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जलकुंभी हटाई, अब पशुओं को मिलेगा पानी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 22 May 2016 12:22 AM IST
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safai abhiyan, lalitpur news
- फोटो : amar ujala
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बांसी (ललितपुर)। बांसी में पेयजल समस्या गहराई हुई है। पशुओं को पीने के लिए पानी मिले, इसके लिए ग्रामीणों ने शहजाद नदी में बने देवरान रपटा में लगे पाइपों में फंसी जलकुंभी हटा दी, जिससे पानी निकलने लगा। इस पानी से पशु प्यास बुझा सकेंगे।
जनहित संघर्ष समिति के सदस्यों को जानकारी मिली कि शहजाद नदी में बांसी से नौ किमी दूर नदी में बने देवरान घाट रपटा के नीचे डले पाइपों में जलकुंभी फंस जाने से पानी आगे नहीं बढ़ पा रहा है। इस पर शनिवार को समिति के सदस्यों ने देवरान घाट पहुंचकर पाइपों में फंसी जलकुंभी हटाई, जिससे पानी निकलने लगा।
समिति के लोगों ने नदी किनारे चलकर देखा तो पाया कि बांसी से चार किमी दूर नंदीपुरा तक नदी में पानी है। हालांकि, बांसी तक बिना बरसात के पानी आना संभव नहीं है, लेकिन देवरान घाट रपटा की जलकुंभी हटने से बांसी के नजदीक नदी के गड्ढे भरने की उम्मीद है, जिससे पशु-पक्षियों की प्यास बुझ सकेगी।
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इस दौरान बद्रीप्रसाद दुबे, सुरेश यादव, शैलेंद्र चोबे, रमाकांत गोस्वामी, डा. जितेंद्र जैन, उमेश शर्मा, सूर्यकांत शर्मा शामिल रहे।
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जनहित संघर्ष समिति के सदस्यों को जानकारी मिली कि शहजाद नदी में बांसी से नौ किमी दूर नदी में बने देवरान घाट रपटा के नीचे डले पाइपों में जलकुंभी फंस जाने से पानी आगे नहीं बढ़ पा रहा है। इस पर शनिवार को समिति के सदस्यों ने देवरान घाट पहुंचकर पाइपों में फंसी जलकुंभी हटाई, जिससे पानी निकलने लगा।
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समिति के लोगों ने नदी किनारे चलकर देखा तो पाया कि बांसी से चार किमी दूर नंदीपुरा तक नदी में पानी है। हालांकि, बांसी तक बिना बरसात के पानी आना संभव नहीं है, लेकिन देवरान घाट रपटा की जलकुंभी हटने से बांसी के नजदीक नदी के गड्ढे भरने की उम्मीद है, जिससे पशु-पक्षियों की प्यास बुझ सकेगी।
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इस दौरान बद्रीप्रसाद दुबे, सुरेश यादव, शैलेंद्र चोबे, रमाकांत गोस्वामी, डा. जितेंद्र जैन, उमेश शर्मा, सूर्यकांत शर्मा शामिल रहे।