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ब्रेक डाउन की सूचना देने में बिजली विभाग निष्क्रिय
amarujala
Updated Tue, 18 Jul 2017 12:52 AM IST
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- फोटो : demo
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ललितपुर। एसएमएस से ब्रेक डाउन की सूचना उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराने में बिजली विभाग निष्क्रिय साबित हो रहा है। प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने विद्युत आपूर्ति सुधारने को प्रमुख सचिव को हर रोज ब्रेक डाउन, फाल्ट और ट्रिपिंग की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं।
शासन की मंशानुरुप निर्धारित रोस्टर से विद्युत आपूर्ति करनेरऔर स्वीकृत परियोजनाओं की लक्ष्य के अनुरुप समयबद्घ तरीके से प्रगति सुनिश्चित करने के संबंध में एक सप्ताह वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रमुख सचिव ने विद्युत व्यवस्था में सुधार को विद्युत अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए हैं। बताया गया कि रोस्टर के अनुसार विद्युत आपूर्ति की दिशा में तो अच्छे प्रयास किए गए हैं, लेकिन अभी भी ब्रेक डाउनप को यथाशीघ्र अटैंड करने और ब्रेक डाउन की संभावित अवधि को एसएमएस व अन्य माध्यमों से उपभोक्ताओं को संसूचित करने की दिशा में काफी सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने निर्देशित किया कि इस दिशा में बड़े नगरों में ट्रिपिंग की मॉनीटरिंग प्रबंध निदेशक और छोटे नगरों में मुख्य अभियंता स्तर से की जाए, ताकि वास्तविक स्थिति का पता लगाकर रोस्टर के अनुसार उपभोक्ताओं को अधिक से अधिक बिजली आपूर्ति दी जा सके। जनपद में ब्रेक डाउन और ओसीबी एवं वीसीबी मशीनों की ट्रिपिंग व्यवस्था काफी खराब है। कई मशीनों में ब्रेक डाउन एक ही दिन में दर्जनों बार हो जाते हैं, जबकि करीब आधा सैकड़ा ट्रिपिंग पर मशीनों का मेंटीनेंस किया जरुरी होता है। वहीं ओवरलोड या अन्य कारणों के चलते ब्रेक डाउन व फाल्ट भी हर फीडरों पर औसतन दिन में आधा दर्जन से अधिक बार होते हैं। जबकि इतनी ही बार अलग से शटडाउन लेकर भी विद्युत कार्य कराए जाते हैं। ऐसे में जहां जनपद में शहरी क्षेत्र में चौबीस घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 20 घंटे बिजली आपूर्ति के आदेश के बाद भी घंटों बिजली गुल रहती है और उपभोक्ताओं को पर्याप्त बिजली नहीं मिल पाती है। वीडियो कांफ्रेंसिंग में जनपदवार विद्युत आंकलन में ब्रेक डाउन अटैंड करने और एसएमएस से उपभोक्ताओं को ब्रेक डाउन की सूचना को प्रमुख सचिव ने गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को समीक्षा करने के दिशा निर्देश जारी किए हैं।
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शासन की मंशानुरुप निर्धारित रोस्टर से विद्युत आपूर्ति करनेरऔर स्वीकृत परियोजनाओं की लक्ष्य के अनुरुप समयबद्घ तरीके से प्रगति सुनिश्चित करने के संबंध में एक सप्ताह वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रमुख सचिव ने विद्युत व्यवस्था में सुधार को विद्युत अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए हैं। बताया गया कि रोस्टर के अनुसार विद्युत आपूर्ति की दिशा में तो अच्छे प्रयास किए गए हैं, लेकिन अभी भी ब्रेक डाउनप को यथाशीघ्र अटैंड करने और ब्रेक डाउन की संभावित अवधि को एसएमएस व अन्य माध्यमों से उपभोक्ताओं को संसूचित करने की दिशा में काफी सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने निर्देशित किया कि इस दिशा में बड़े नगरों में ट्रिपिंग की मॉनीटरिंग प्रबंध निदेशक और छोटे नगरों में मुख्य अभियंता स्तर से की जाए, ताकि वास्तविक स्थिति का पता लगाकर रोस्टर के अनुसार उपभोक्ताओं को अधिक से अधिक बिजली आपूर्ति दी जा सके। जनपद में ब्रेक डाउन और ओसीबी एवं वीसीबी मशीनों की ट्रिपिंग व्यवस्था काफी खराब है। कई मशीनों में ब्रेक डाउन एक ही दिन में दर्जनों बार हो जाते हैं, जबकि करीब आधा सैकड़ा ट्रिपिंग पर मशीनों का मेंटीनेंस किया जरुरी होता है। वहीं ओवरलोड या अन्य कारणों के चलते ब्रेक डाउन व फाल्ट भी हर फीडरों पर औसतन दिन में आधा दर्जन से अधिक बार होते हैं। जबकि इतनी ही बार अलग से शटडाउन लेकर भी विद्युत कार्य कराए जाते हैं। ऐसे में जहां जनपद में शहरी क्षेत्र में चौबीस घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 20 घंटे बिजली आपूर्ति के आदेश के बाद भी घंटों बिजली गुल रहती है और उपभोक्ताओं को पर्याप्त बिजली नहीं मिल पाती है। वीडियो कांफ्रेंसिंग में जनपदवार विद्युत आंकलन में ब्रेक डाउन अटैंड करने और एसएमएस से उपभोक्ताओं को ब्रेक डाउन की सूचना को प्रमुख सचिव ने गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को समीक्षा करने के दिशा निर्देश जारी किए हैं।
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