{"_id":"5e51815c8ebc3ef3887debb5","slug":"inlegall-khanan-in-lalitpur-taldehate-news-jhs160790440","type":"story","status":"publish","title_hn":"रोक के बाद भी जारी है अवैध खनन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रोक के बाद भी जारी है अवैध खनन
विज्ञापन
कैप्सन - 3 - डंपर भरती जेसीबी मशीन
- फोटो : TALDEHATE
तालबेहट। ग्राम सभाओं की जमीन पर रोक के बावजूद भी अवैध खनन किया जा रहा है। इसे योजनाबद्ध तरीके से अंजाम देकर शासन को राजस्व का चूना लगाया जा रहा है, वहीं खनन कारोबारी मालामाल हो रहे हैं।
पहले खाली पड़ी सरकारी जमीन के आसपास के किसानों से मिट्टी उठाने की लिखा-पढ़ी कराई जाती है और फिर इसके बाद सरकारी जमीनों का दोहन शुरू हो जाता है। इससे ठेकेदारों को अपने बचाव का रास्ता भी मिल जाता है और किसानों को लिखा-पढ़ी के एवज में कुछ रकम मिल जाती है। इससे ग्राम सभा की जमीनों का वजूद समाप्त होता जा रहा है।
झांसी से बीना के मध्य रेलवे की तीसरी लाइन डालने का कार्य चल रहा है। इसके लिए जमीन समतलीकरण का कार्य भी हो रहा है, जिसमें भारी मात्रा में मिट्टी का उपयोग हो रहा है। क्षेत्र में किसानों के पास अनुपयोगी जमीन बहुत कम रह गई है। केवल ग्रामसभा की जमीन खाली पड़ी है। इस कारण ठेकेदारों के पास रेलवे की जमीन समतल करने के लिए केवल किसानों की जमीन ही शेष बचती है। सरकारी जमीन बिना विभागीय अनुमति के उठा नहीं सकते हैं। इतनी अधिक मिट्टी की अनुमति देना विभागीय बूते की बात नहीं है।
विज्ञापन
जांच में हकीकत आ सकती है सामने
इस कार्य में खरीदी गई जमीनों के रिकार्ड की जांच कराई जाए तो हकीकत सामने आ सकती है। क्योंकि, जिन किसानों से लिखा-पढ़ी दिखाई जा रही है, उनके खेतों में पहले की भांति ही फसलें लहलहा रही हैं।
- अभी मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया है। मैं पूरे मामले को दिखवाता हू़ं। किसी भी दशा में सरकारी जमीन से मिट्टी का उठान नहीं करने दिया जाएगा।
- मो. कमर, उपजिलाधिकारी
विज्ञापन
पहले खाली पड़ी सरकारी जमीन के आसपास के किसानों से मिट्टी उठाने की लिखा-पढ़ी कराई जाती है और फिर इसके बाद सरकारी जमीनों का दोहन शुरू हो जाता है। इससे ठेकेदारों को अपने बचाव का रास्ता भी मिल जाता है और किसानों को लिखा-पढ़ी के एवज में कुछ रकम मिल जाती है। इससे ग्राम सभा की जमीनों का वजूद समाप्त होता जा रहा है।
विज्ञापन
झांसी से बीना के मध्य रेलवे की तीसरी लाइन डालने का कार्य चल रहा है। इसके लिए जमीन समतलीकरण का कार्य भी हो रहा है, जिसमें भारी मात्रा में मिट्टी का उपयोग हो रहा है। क्षेत्र में किसानों के पास अनुपयोगी जमीन बहुत कम रह गई है। केवल ग्रामसभा की जमीन खाली पड़ी है। इस कारण ठेकेदारों के पास रेलवे की जमीन समतल करने के लिए केवल किसानों की जमीन ही शेष बचती है। सरकारी जमीन बिना विभागीय अनुमति के उठा नहीं सकते हैं। इतनी अधिक मिट्टी की अनुमति देना विभागीय बूते की बात नहीं है।
विज्ञापन
जांच में हकीकत आ सकती है सामने
इस कार्य में खरीदी गई जमीनों के रिकार्ड की जांच कराई जाए तो हकीकत सामने आ सकती है। क्योंकि, जिन किसानों से लिखा-पढ़ी दिखाई जा रही है, उनके खेतों में पहले की भांति ही फसलें लहलहा रही हैं।
- अभी मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया है। मैं पूरे मामले को दिखवाता हू़ं। किसी भी दशा में सरकारी जमीन से मिट्टी का उठान नहीं करने दिया जाएगा।
- मो. कमर, उपजिलाधिकारी