसी जखौरा और मेडिकल कालेज की है। यहां पर 71-71 फीसदी माताओं को योजना का लाभ मिल चुका है।
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इंसेट
यह भी आ रही समस्या
ललितपुर। विभागीय कर्मचारियों का कहना है कि पोर्टल में फीडिंग के समय खाता संख्या या आईएफएससी कोड, खाता नंबर कुछ भी गलत होने पर समस्या हो जाती है। कई बार शाखा बदलने से समस्या हो जाती है। कुछ कमी होने पर पेंडिंग में आ जाता है। कुछ लोग प्रसव के बाद बाहर चले जाते हैं। इससे भुगतान अटक जाता है।
इंसेट
शहर में 1000 व ग्रामीण में मिलता है 1400 रुपये
ललितपुर। संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए सरकार जननी सुरक्षा योजना संचालित कर रही है। इसमें प्रसव के बाद ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को 1400 रुपये और शहरी क्षेत्र में 1000 रुपये की सहायता राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। यह भुगतान प्रसव के 24 से 48 घंटे में किए जाने का प्रावधान किया गया है। इससे प्रसव के बाद माताओं के खानपान व पौष्टिक आहार की पूर्ति की जाती है।
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यह है जनपद में ब्लॉकवार स्थिति
ब्लॉक - प्रसव - जेएसवाई भुगतान - लंबित भुगतान - भुगतान फीसदी
मेडिकल कॉलेज - 1602 - 960 - 642 - 60
बार - 626 - 417 - 209 - 67
बिरधा - 506 - 287 - 219 - 57
जखौरा - 374 - 265 - 109 - 71
महरौनी - 524 - 256 - 268 - 49
मड़ावरा - 746 - 267 - 479 - 36
तालबेहट - 735 - 497 - 238 - 68
कुल - 5113 - 2949 - 2164 - 58
वर्जन
जननी सुरक्षा योजना के तहत सरकार से बजट नहीं मिल पाया है। इस कारण योजना के तहत लाभार्थियों का भुगतान लटका हुआ है। धनराशि मिलते ही सहायता राशि खातों में भेज दी जाएगी। - डॉ. इम्तियाज अहमद, सीएमओ
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ललितपुर। एक ओर सरकार संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने में जुटी है। वहीं दूसरी ओर जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) के तहत मिलने वाले प्रसवोत्तर देखभाल सहायता राशि में देरी सरकारी की मंशा पर पानी फेर रही है। सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा देने वाली जननी सुरक्षा योजना विभागीय सुस्ती की भेंट चढ़ गई है। शासन ने प्रसव के 48 घंटे के भीतर भुगतान का कड़ा प्रावधान तो किया है, लेकिन धरातल पर यह हवा-हवाई साबित हो रहा है।
विभाग के मंत्रा पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार एक अप्रैल 2026 से 20 जुलाई तक 5113 संस्थागत प्रसव हुए। इनमें 2949 माताओं को ही जेएसवाई की सहायता राशि मिल सकी है।2164 माताएं का चार माह बाद भी भुगतान अटका हुआ है। घंटों में मिलने वाली जननी सुरक्षा राशि के लिए महीनों का इंतजार करना पड़ रहा है। इससे योजना के प्रति जरुरतमंदों का मोह भंग हो रहा है। उनमें नाराजगी है।
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सीएचसी मड़ावरा की स्थिति खराब तो जखौरा की अच्छी
ललितपुर। विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो जननी सुरक्षा योजना के तहत सबसे खराब स्थिति सीएचसी मड़ावरा की है। यहां करीब 36 फीसदी की भुगतान हो सका है। जबकि सबसे अच्छी स्थिति सीएचसी जखौरा और मेडिकल कालेज की है। यहां पर 71-71 फीसदी माताओं को योजना का लाभ मिल चुका है।
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यह भी आ रही समस्या
ललितपुर। विभागीय कर्मचारियों का कहना है कि पोर्टल में फीडिंग के समय खाता संख्या या आईएफएससी कोड, खाता नंबर कुछ भी गलत होने पर समस्या हो जाती है। कई बार शाखा बदलने से समस्या हो जाती है। कुछ कमी होने पर पेंडिंग में आ जाता है। कुछ लोग प्रसव के बाद बाहर चले जाते हैं। इससे भुगतान अटक जाता है।
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शहर में 1000 व ग्रामीण में मिलता है 1400 रुपये
ललितपुर। संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए सरकार जननी सुरक्षा योजना संचालित कर रही है। इसमें प्रसव के बाद ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को 1400 रुपये और शहरी क्षेत्र में 1000 रुपये की सहायता राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। यह भुगतान प्रसव के 24 से 48 घंटे में किए जाने का प्रावधान किया गया है। इससे प्रसव के बाद माताओं के खानपान व पौष्टिक आहार की पूर्ति की जाती है।
यह है जनपद में ब्लॉकवार स्थिति
ब्लॉक - प्रसव - जेएसवाई भुगतान - लंबित भुगतान - भुगतान फीसदी
मेडिकल कॉलेज - 1602 - 960 - 642 - 60
बार - 626 - 417 - 209 - 67
बिरधा - 506 - 287 - 219 - 57
जखौरा - 374 - 265 - 109 - 71
महरौनी - 524 - 256 - 268 - 49
मड़ावरा - 746 - 267 - 479 - 36
तालबेहट - 735 - 497 - 238 - 68
कुल - 5113 - 2949 - 2164 - 58
वर्जन
जननी सुरक्षा योजना के तहत सरकार से बजट नहीं मिल पाया है। इस कारण योजना के तहत लाभार्थियों का भुगतान लटका हुआ है। धनराशि मिलते ही सहायता राशि खातों में भेज दी जाएगी। - डॉ. इम्तियाज अहमद, सीएमओ