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Lalitpur News: विद्यालय की कक्षाएं असुरक्षित हो तो बच्चों को न बैठाएं
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ललितपुर। राजस्थान में स्कूल की छत गिरने से बच्चों की मौत के बाद बेसिक शिक्षा विभाग सक्रिय हो गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी स्कूलों के प्रधानाध्यापक, इंचार्ज प्रधानाध्यापकों को पत्र जारी करते हुए कहा है कि अगर स्कूल भवन, कक्षा जर्जर हैं तो बच्चों को उसमें न बैठाया जाए। उन्हें किसी सुरक्षित कक्ष में बैठाकर कक्षाओं का संचालन किया जाए।
बीएसए रणवीर सिंह ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में करीब ढाई सौ विद्यालयों को जर्जर घोषित किया जा चुका है। इनके ध्वस्तीकरण के लिए नीलामी की प्रक्रिया चल रही है। जर्जर विद्यालयों में कक्षाओं का संचालन नहीं किया जाता है। इन दिनों बरसात का मौसम चल रहा है, इसलिए बच्चों की सुरक्षा को लेकर सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों, इंचार्ज प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिए हैं कि अगर स्कूल भवन, कक्षा जर्जर हैं तो बच्चों को इसमें न बैठाया जाए। विद्यालय की छतों से पानी टपकने, दीवारों में सीलन आने पर भी बच्चों को दूसरी कक्षाओं में बैठाकर पढ़ाया जाए।
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ये दिए गए निर्देश
- कोई भवन असुरक्षित प्रतीत होता है तो उसमें बच्चों को न बैठाएं।
-जर्जर भवन में ताला लगाकर उसे बंद कर दिया जाए।
-ताला न लगे तो जर्जर भवन पर लाल रंग से निष्प्रयोज्य लिखा जाए।
-मजदूर लगाकर छतों की सफाई कराई जाए, जिससे पानी छतों पर न ठहरे।
-स्कूल में पढ़ाई संभव न हो तो पंचायत भवन या किसी अन्य स्थान पर पढ़ाई कराएं।
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बारिश के मौसम में बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए सभी प्रधानाध्यापकों, इंचार्ज प्रधानाध्यापकों को जर्जर भवन, कक्ष या बरामदे में कक्षा का संचालन न करने के निर्देश दिए हैं। स्कूल में पढ़ाई संभव न होने पर पंचायत भवन या किसी अन्य स्थान पर पढ़ाई कराएं।
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रणवीर सिंह, बीएसए
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बीएसए रणवीर सिंह ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में करीब ढाई सौ विद्यालयों को जर्जर घोषित किया जा चुका है। इनके ध्वस्तीकरण के लिए नीलामी की प्रक्रिया चल रही है। जर्जर विद्यालयों में कक्षाओं का संचालन नहीं किया जाता है। इन दिनों बरसात का मौसम चल रहा है, इसलिए बच्चों की सुरक्षा को लेकर सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों, इंचार्ज प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिए हैं कि अगर स्कूल भवन, कक्षा जर्जर हैं तो बच्चों को इसमें न बैठाया जाए। विद्यालय की छतों से पानी टपकने, दीवारों में सीलन आने पर भी बच्चों को दूसरी कक्षाओं में बैठाकर पढ़ाया जाए।
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ये दिए गए निर्देश
- कोई भवन असुरक्षित प्रतीत होता है तो उसमें बच्चों को न बैठाएं।
-जर्जर भवन में ताला लगाकर उसे बंद कर दिया जाए।
-ताला न लगे तो जर्जर भवन पर लाल रंग से निष्प्रयोज्य लिखा जाए।
-मजदूर लगाकर छतों की सफाई कराई जाए, जिससे पानी छतों पर न ठहरे।
-स्कूल में पढ़ाई संभव न हो तो पंचायत भवन या किसी अन्य स्थान पर पढ़ाई कराएं।
बारिश के मौसम में बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए सभी प्रधानाध्यापकों, इंचार्ज प्रधानाध्यापकों को जर्जर भवन, कक्ष या बरामदे में कक्षा का संचालन न करने के निर्देश दिए हैं। स्कूल में पढ़ाई संभव न होने पर पंचायत भवन या किसी अन्य स्थान पर पढ़ाई कराएं।
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रणवीर सिंह, बीएसए