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Lalitpur News: अभी नहीं चेते तो गर्मियों में आधी आबादी को पड़ेंगे पेयजल के लाले
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जल संस्थान के जिम्मेदार यदि अभी से नहीं चेते तो गर्मियों में शहर की आधी आबादी को पेयजल संकट से जूझना पड़ेगा। कारण, आठ मोहल्लों में अभी तक पाइपलाइन नहीं पड़ सकी है, वहीं 10 मोहल्ले के ऊंचाई पर होने के कारण वहां अक्सर पानी की सप्लाई बाधित रहती है। गर्मियों में जलस्तर गिरने से हैंडपंप साथ छोड़ देते हैं। ऐसे में टैंकरों का ही सहारा बचता है। वर्तमान में 18 टैंकर खराब पड़े हैं।
शहर की आधी आबादी के लिए अब तक पेयजल आपूर्ति व्यवस्था शुरू नहीं हो सकी है। गर्मियों के मौसम में अधिकांश हैंडपंप पानी देना बंद कर देते हैं। टैंकर भी पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध नहीं करा पाते, ऐसे में लोगों को एक किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ता है। यह हर साल की कहानी है। इस बार भी इन मोहल्लों में रहने वाले करीब 30109 परिवारों को पानी की किल्लत झेलनी पड़ सकती है।
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28 में 18 टैंकर पड़े खराब
जल संस्थान के पास 28 टैंकर हैं, इनमें 18 खराब पड़े हैं। कइयों में टायर नहीं है और वे पत्थरों पर लटक रहे हैं तो कई जंग के चलते क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इनसे पेयजल आपूर्ति तो दूर ये चलने लायक तक नहीं हैं। महज दस टैंकर ठीक हैं, जो पर्याप्त मात्रा में जल की आपूर्ति नहीं कर सकेंगे।
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इन मोहल्लों में रहती पेयजल की किल्लत
रामनगर, विवेकनगर, लेखपाल कॉलोनी, पनारी, सुरईघाट, आरएमवी कॉलोनी, पिसनारी, हरदीला, खिरकापुरा, पठापुरा, विष्णुपुरा, रावतयाना, नईबस्ती, चांदमारी, सिद्दनपुरा, नेहरूनगर, जुगपुरा के कुछ हिस्से सहित 18 मोहल्लों में पेयजल की किल्लत रहती है।
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फैक्ट फाइल
- प्रति व्यक्ति प्रतिदिन पानी की जरूरत - 150 लीटर
- पेयजल समस्या से ग्रसित मोहल्ले - 18
- कुल टैंकर - 28
- खराब टैंकर - 18
- हैंडपंप की संख्या - 1586
- सही हैंडपंप की संख्या- 1489
- कनेक्शनों की आवश्यकता - 44988
- शहर में कनेक्शन की संख्या- 14879
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शहर में अमृत योजना 0.2 के अंतर्गत 143 करोड़ का प्रस्ताव स्वीकृत हो गया है। टेंडर हो गया है, कार्य जल्द ही शुरू किया जाएगा। 15 माह में कार्य पूर्ण होने के बाद आपूर्ति शुरू हो जाएगी।
- मुकेश पाल, अधिशासी अभियंता, जल निगम
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ललितपुर। जल संस्थान के जिम्मेदार यदि अभी से नहीं चेते तो गर्मियों में शहर की आधी आबादी को पेयजल संकट से जूझना पड़ेगा। कारण, आठ मोहल्लों में अभी तक पाइपलाइन नहीं पड़ सकी है, वहीं 10 मोहल्ले के ऊंचाई पर होने के कारण वहां अक्सर पानी की सप्लाई बाधित रहती है। गर्मियों में जलस्तर गिरने से हैंडपंप साथ छोड़ देते हैं। ऐसे में टैंकरों का ही सहारा बचता है। वर्तमान में 18 टैंकर खराब पड़े हैं।
शहर की आधी आबादी के लिए अब तक पेयजल आपूर्ति व्यवस्था शुरू नहीं हो सकी है। गर्मियों के मौसम में अधिकांश हैंडपंप पानी देना बंद कर देते हैं। टैंकर भी पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध नहीं करा पाते, ऐसे में लोगों को एक किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ता है। यह हर साल की कहानी है। इस बार भी इन मोहल्लों में रहने वाले करीब 30109 परिवारों को पानी की किल्लत झेलनी पड़ सकती है।
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28 में 18 टैंकर पड़े खराब
जल संस्थान के पास 28 टैंकर हैं, इनमें 18 खराब पड़े हैं। कइयों में टायर नहीं है और वे पत्थरों पर लटक रहे हैं तो कई जंग के चलते क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इनसे पेयजल आपूर्ति तो दूर ये चलने लायक तक नहीं हैं। महज दस टैंकर ठीक हैं, जो पर्याप्त मात्रा में जल की आपूर्ति नहीं कर सकेंगे।
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इन मोहल्लों में रहती पेयजल की किल्लत
रामनगर, विवेकनगर, लेखपाल कॉलोनी, पनारी, सुरईघाट, आरएमवी कॉलोनी, पिसनारी, हरदीला, खिरकापुरा, पठापुरा, विष्णुपुरा, रावतयाना, नईबस्ती, चांदमारी, सिद्दनपुरा, नेहरूनगर, जुगपुरा के कुछ हिस्से सहित 18 मोहल्लों में पेयजल की किल्लत रहती है।
फैक्ट फाइल
- प्रति व्यक्ति प्रतिदिन पानी की जरूरत - 150 लीटर
- पेयजल समस्या से ग्रसित मोहल्ले - 18
- कुल टैंकर - 28
- खराब टैंकर - 18
- हैंडपंप की संख्या - 1586
- सही हैंडपंप की संख्या- 1489
- कनेक्शनों की आवश्यकता - 44988
- शहर में कनेक्शन की संख्या- 14879
शहर में अमृत योजना 0.2 के अंतर्गत 143 करोड़ का प्रस्ताव स्वीकृत हो गया है। टेंडर हो गया है, कार्य जल्द ही शुरू किया जाएगा। 15 माह में कार्य पूर्ण होने के बाद आपूर्ति शुरू हो जाएगी।
- मुकेश पाल, अधिशासी अभियंता, जल निगम