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पहल : जीवनदायिनी बनेगी बंडई नदी, अविरलता के लिए होंगे पुनरुद्धार कार्य
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गर्मियों में भी बहेगा पानी, किसानों को होगा लाभ, कार्ययोजना बनाने में जुटे कई विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। आकांक्षात्मक ब्लॉक मड़ावरा के धौरीसागर क्षेत्र में बहने वाली करीब 23 किलोमीटर लंबी बंडई नदी को पुनर्जीवित किया जाएगा। इसके लिए नदी की सिल्ट निकाली जाएगी। कैचमेंट एरिया में पौधरोपण किया जाएगा। इसके लिए छह विभाग अपनी-अपनी कार्ययोजना बनाने में जुटे हुए हैं। नदी के पुनर्जीवित होने से इसमें गर्मी के दिनों में पानी बहेगा। इसका लाभ इस क्षेत्र के 12 से अधिक गांव के सैकड़ों किसानों को सिंचाई के रूप में मिलेगा।
जनपद को बांधों और नदियों का जिला कहा जाता है। यहां 14 बांध परियोजनाएं हैं। जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में तीन प्रमुख नदियां बेतवा, धसान, जामनी सहित करीब 25 नदियां बहती हैं। इन्हीं में से एक बंडई नदी है, जो जिले के आकांक्षात्मक ब्लॉक मड़ावरा के धौरीसागर क्षेत्र में बहती है। यह नदी मध्य प्रदेश की सीमा के समीप स्थित बनगुवां के बंडई की पहाड़ियों से निकलती है और करीब 15 से 20 किलोमीटर का सफर तय करते हुए धौरीसागर क्षेत्र से गुजरते हुए बंडई बांध में जाकर मिलती है।
मानसून सीजन में यह नदी पूरे उफान पर बहती है। गर्मी के दिनों में इसमें पानी कम हो जाता है और कहीं-कहीं सूख जाती है। जनपद में जल संरक्षण को लेकर जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे कार्यों के क्रम में इन नदी को पुनर्जीवित करने की पहल शुरू की गई है। ब्लॉक स्तर पर इसका सर्वे कराया गया है। इसमें बारई, बनगुवां, ठनगना, उल्दना खुर्द गांव के स्थलों में नदी की सिल्ट हटने पर पुराने जलस्रोतों के खुलने की संभावना जताई गई थी।
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जनपद के छह विभाग राजस्व, पर्यावरण, मनरेगा, वन विभाग, भूमि संरक्षण और कृषि विभाग कार्ययोजना बना रहे हैं। यह काम जिला गंगा समिति के साथ मिलकर किया जा रहा है। जगह-जगह पानी संरक्षित करने के लिए तटबंध और बंधी बनेगी। करीब 150-200 हेक्टेयर भूमि सिंचित होने की संभावना है। गर्मी के दिनों में नदी में पानी बहने से मवेशी और जंगली जानवर भी अपनी प्यास बुझा सकेंगे।
नदी की बढ़ेगी सुंदरता, सैलानी होंगे आकर्षित
बंडई नदी के पानी को साफ व स्वच्छ किया जाएगा। इसके साथ में नदी के आसपास पर्यटन की संभावनाएं तलाशकर उन्हें विकसित किया जाएगा। इससे यहां पर सैलानी आ सकें और अपना मनोरंजन कर सकें।
यह विभाग करेंगे काम
राजस्व विभाग : नदी का सीमांकन करेगा
पर्यावरण विभाग : नाले व गंदगी को साफ करवाएगा।
मनरेगा : नाले को गहरा, बंधी बनाने सहित पानी बढ़ाने का काम किया जाएगा
वन विभाग : नदी के तटबंधों पर पौधरोपण कराएगा
भूमि संरक्षण विभाग : माइक्रो वाटर सैड प्लान बनाएगा।
कृषि विभाग : सिंचाई के साधन का काम कराएगा।
वर्जन
जिलाधिकारी के निर्देशन में बंडई नदी का जीर्णोद्धार करने के लिए कई विभाग अपनी-अपनी कार्ययोजना तैयार कर रहे हैं। इसके बनने के बाद आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। - रमेश कुमार यादव, उपायुक्त डीसी मनरेगा (अब वीबी जी राम जी)
