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Lalitpur News: सजनाम और रोहिणी की सिल्ट का पता लगाने के लिए होगा हाइड्रोग्राफिक सर्वे
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ललितपुर। सजनाम और रोहिणी बांध में कितनी सिल्ट जमा हो चुकी है। इसका पता करने के लिए बांधों का हाइड्रोग्राफिक सर्वे कराया जाएगा। इसके लिए सिंचाई विभाग ने 84.96 लाख की कार्य योजना बनाई है। यह सर्वे आईआईटी रुड़की के द्वारा किया जाएगा।
तहसील महरौनी क्षेत्र में करीब 45 वर्ष पूर्व सजनाम बांध बना था। बांध का जलस्तर 371.20 मीटर है और न्यूनतम जलस्तर 367.20 मीटर है। बांध में कुल 83.50 एमसीएम पानी भंडारण की क्षमता है। इसी प्रकार धसान की सहायक नदी रोहिणी नदी पर वर्ष 1984 में रोहिणी बांध निर्मित हुआ था।
बांध का जलस्तर 396.39 मीटर अधिकतम जलस्तर है। 393.00 मीटर न्यूनतम जलस्तर है। बांध में पानी भंडारण करने की क्षमता 12.11 एमसीएम है।
इन दोनों बांधों से कैनाल के जरिए किसानों को सिंचाई व लोगों के लिए पेयजल उपलब्ध कराया जाता है। दोनों बांधों के करीब चालीस वर्ष पुराने होने के चलते वर्तमान समय में इनमें सिल्ट जमा हो गई। जिस कारण से यह दोनों बांध अपनी क्षमता के अनुसार जल संग्रहण नहीं कर पा रहे हैं।
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इन सभी बिंदुओं को देखते हुए बांध पुर्नवास एवं सुरक्षा के लिए सजनाम व रोहिणी बांध के लिए सिंचाई विभाग ने बाढ़ समीक्षा डिजाइन, हाइड्रोग्राफिक सर्वे, बांध टूटने का मॉडलिंग, सिल्ट और आपातकालीन कार्ययोजना के लिए 84.96 लाख रुपये की कार्ययोजना तैयार की।
यह सर्वे आईआईटी करेगा। इस सर्वे के जरिए यह पता चलेगा कि बांध में कितने मीटर तक सिल्ट जमा हो चुकी है और अन्य सुरक्षा की जानकारी होगी। इस सर्वे की रिपोर्ट को शासन स्तर पर भेजा जाएगा। जिसके बाद शासन इस रिपोर्ट पर आगे का काम करेगा।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार कार्ययोजना स्वीकृति और धनराशि जारी होने के बाद यह सर्वे कार्य किया जाएगा।
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तहसील महरौनी क्षेत्र में करीब 45 वर्ष पूर्व सजनाम बांध बना था। बांध का जलस्तर 371.20 मीटर है और न्यूनतम जलस्तर 367.20 मीटर है। बांध में कुल 83.50 एमसीएम पानी भंडारण की क्षमता है। इसी प्रकार धसान की सहायक नदी रोहिणी नदी पर वर्ष 1984 में रोहिणी बांध निर्मित हुआ था।
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बांध का जलस्तर 396.39 मीटर अधिकतम जलस्तर है। 393.00 मीटर न्यूनतम जलस्तर है। बांध में पानी भंडारण करने की क्षमता 12.11 एमसीएम है।
इन दोनों बांधों से कैनाल के जरिए किसानों को सिंचाई व लोगों के लिए पेयजल उपलब्ध कराया जाता है। दोनों बांधों के करीब चालीस वर्ष पुराने होने के चलते वर्तमान समय में इनमें सिल्ट जमा हो गई। जिस कारण से यह दोनों बांध अपनी क्षमता के अनुसार जल संग्रहण नहीं कर पा रहे हैं।
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इन सभी बिंदुओं को देखते हुए बांध पुर्नवास एवं सुरक्षा के लिए सजनाम व रोहिणी बांध के लिए सिंचाई विभाग ने बाढ़ समीक्षा डिजाइन, हाइड्रोग्राफिक सर्वे, बांध टूटने का मॉडलिंग, सिल्ट और आपातकालीन कार्ययोजना के लिए 84.96 लाख रुपये की कार्ययोजना तैयार की।
यह सर्वे आईआईटी करेगा। इस सर्वे के जरिए यह पता चलेगा कि बांध में कितने मीटर तक सिल्ट जमा हो चुकी है और अन्य सुरक्षा की जानकारी होगी। इस सर्वे की रिपोर्ट को शासन स्तर पर भेजा जाएगा। जिसके बाद शासन इस रिपोर्ट पर आगे का काम करेगा।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार कार्ययोजना स्वीकृति और धनराशि जारी होने के बाद यह सर्वे कार्य किया जाएगा।