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Lalitpur News: दस खरीद केंद्रों पर बारदाना नहीं तो 15 केंद्रों के खुलने का इंतजार
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उन्नाव। जिले के फाइलेरिया विभाग में बायोलॉजिस्ट ने तीन साल तक सर्विस बुक नहीं दी और वाहन भत्ता उठाता रहा। इस संबंध में तत्कालीन मलेरिया अधिकारी ने कई बार पत्राचार भी किया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। महानिदेशालय से हुई जांच में मामला सामने आया है। इसके बाद स्वास्थ्य महानिदेशक ने वाहन भत्ता वसूलने के लिए सीएमओ को निर्देश दिए हैं।
बाराबंकी में बतौर फाइलेरिया निरीक्षक के रूप में तैनात केके गुप्ता का स्थानांतरण उन्नाव किया गया था। इसके बाद उन्नाव फाइलेरिया विभाग में 30 जुलाई 2021 में उन्होंने बायोलॉजिस्ट के पद पर कार्यभार संभाला। यहां तीन साल तक उन्होंने अपनी सर्विस बुक नहीं दी। तत्कालीन मलेरिया अधिकारी ने कई बार मामले की शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। काफी पत्राचार के बाद 22 सितंबर 2024 को सीएमओ के निर्देश पर सर्विस बुक उपलब्ध कराई। तब बायोलॉजिस्ट का जून 2024 से वाहन भत्ता काटकर वेतन जारी करने के निर्देश दिए गए थे।
10 साल गलत तरीके से उठाया वाहन भत्ता
बॉयोलॉजिस्ट केके गुप्ता लगातार 10 साल गलत तरीके से वाहन भत्ता उठाया। वाहन भत्ता चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को दिया जाता है। जबकि बायोलॉजिस्ट का पद तृतीय श्रेणी में आता है। यह रिपोर्ट सीएमओ कार्यालय से प्रदेश मुख्यालय तक पहुंची। इसके बाद मामले की जांच शुरू हुई। जांच में पूरा मामला खुलकर सामने आया।
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सीएमओ ने बाराबंकी सीएमओ को लिखा था पत्र
14 अगस्त 2024 को सीएमओ डॉ. सत्यप्रकाश ने बाराबंकी सीएमओ को पत्र भेजकर सर्विस बुक उपलब्ध कराने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि उन्नाव में फाइलेरिया नियंत्रण इकाई में तैनात बायोलॉजिस्ट पहले आपके अधीन कार्यरत थे। अभी तक उन्होंने सर्विस बुक उपलब्ध नहीं कराई। इससे उनके वेतन वृद्धि सहित कई प्रकार की कठिनाई हो रही हैं। सीएमओ ने सर्विस बुक उपलब्ध कराने की मांग की थी।
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बोले बायोलॉजिस्ट
बायोलॉजिस्ट केके गुप्ता ने बताया कि कोई जिला स्तर से उन्हें वाहन भत्ता नहीं मिल रहा था। शासन स्तर से भत्ता दिया जा रहा था, शासन जो भी कार्रवाई करेगा, उसका पालन किया जाएगा।
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बोले जिम्मेदार
मामला जानकारी में आया है, इसकी जांच चल रही है। जांच पूरी होने के बाद जो भी होगा, कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. जीपी गुप्ता, एडी लखनऊ मंडल
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सर्विस बुक उपलब्ध कराने के बाद जून 2024 से वाहन भत्ता काटकर वेतन जारी करने का निर्देश दिया गया था। अभी उनके पास वाहन भत्ता वसूली संबंधी निर्देश नहीं आया है। उच्चाधिकारियों से जो भी निर्देश मिलेगा, उसका पालन किया जाएगा।
- डॉ. सत्यप्रकाश, सीएमओ
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बाराबंकी में बतौर फाइलेरिया निरीक्षक के रूप में तैनात केके गुप्ता का स्थानांतरण उन्नाव किया गया था। इसके बाद उन्नाव फाइलेरिया विभाग में 30 जुलाई 2021 में उन्होंने बायोलॉजिस्ट के पद पर कार्यभार संभाला। यहां तीन साल तक उन्होंने अपनी सर्विस बुक नहीं दी। तत्कालीन मलेरिया अधिकारी ने कई बार मामले की शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। काफी पत्राचार के बाद 22 सितंबर 2024 को सीएमओ के निर्देश पर सर्विस बुक उपलब्ध कराई। तब बायोलॉजिस्ट का जून 2024 से वाहन भत्ता काटकर वेतन जारी करने के निर्देश दिए गए थे।
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10 साल गलत तरीके से उठाया वाहन भत्ता
बॉयोलॉजिस्ट केके गुप्ता लगातार 10 साल गलत तरीके से वाहन भत्ता उठाया। वाहन भत्ता चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को दिया जाता है। जबकि बायोलॉजिस्ट का पद तृतीय श्रेणी में आता है। यह रिपोर्ट सीएमओ कार्यालय से प्रदेश मुख्यालय तक पहुंची। इसके बाद मामले की जांच शुरू हुई। जांच में पूरा मामला खुलकर सामने आया।
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सीएमओ ने बाराबंकी सीएमओ को लिखा था पत्र
14 अगस्त 2024 को सीएमओ डॉ. सत्यप्रकाश ने बाराबंकी सीएमओ को पत्र भेजकर सर्विस बुक उपलब्ध कराने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि उन्नाव में फाइलेरिया नियंत्रण इकाई में तैनात बायोलॉजिस्ट पहले आपके अधीन कार्यरत थे। अभी तक उन्होंने सर्विस बुक उपलब्ध नहीं कराई। इससे उनके वेतन वृद्धि सहित कई प्रकार की कठिनाई हो रही हैं। सीएमओ ने सर्विस बुक उपलब्ध कराने की मांग की थी।
बोले बायोलॉजिस्ट
बायोलॉजिस्ट केके गुप्ता ने बताया कि कोई जिला स्तर से उन्हें वाहन भत्ता नहीं मिल रहा था। शासन स्तर से भत्ता दिया जा रहा था, शासन जो भी कार्रवाई करेगा, उसका पालन किया जाएगा।
बोले जिम्मेदार
मामला जानकारी में आया है, इसकी जांच चल रही है। जांच पूरी होने के बाद जो भी होगा, कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. जीपी गुप्ता, एडी लखनऊ मंडल
सर्विस बुक उपलब्ध कराने के बाद जून 2024 से वाहन भत्ता काटकर वेतन जारी करने का निर्देश दिया गया था। अभी उनके पास वाहन भत्ता वसूली संबंधी निर्देश नहीं आया है। उच्चाधिकारियों से जो भी निर्देश मिलेगा, उसका पालन किया जाएगा।
- डॉ. सत्यप्रकाश, सीएमओ