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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   In one year, 300 youth and teenagers under 30 years of age suffered heart attacks.

Lalitpur News: एक साल में 30 साल से कम उम्र के 300 युवा, किशोरों को पड़ा हार्ट अटैक

Fri, 29 Sep 2023 01:03 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 29 Sep 2023 01:03 AM IST
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In one year, 300 youth and teenagers under 30 years of age suffered heart attacks.
टैग: विश्व ह्रदय दिवस
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- मेडिकल कॉलेज और निजी अस्पताल में हुए भर्ती, ज्यादातर धूम्रपान के आदी
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। एक साल में 30 साल से कम उम्र के 300 युवा और किशोरों को हार्ट अटैक पड़ा है। मेडिकल कॉलेज और निजी अस्पताल में इनका इलाज हुआ। इनमें ज्यादातर धूम्रपान करने के आदी हैं। इनमें से कइयों की जीवनभर दवाएं चलेंगी।
ह्रदय हमारे शरीर का एक अहम अंग है, जो शरीर में ऑक्सीजन और पोषक तत्वों से भरपूर रक्त पंप करता है। इसके चारों तरफ की कोरोनरी धमनियां हृदय को रक्त से पोषित रखती हैं। कोरोनरी धमनी रोग अथवा दिल की नसों में ब्लॉकेज हृदय की बीमारी का सबसे आम प्रकार है। यह दुनियाभर में सबसे चर्चित और प्रमुख जानलेवा बीमारी है। यह बीमारी कोरोनरी धमनियों में कोलेस्ट्राॅल जमने से होती है। जब नस शत-प्रतिशत ब्लॉक हो जाती है, तब हार्ट अटैक पड़ जाता है। डॉक्टरों के मुताबिक पहले हार्ट अटैक ज्यादातर 40 साल से अधिक आयु के लोगों को होता था। मगर अब बिगड़ी दिनचर्या और खासकर सिगरेट, बीड़ी आदि का सेवन करने से 30 साल या इससे कम उम्र के लोग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। झांसी में पिछले एक साल में 30 या इससे कम उम्र के 300 युवाओं को हार्ट अटैक पड़ चुका है।
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हार्ट अटैक के कारण ..........................- मोटापा, मधुमेह
- उच्च कोलेस्ट्राल
- धूम्रपान, शराब का सेवन
- उच्च रक्तचाप
- भौतिक निष्क्रियता
- परिवार में किसी को ये बीमारी हो



ऐसे कर सकते बचाव
...........................
- संतुलित आहार का सेवन
- नियमित व्यायाम
- धूम्रपान, शराब का सेवन न करें।
- रक्तचाप, मधुमेह को नियंत्रित रखें।
- मानसिक तनाव से दूर रहें।
- छह से आठ घंटे की नींद जरूर लें।

ये हैं मामले
...............
30 फीसदी काम कर रहा था 15 साल की किशोरी का दिल
ललितपुर की 15 साल की किशोरी को हार्ट अटैक पड़ने पर निजी अस्तपाल में भर्ती कराया गया। उसे चार-पांच दिन से सीने में दर्द बना था। वाल्व लीकेज थे और 30 फीसदी दिल काम कर रहा था। जान बचाने के लिए डॉक्टर को शॉक भी देना पड़ा।
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22 वर्षीय युवक की एंजियोप्लास्टी कर बचाई जान
22 साल के युवक को घर में नहाते समय हार्ट अटैक पड़ गया। परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे तो उसकी दो नसें ब्लॉक थीं। वह कई सालों से सिगरेट पीने का आदी था। डॉक्टर ने एंजियोप्लास्टी करके मरीज की जान बचाई।

वर्जन..
30 साल या इससे कम उम्र के हार्ट अटैक के 250 मरीज भर्ती हुए हैं। इसमें ज्यादातर सिगरेट पीने के शौकीन हैं। धूम्रपान करने से ह्रदय में प्लेटलेट्स सक्रिय हो जाती हैं। नसें सिकुड़न लगती हैं। नसों में जमा कोलेस्ट्राल खून के संपर्क में आकर थक्का जमाता है। फिर हार्ट अटैक पड़ जाता है। - डॉ. निर्देश जैन, ह्रदय रोग विशेषज्ञ।


मेडिकल कॉलेज में साल भर में 20 से कम उम्र के पांच और 20 से 30 साल के 20 मरीज हार्ट अटैक के भर्ती हुए हैं। ज्यादातर युवाओं में दिल का दौरा पड़ने का मुख्य कारण धूम्रपान करना है। - डॉ. आलोक शर्मा, कार्डियोलॉजिस्ट, मेडिकल कॉलेज।
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