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Lalitpur News: जामनी बांध में सिल्ट का पता लगाने के लिए होगा हाइड्रोग्राफिक सर्वे

Sun, 23 Jul 2023 12:53 AM IST
झांसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर Updated Sun, 23 Jul 2023 12:53 AM IST
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Hydrographic survey will be done to detect silt in Jamni Dam
ललितपुर। पचास साल की उम्र पूरी कर चुके जामनी बांध में कितनी सिल्ट जमा हो चुकी है। इसका पता करने के लिए बांध का हाइड्रोग्राफिक सर्वे कराया जाएगा। मानसून सीजन के बाद इस कार्य को कराए जाने की योजना सिंचाई विभाग ने बनाई है।
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तहसील महरौनी क्षेत्र में बेतवा नदी की सहायक जामनी नदी पर वर्ष 1973 में जामनी बांध निर्मित हुआ था। बांध का जलस्तर 403.55 मीटर है और न्यूनतम 396.39 मीटर है। बांध में पानी भरने की क्षमता 92.80 एमसीएम है। पानी निकासी के लिए छह गेट लगे हैं। 230 किलोमीटर लंबी दो कैनाल के जरिए किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाता है। इसके साथ बांध पर पेयजल योजना भी संचालित होती है। बांध करीब पचास वर्ष पुराना हो जाने के चलते वर्तमान समय में इसमें सिल्ट जमा हो गई। जिस कारण से बांध अपनी क्षमता के अनुसार जल संग्रहण नहीं कर पा रहा है। इन सभी बिंदुओं को देखते हुए विश्व बैंक की बांध पुर्नवास एवं सुरक्षा फेज-2 के लिए जामनी बांध का चयन किया गया था। इसके लिए सिंचाई विभाग ने अपनी कार्ययोजना बनाकर शासन स्तर पर भेजी थी। बांध का जीर्णोद्धार कार्य करने के लिए करीब 18 करोड़ रुपये स्वीकृत दी गई। इस धनराशि से बांध में जहां अन्य जीर्णोद्धार के कार्य किए जाएंगे। वहीं बांध में जमा हुई सिल्ट का पता करने के लिए हाइड्रो ग्राफिक सर्वे कराया जाएगा। इस सर्वे के जरिए यह पता चलेगा कि बांध में कितने मीटर तक सिल्ट जमा हो चुकी है। सर्वे की रिपोर्ट को शासन स्तर पर भेजा जाएगा। जिसके बाद शासन इस रिपोर्ट पर आगे का काम करेगा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार मानसून सीजन गुजर जाने के बाद यह सर्वे कार्य किया जाएगा।
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बांध से 17 फीसदी पानी मध्य प्रदेश को मिलेगा
मध्य प्रदेश के लिए बांध में आरक्षित है 17 फीसदी पानी जामनी बांध जनपद के किसानों के लिए ही नहीं मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ क्षेत्र के किसानों की फसलों की प्यास बुझाता है। वर्ष 1974 में यूपी-एमपी के बीच तय हुआ था कि बांध का 17 फीसदी पानी मध्य प्रदेश को मिलेगा। एमपी को जो पानी दिया जाता है उसका शुल्क 12.48 प्रति हजार घन फुट के किसान से मध्य प्रदेश सरकार को यूपी सरकार को देना शामिल था।
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जामनी बांध करीब पचास वर्ष पुराना होने के चलते इसमें जमा हुई सिल्ट का पता करने के लिए हाइड्रोग्राफिक सर्वे कराया जाएगा। यह सर्वे मानसून सीजन गुजर जाने के बाद किया जाएगा। सर्वे में जानकारी हो सकेगी कि बांध में कितने मीटर तक सिल्ट जमा हुई है। - सलमान खान, सहायक अभियंता, सिंचाई खंड
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