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Lalitpur News: मानसून में नहीं भरा गोविंद सागर बांध तो जाखलौन पंप कैनाल से होगा लबालब

Fri, 28 Aug 2026 12:54 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 28 Aug 2026 12:54 AM IST
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If Govind Sagar Dam does not fill up during the monsoon, it will be filled to the brim via the Jakhlon Pump Canal.
ललितपुर। मानसून सीजन में जून-जुलाई में सामान्य से कम बारिश होने के बाद अगस्त माह में भी गोविंद सागर 2.40 मीटर खाली पड़ा है। इसे देखते हुए सिंचाई विभाग ने गोविंद सागर बांध को जाखलौन पंप कैनाल से लबालब करने की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए सिंचाई विभाग ने संबंधित विभाग से पत्राचार किया है। जिसमें जाखलौन पंप कैनाल की देखरेख करने वाले सिंचाई निर्माण खंड प्रथम ने अगस्त माह में भी सामान्य से कम बारिश होने पर पंप कैनाल के जरिए गोविंद सागर बांध को भरने की बात कही है।
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शहजाद नदी पर निर्मित गोविंद सागर बांध जनपद के सबसे पुराने बांधों में शुमार है। इस बांध में प्राचीन पद्धति की साइफन प्रणाली है। बांध का पूर्ण जलस्तर 363.93 मीटर है। जबकि न्यूनतम जलस्तर 357.83 मीटर है। यह बांध आमलोगों के लिए जहां पेयजल तो वहीं किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराता है। बांध में भरने वाले पानी का 60 फीसदी हिस्सा फसलों की सिंचाई के लिए आरक्षित रखा गया है। जबकि बचे हुए पानी से शहर व रेलवे विभाग को पेयजल की आपूर्ति की जाती है। इस वर्ष जनपद में जून और जुलाई माह में सामान्य से कम बारिश हुई। इस कारण से मानसून सीजन के अगस्त माह में अब तक गोविंद सागर बांध का जलस्तर 361.52 मीटर ही पहुंच पाया है। जोकि 2.40 मीटर तक खाली है और यह सिर्फ 54.34 फीसदी ही भरा है। इस वर्ष बांध के उम्मीद के मुताबिक न भरने से किसानों के साथ-साथ शहर के लोग भी बेचैन व चितिंत हैं। आगामी रबी फसल की सिंचाई और लोगों को पेयजल के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने को सिंचाई विभाग ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिसमें गोविंद सागर बांध को बेतवा नदी पर बने जाखलौन पंप कैनाल के जरिए भरने की योजना तैयार की गई है। इसके लिए राजघाट निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता ने सिंचाई निर्माण खंड प्रथम को पत्र लिखकर राजघाट बांध से उत्सर्जित जाखलौन पंप कैनाल के माध्यम से बांध भरने की मांग की। उधर, इस पत्र के जवाब में सिंचाई निर्माण खंड प्रथम ने दूसरा पत्र भेजा। जिसमें बताया गया कि वर्तमान में मानसून सीजन चल रहा है और जिले में रुक-रुककर वर्षा हो रही है। आगे भी बारिश होने की संभावना है। पत्र में कहा गया कि अगस्त माह में सामान्य से कम बारिश होने पर सितंबर माह में जाखलौन पंप कैनाल को संचालित कराकर गोविंद सागर बांध को पूर्ण क्षमता से भर दिया जाएगा। इसको लेकर उच्चाधिकारियों ने भी वार्ता के दौरान सहमति व्यक्त की है। सिंचाई निर्माण खंड प्रथम से संतोषजनक जवाब मिलने के बाद अब राजघाट निर्माण खंड ने गोविंद सागर बांध को लेकर राहत की सांस ली है। वहीं बांध के लबालब होने से सिंचाई व पेयजल के लिए पानी सालभर बांध में बना रहेगा।
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ऐसे पहुंचाया जाएगा बांध में पानी
बेतवा नदी पर निर्मित जाखलौन पंप कैनाल के किलोमीटर 21.700 से निकले इस्केप पर 100 क्यूसेक पानी उपलब्ध कराया जाएगा। जोकि ककरुआ नाले के जरिए आगे गोविंद सागर बांध में पहुंचाया जाएगा।
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केन बेतवा लिंक परियोजना से बांध को मिलना है दो टीएमसी पानी
केन बेतवा लिंक परियोजना पूरी हो जाने के बाद झांसी और पारीछा सहित अन्य जनपदों में पानी की समस्या नहीं रहेगी। इसके बाद राजघाट बांध में यूपी के हिस्से का पानी बचा रहेगा। इस पर केन बेतवा लिंक परियोजना के तहत गोविंद सागर बांध को दो टीएमसी पानी दिया जाना निर्धारित है। दो टीएमसी पानी गोविंद सागर बांध में आ जाने से शहरी व आसपास के ग्रामीण इलाकों की पेयजल की समस्या काफी हद तक दूर हो सकेगी।
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बांध - वर्तमान जलस्तर - कुल भंडारण क्षमता - न्यूनतम भंडारण - वर्तमान भंडारण - वर्तमान में भरने का प्रतिशत
गोविंद सागर - 361.52 मी. - 96.84 एमसीएम - 16.80 एमसीएम - 54.34 एमसीएम - 56.10 प्रतिशत
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फैक्ट फाइल -
- कुल भंडारण क्षमता : 9684 एमसीएम
- नहर प्रणाली की लंबाई : 190 किलोमीटर
- कैचमेट एरिया : 367.78 वर्ग किलोमीटर
- सिंचित क्षमता : 10820 हेक्टेयर
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बांध के पानी का उपयोग - 31 एमएलडी
नगर की पेयजल आपूर्ति को - 12 एमएलडी
नेहरू नगर पाइप पेयजल परियोजना। - 0.2 एमएलडी रेलवे विभाग
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जाखलौन पंप कैनाल एक नजर में
- चार पंप से 300 क्यूसेक पानी छोड़ने की क्षमता
- 34.300 किलोमीटर मुख्य नहर
- 29834 हेक्टेयर सिंचाई क्षमता
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मानसून सीजन के बाद गोविंद सागर बांध के पर्याप्त न भरने पर इसे जाखलौन पंप कैनाल से भरा जाएगा। इसके लिए संबंधित विभाग से पत्राचार किया गया है। विभाग ने भी इसको लेकर सहमति दी है। हालांकि अभी मानसून का सीजन समाप्त नहीं हुआ है।

- जितेंद्र सिंह कनौजिया, अधीक्षण अभियंता, सिंचाई कार्यमंडल ललितपुर
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गोविंद सागर बांध के इस मानसून सीजन में क्षमता से नहीं भरने की संभावना को देखते हुए संबंधित विभाग ने जाखलौन पंप कैनाल से बांध भरने को पत्र दिया है। जिस पर डीएम और विभागीय उच्चाधिकारियों ने सहमति दे दी है। हालांकि अभी मानसून सीजन में बांध के भर जाने की उम्मीद है।
- अजय कुमार, अधिशासी अभियंता, सिंचाई निर्माण खंड प्रथम
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