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Lalitpur News: कितने घंटे में कितना बढ़ेगा जलस्तर... पहले चल जाएगा पता

Thu, 22 May 2025 12:54 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 22 May 2025 12:54 AM IST
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How much will the water level rise in how many hours... it will be known first
- बांध के दो किमी क्षेत्र में बारिश के पानी की मिलेगी सटीक जानकारी
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अशोक तिवारी

ललितपुर। गोविंद सागर और शहजाद बांध में कितने घंटे में कितना जलस्तर बढ़ेगा इसकी जानकारी अब पहले ही नियंत्रण कक्ष को मिल जाएगी। इन बांधों पर आईआईटी रुड़की चार करोड़ से पूर्व चेतावनी देखभाल प्रणाली (अर्ली वार्निंग वॉच सिस्टम) लगाएगी। इसी साल सिंचाई विभाग ने सिस्टम लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। ये सिस्टम सेंसर प्रणाली से लैस रहेंगे।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक इस सिस्टम से बांधों के करीब दो किमी एरिया में बारिश होने पर आने वाले पानी के बहाव की जानकारी विभाग को पहले ही मिल जाएगी। नियंत्रण कक्ष को यह भी पता चल जाएगा कि कितने घंटे में कितना जलस्तर बढ़ेगा और कितना पानी बांध में आ रहा है। अतिरिक्त पानी छोड़ने का काम पहले ही कर दिया जाएगा। इस प्रणाली के लगने के बाद बांधों पर ही कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे। बांधों को बाढ़ से टूटने से बचाने के लिए यह सिस्टम काफी कारगर रहेंगे। (संवाद)
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बांध के पुराने होने पर बनाई सुरक्षा की कार्ययोजना
शहजाद नदी पर जनपद के सबसे पुराने बांधों में शुमार साइफन प्रणाली युक्त गोविंद सागर बांध है। इसका निर्माण वर्ष 1952 में हुआ था। इसमें 18 गेट पानी निकासी के लिए हैं। बांध का पूर्ण जलस्तर 363.93 मीटर है और न्यूनतम 357.83 मीटर है। बांध से किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाता है। इसके साथ शहर में पेयजल आपूर्ति के लिए भी पानी बांध से लिया जाता है। गोविंद सागर बांध से निकली शहजाद नदी पर तहसील तालबेहट क्षेत्र में वर्ष 1973 में शहजाद बांध का निर्माण हुआ था। बांध का पूर्ण जलस्तर 321.00 मीटर और न्यूनतम जलस्तर 310.50 मीटर है। इस बांध से पेयजल और किसानों को सिंचाई के लिए पानी दिया जाता है। यह दोनों ही बांध परियोजनाएं जनपद के लोगों के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। गोविंद सागर बांध के 77 वर्ष और शहजाद बांध के 50 वर्ष से अधिक पुराना हो जाने पर सिंचाई विभाग ने इनको सुरक्षित रखने की कार्ययोजना तैयार की थी।
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गोविंद सागर और शहजाद बांध को आधुनिक तकनीकी से लैस किया जाएगा। अर्ली वार्निंग वॉच सिस्टम को लगवाने के लिए विभागीय प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही यह काम शुरू हो जाएगा।- शैलेष कुमार, अधिशासी अभियंता, राजघाट निर्माण खंड
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