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। आकांक्षात्मक ब्लॉक मड़ावरा के धौरीसागर क्षेत्र में बहने वाली करीब 23 किलोमीटर लंबी बंडई नदी को पुनर्जीवित किया जाएगा। इसके लिए नदी की सिल्ट निकाली जाएगी। कैचमेंट एरिया में पौधरोपण किया जाएगा। इसके लिए छह विभाग अपनी-अपनी कार्ययोजना बनाने में जुटे हुए हैं। नदी के पुनर्जीवित होने से इसमें गर्मी के दिनों में पानी बहेगा। इसका लाभ इस क्षेत्र के 12 से अधिक गांव के सैकड़ों किसानों को सिंचाई के रूप में मिलेगा।
जनपद को बांधों और नदियों का जिला कहा जाता है। यहां 14 बांध परियोजनाएं हैं। जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में तीन प्रमुख नदियां बेतवा, धसान, जामनी सहित करीब 25 नदियां बहती हैं। इन्हीं में से एक बंडई नदी है, जो जिले के आकांक्षात्मक ब्लॉक मड़ावरा के धौरीसागर क्षेत्र में बहती है। यह नदी मध्य प्रदेश की सीमा के समीप स्थित बनगुवां के बंडई की पहाड़ियों से निकलती है और करीब 15 से 20 किलोमीटर का सफर तय करते हुए धौरीसागर क्षेत्र से गुजरते हुए बंडई बांध में जाकर मिलती है।
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मानसून सीजन में यह नदी पूरे उफान पर बहती है। गर्मी के दिनों में इसमें पानी कम हो जाता है और कहीं-कहीं सूख जाती है। जनपद में जल संरक्षण को लेकर जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे कार्यों के क्रम में इन नदी को पुनर्जीवित करने की पहल शुरू की गई है। ब्लॉक स्तर पर इसका सर्वे कराया गया है। इसमें बारई, बनगुवां, ठनगना, उल्दना खुर्द गांव के स्थलों में नदी की सिल्ट हटने पर पुराने जलस्रोतों के खुलने की संभावना जताई गई थी।
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जनपद के छह विभाग राजस्व, पर्यावरण, मनरेगा, वन विभाग, भूमि संरक्षण और कृषि विभाग कार्ययोजना बना रहे हैं। यह काम जिला गंगा समिति के साथ मिलकर किया जा रहा है। जगह-जगह पानी संरक्षित करने के लिए तटबंध और बंधी बनेगी। करीब 150-200 हेक्टेयर भूमि सिंचित होने की संभावना है। गर्मी के दिनों में नदी में पानी बहने से मवेशी और जंगली जानवर भी अपनी प्यास बुझा सकेंगे।
नदी की बढ़ेगी सुंदरता, सैलानी होंगे आकर्षित
बंडई नदी के पानी को साफ व स्वच्छ किया जाएगा। इसके साथ में नदी के आसपास पर्यटन की संभावनाएं तलाशकर उन्हें विकसित किया जाएगा। इससे यहां पर सैलानी आ सकें और अपना मनोरंजन कर सकें।
यह विभाग करेंगे काम
राजस्व विभाग : नदी का सीमांकन करेगा
पर्यावरण विभाग : नाले व गंदगी को साफ करवाएगा।
मनरेगा : नाले को गहरा, बंधी बनाने सहित पानी बढ़ाने का काम किया जाएगा
वन विभाग : नदी के तटबंधों पर पौधरोपण कराएगा
भूमि संरक्षण विभाग : माइक्रो वाटर सैड प्लान बनाएगा।
कृषि विभाग : सिंचाई के साधन का काम कराएगा।
वर्जन
जिलाधिकारी के निर्देशन में बंडई नदी का जीर्णोद्धार करने के लिए कई विभाग अपनी-अपनी कार्ययोजना तैयार कर रहे हैं। इसके बनने के बाद आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। - रमेश कुमार यादव, उपायुक्त डीसी मनरेगा (अब वीबी जी राम जी)