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Lalitpur News: पांच वर्ष से क्षतिग्रस्त पड़ा जल संस्थान का स्वच्छ जलाशय
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जल संस्थान के लोअर जोन की आपूर्ति को डोड़ाघाट में बने सीडब्ल्यूआर (स्वच्छ जलाशय) पांच वर्ष पूर्व शहजाद नदी में आई बाढ़ से क्षतिग्रस्त अवस्था में पड़े हैं। यहां तीन सीडब्ल्यूआर हैं जो बदहाल दशा में हैं। इसमें एक मात्र से ही पेयजल आपूर्ति की जा रही है, जिसकी भी कवर्ड पूरी तरह से गायब हो गई है। ऐसे में विभाग को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति करना मुश्किल है।
शासन भले ही लोगों को शुद्ध जल घर-घर पहुंचाने के लिए तमाम योजनाएं चला रही है, लेकिन शहर में पांच वर्ष से बिना कवर्ड के खुले हुए सीडब्ल्यूआर (स्वच्छ जलाशय) से पानी की आपूर्ति की जा रही है। इस जलाशय से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति करना विभाग के लिए चुनौती बना है। हालत यह है कि तीन सीडब्ल्यूआर में तीनों खराब पड़े हैं। इनमें दो का उपयोग न होने से गंदगी पसरी है। वहीं एक का उपयोग किया जा रहा है, जो पांच वर्ष से खुला पड़ा हुआ था। ऐसे में इसमें से सप्लाई होने वाले पानी की शुद्धता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
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यह है सीडब्ल्यूआर
शहर के गोविंद सागर बांध से कच्चा पानी उठाया जाता है। इसके बाद पानी को ट्रीटमेंट प्लांट में डाला जाता है। जहां से शुद्ध पेयजल को सीडब्ल्यूआर (क्लीन वाटर रिवाइवल) में एकत्रित किया जाता है। इसके बाद पंप से उठाकर पाइप लाइनों के माध्यम से विभिन्न मोहल्लों की टंकियों में पहुंचाया जाता है, जहां से विभिन्न मोहल्लों में घर-घर तक पानी पहुंचता है।
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डोडाघाट स्थित सीडब्ल्यूआर लंबे समय से जीर्ण-शीर्ण है। इसकी मरम्मत के लिए शासन से स्वीकृति मिल गई है। जल निगम द्वारा जल्द ही मरम्मत कराई जाएगी।
- शिवराज सिंह, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान
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ललितपुर। जल संस्थान के लोअर जोन की आपूर्ति को डोड़ाघाट में बने सीडब्ल्यूआर (स्वच्छ जलाशय) पांच वर्ष पूर्व शहजाद नदी में आई बाढ़ से क्षतिग्रस्त अवस्था में पड़े हैं। यहां तीन सीडब्ल्यूआर हैं जो बदहाल दशा में हैं। इसमें एक मात्र से ही पेयजल आपूर्ति की जा रही है, जिसकी भी कवर्ड पूरी तरह से गायब हो गई है। ऐसे में विभाग को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति करना मुश्किल है।
शासन भले ही लोगों को शुद्ध जल घर-घर पहुंचाने के लिए तमाम योजनाएं चला रही है, लेकिन शहर में पांच वर्ष से बिना कवर्ड के खुले हुए सीडब्ल्यूआर (स्वच्छ जलाशय) से पानी की आपूर्ति की जा रही है। इस जलाशय से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति करना विभाग के लिए चुनौती बना है। हालत यह है कि तीन सीडब्ल्यूआर में तीनों खराब पड़े हैं। इनमें दो का उपयोग न होने से गंदगी पसरी है। वहीं एक का उपयोग किया जा रहा है, जो पांच वर्ष से खुला पड़ा हुआ था। ऐसे में इसमें से सप्लाई होने वाले पानी की शुद्धता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
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यह है सीडब्ल्यूआर
शहर के गोविंद सागर बांध से कच्चा पानी उठाया जाता है। इसके बाद पानी को ट्रीटमेंट प्लांट में डाला जाता है। जहां से शुद्ध पेयजल को सीडब्ल्यूआर (क्लीन वाटर रिवाइवल) में एकत्रित किया जाता है। इसके बाद पंप से उठाकर पाइप लाइनों के माध्यम से विभिन्न मोहल्लों की टंकियों में पहुंचाया जाता है, जहां से विभिन्न मोहल्लों में घर-घर तक पानी पहुंचता है।
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डोडाघाट स्थित सीडब्ल्यूआर लंबे समय से जीर्ण-शीर्ण है। इसकी मरम्मत के लिए शासन से स्वीकृति मिल गई है। जल निगम द्वारा जल्द ही मरम्मत कराई जाएगी।
- शिवराज सिंह, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान