{"_id":"592892454f1c1b64035378b6","slug":"how-to-capture-transformers-how-to-irrigate-farms","type":"story","status":"publish","title_hn":"ट्रांसफार्मर पर कब्जा, कैसे करें खेतों की सिंचाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ट्रांसफार्मर पर कब्जा, कैसे करें खेतों की सिंचाई
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 27 May 2017 02:08 AM IST
विज्ञापन
ट्रांसफार्मर
- फोटो : demo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
किसानों की समस्याओं और ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के सामने आ रहीं विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए किसान प्रतिनिधियों के साथ जिलाधिकारी द्वारा कलक्ट्रेट सभागार में एक बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक में किसानों ने गेहूं क्रय केंद्रों पर किसानों को होने वाली समस्याओं, ग्रामीण क्षेत्रों में खोदे जा रहे तालाबों, मिट्टी की निकासी और खनिज एवं पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतें जिलाधिकारी के सम्मुख रखी गईं। किसानों ने अवगत कराया कि डायल 100 नंबर द्वारा किसानों को परेशान किया जा रहा है। कतिपय किसानों द्वारा बिजली से संबंधित समस्याएं रखने के साथ ही ट्रांसफार्मर से प्र्रभावशाली द्वारा जबरदस्ती कनेक्शन लेने का मुद्दा भी उठाया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल समस्या के निदान की बात करने के साथ ही अनौरा गांव के किसानों को बीमा भुगतान नहीं किए जाने की बात कही। वहीं पटौरा कलां से आये किसानों द्वारा अवैध कब्जा से मुक्ति दिलाने के साथ ही बीमा क्लेम की राशि न मिलने की शिकायत भी की गई। उप निदेशक कृषि हंसराज द्वारा बताया गया कि किसानों को फसल बीमा की राशि का भुगतान पिछले सात सालों के औसत के आधार पर किया जाता है। लखनऊ से बैठक में प्रतिभाग करने के लिए आये बीमा कंपनी के प्रतिनिधि शिवजगत सिंह द्वारा बीमा भुगतान से संबंधित जानकारी दी गई।
डीएम ने बैठक के दौरान किसान यूनियन के प्रतिनिधियों सहित किसानों द्वारा उठाई गई समस्याओं को सुना और मजदूरों एवं किसानों का हित वर्तमान सरकार की प्राथमिकता में शामिल होना बताया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन बीमा कंपनी के अधिकारियों तथा उच्च स्तर पर भी वार्ता कर बीमा का भुगतान कराने के लिए कटिबद्ध हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मक्का एवं उड़द की फसल के बीमे का भुगतान की समीक्षा की जा रही है। किसानों की गेहूं क्रय केंद्रों से संबंधित समस्याओं पर उन्होंने किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए दो गेहूं क्रय केंद्रों के प्रभारियों पर एफआईआर दर्ज होना बताया है। चार गेहूं क्रय केंद्र के प्रभारी निलंबित किये गये हैं, साथ ही अन्य के खिलाफ भी कार्रवाई प्रक्रिया में है। उन्होंने कहा कि तालाबों की खुदाई में जितनी भी सहूलियत होगी वह दी जायेगी तथा डायल 100 नंबर की गाड़ियों के संचालन के संबंध में भी पुलिस अधीक्षक से बात की जाएगी। अनौरा गांव में बीमा वितरण की जांच कराकर दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लायी जाएगी। उन्होंने कहा कि जमीन को कब्जा मुक्त कराने हेतु सरकार द्वारा एंटी भू-माफिया दल का गठन किया गया है, जो जमीनों को कब्जा मुक्त कराने का कार्य कर रहे हैं तथा इसकी निरंतर समीक्षा भी की जा रही है। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद के सभी तहसीलों के उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वह ग्रामीण क्षेत्रों का निरंतर भ्रमण कर जन समस्याओं को सुनें और उसका समयबद्ध निस्तारण भी करें। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि सरकार की योजनायें केवल कागजों पर नहीं चलेंगी, इनको जमीनी स्तर पर भी चलाने के लिए हर संभव प्रयास किये जायेंगे। योजनाओं के क्रियान्वयन में जो लोग बाधा बन रहे हैं उनके खिलाफ सख्ती से निपटा जायेगा। किसान प्रतिनिधियों द्वारा मांग उठायी गयी कि किसान दिवस के आयोजन पर किसानों की समस्याओं से जुड़े अधिकारी भी बैठक में प्रतिभाग करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
बैठक में किसानों ने गेहूं क्रय केंद्रों पर किसानों को होने वाली समस्याओं, ग्रामीण क्षेत्रों में खोदे जा रहे तालाबों, मिट्टी की निकासी और खनिज एवं पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतें जिलाधिकारी के सम्मुख रखी गईं। किसानों ने अवगत कराया कि डायल 100 नंबर द्वारा किसानों को परेशान किया जा रहा है। कतिपय किसानों द्वारा बिजली से संबंधित समस्याएं रखने के साथ ही ट्रांसफार्मर से प्र्रभावशाली द्वारा जबरदस्ती कनेक्शन लेने का मुद्दा भी उठाया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल समस्या के निदान की बात करने के साथ ही अनौरा गांव के किसानों को बीमा भुगतान नहीं किए जाने की बात कही। वहीं पटौरा कलां से आये किसानों द्वारा अवैध कब्जा से मुक्ति दिलाने के साथ ही बीमा क्लेम की राशि न मिलने की शिकायत भी की गई। उप निदेशक कृषि हंसराज द्वारा बताया गया कि किसानों को फसल बीमा की राशि का भुगतान पिछले सात सालों के औसत के आधार पर किया जाता है। लखनऊ से बैठक में प्रतिभाग करने के लिए आये बीमा कंपनी के प्रतिनिधि शिवजगत सिंह द्वारा बीमा भुगतान से संबंधित जानकारी दी गई।
विज्ञापन
डीएम ने बैठक के दौरान किसान यूनियन के प्रतिनिधियों सहित किसानों द्वारा उठाई गई समस्याओं को सुना और मजदूरों एवं किसानों का हित वर्तमान सरकार की प्राथमिकता में शामिल होना बताया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन बीमा कंपनी के अधिकारियों तथा उच्च स्तर पर भी वार्ता कर बीमा का भुगतान कराने के लिए कटिबद्ध हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मक्का एवं उड़द की फसल के बीमे का भुगतान की समीक्षा की जा रही है। किसानों की गेहूं क्रय केंद्रों से संबंधित समस्याओं पर उन्होंने किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए दो गेहूं क्रय केंद्रों के प्रभारियों पर एफआईआर दर्ज होना बताया है। चार गेहूं क्रय केंद्र के प्रभारी निलंबित किये गये हैं, साथ ही अन्य के खिलाफ भी कार्रवाई प्रक्रिया में है। उन्होंने कहा कि तालाबों की खुदाई में जितनी भी सहूलियत होगी वह दी जायेगी तथा डायल 100 नंबर की गाड़ियों के संचालन के संबंध में भी पुलिस अधीक्षक से बात की जाएगी। अनौरा गांव में बीमा वितरण की जांच कराकर दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लायी जाएगी। उन्होंने कहा कि जमीन को कब्जा मुक्त कराने हेतु सरकार द्वारा एंटी भू-माफिया दल का गठन किया गया है, जो जमीनों को कब्जा मुक्त कराने का कार्य कर रहे हैं तथा इसकी निरंतर समीक्षा भी की जा रही है। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद के सभी तहसीलों के उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वह ग्रामीण क्षेत्रों का निरंतर भ्रमण कर जन समस्याओं को सुनें और उसका समयबद्ध निस्तारण भी करें। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि सरकार की योजनायें केवल कागजों पर नहीं चलेंगी, इनको जमीनी स्तर पर भी चलाने के लिए हर संभव प्रयास किये जायेंगे। योजनाओं के क्रियान्वयन में जो लोग बाधा बन रहे हैं उनके खिलाफ सख्ती से निपटा जायेगा। किसान प्रतिनिधियों द्वारा मांग उठायी गयी कि किसान दिवस के आयोजन पर किसानों की समस्याओं से जुड़े अधिकारी भी बैठक में प्रतिभाग करें।
विज्ञापन