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आपूर्ति के लायक नहीं बचा जल संस्थान का सीडब्ल्यूआर

Thu, 10 Dec 2020 01:44 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 10 Dec 2020 01:44 AM IST
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jal coarporation water supply cwr not sufficiate
ललितपुर। लोअर जोन के सीडब्ल्यूआर (स्वच्छ जलाशय) अब आपूर्ति के लायक नहीं बचे हैं। शहजाद नदी में आई बाढ़ की चपेट में आने से दो साल पहले पटेल नगर का सीडब्ल्यूआर टैैंक क्षतिग्रस्त हुआ था जो उसी अवस्था में है। वहीं, मोहल्ला चौबयाना, महावीरपुरा का सीडब्ल्यूआर टैंक भी जीर्ण-शीर्ण हो चुका है। इन हालात में शहर की जलापूर्ति दुरुस्त नहीं हो पा रही है।
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शासन ने हर घर जल पहुंचाने के लिए कई योजनाएं चला रखी हैं। इनमें अमृत योजना, हर घर जल योजना, उप्र अटल भूजल योजना आदि शामिल हैं। वहीं, शहर में आपूर्ति करने वाले जल संस्थान का ढांचा चरमराता जा रहा है। वर्ष 2018 के अगस्त माह में नदी में आई बाढ़ की चपेट में आने से पटेल नगर का 3200 किलोलीटर का सीडब्ल्यूआर क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके पुनर्निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इसमें विभाग को अभी तक धनराशि उपलब्ध नहीं हो पाई है। इस सीडब्ल्यूआर से मोहल्ला गोविंद नगर, पटेल, शांति नगर में जलापूर्ति की जाती थी। वर्तमान में आपूर्ति को सुचारू रखने के लिए नेहरू नगर के सीडब्ल्यूआर को उपयोग में लिया जा रहा है।
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लोअर जोन की कसाई मंडी टंकी को भरने वाला सीडब्ल्यूआर आपूर्ति के लायक नहीं बचा है। इस टंकी से मोहल्ला चौबयाना, महावीरपुरा, सरदारपुरा सहित कई मोहल्लों में आपूर्ति की जाती है। इसके मद्देनजर जुलाई माह में अवर अभियंता राहुल सिंह ने अधिशासी अभियंता जल संस्थान को पत्र लिखा था। इसमें बताया गया है कि नगर क्षेत्र अंतर्गत डोंडाघाट स्थित 315 किलोलीटर का सीडब्ल्यूआर अत्यंत जीर्णशीर्ण है। इसके मरम्मत की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में होने वाली पेयजल समस्या एवं जनाक्रोश से बचा जा सके। इस दौरान उन्होंने स्थलीय जांच कर अपनी रिपोर्ट कार्रवाई के लिए प्रस्तुत की थी, तब से लेकर अभी तक कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी है। ऐसे में विभाग को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति करना चुनौती बन गया है।
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इसे रहते है सीडब्ल्यूआर
गोविंद सागर बांध से कच्चा पानी उठाकर इसे ट्रीटमेंट प्लांट में लिया जाता है। यहां से शुद्ध पेयजल को सीडब्ल्यूआर (क्लीन वाटर रिवाइवल) में एकत्रित किया जाता है। इस पानी को पाइप लाइनों के माध्यम से विभिन्न मोहल्लों की टंकियों में पहुंचाया जाता है। इसके उपरांत टंकियों का पानी घरों तक पहुंचता है।

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डोडाघाट स्थित सीडब्ल्यूआर जीर्ण-शीर्ण हो गया है। बीते माहों में नए सिरे से इसके निर्माण के लिए धनराशि शासन से मांगी गई थी। अब इस संबंध में शासन को रिमांइडर लिखा जा रहा है। संजीव कुमार, अधिशासी अभियंता
जल संस्थान

जल संस्थान में स्थित पंप हाऊस

जल संस्थान में स्थित पंप हाऊस- फोटो : LALITPUR

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