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कैसी है पाठशाला : स्कूलों की छत पर उग आई है घास, बरसात में टपकती है छत

Sat, 02 Aug 2025 12:58 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 02 Aug 2025 12:58 AM IST
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How is the school: Grass has grown on the roof of the school, the roof leaks in the rain
स्कूलों की बिल्डिंग जर्जर होने की वजह से बच्चों की पढ़ाई भी हो रही है प्रभावित
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संवाद न्यूज एजेंसी
महरौनी-सिलावन। सरकारी स्कूलों की दशा सुधारने के लिए करोड़ों खर्च किए जा रहे हैं फिर भी इनकी स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। स्थिति यह है कि कहीं स्कूलों बिल्डिंग पर पौधे उग आए हैं तो कही घास। स्कूल की दीवार में दरार आ गई है, छत से पानी टपकता है। कहीं-कहीं तो स्कूल की छत का प्लास्टर भी गिर रहा है। सरकारी स्कूलों की बदहाली से जहां पढ़ाई प्रभावित हो रही है वहीं नौनिहालों के लिए खतरा भी बना हुआ है। प्रस्तुत है कुछ स्कूलों की हकीकत पेश करती रिपोर्ट....।
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दृश्य एक
फोटो-22,23
वर्षों से जर्जर स्थिति में है प्राथमिक विद्यालय छपरट
प्राथमिक विद्यालय छपरट काफी वर्षों से जर्जर स्थिति में है। विद्यालयों में बने सभी क्लास रूम में बारिश के दौरान पानी टपकता है। विद्यालय की दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं जिसे आसानी से आर पार देखा जा सकता है विद्यालय का लेटर भी खस्ताहाल हो चुका है उसमें से पानी के साथ-साथ कंक्रीट भी गिर रहा है 115 छात्रांकन वाले विद्यालय में तीन कक्षा कक्ष, किचन ,ऑफिस पूरी तरह से जर्जर स्थिति में है। विद्यालय की जरूरी फाइलें और किताबों को पॉलीथिन से ढक कर रखा रखना पड़ रहा है। अभिभावक बताते हैं कि यह भवन वर्षों से जर्जर स्थिति में है कई बार अधिकारियों को अवगत कराया उच्च अधिकारियों ने उसका निरीक्षण भी किया किंतु स्थिति जस की तरह ही है।
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दृश्य 2
फोटो-24
वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से नहीं हुई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई
पूर्व माध्यमिक विद्यालय छपरट तो पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। विभाग ने उसको ध्वस्तीकरण के आदेश दिए हैं किंतु वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने के चलते नौनिहाल इस जर्जर भवन में बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं।
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दृश्य 3
फोटो-27,28
विद्यालय भवन की छत पर उग आए हैं पौधे
कंपोजिट विद्यालय समोगर में साफ सफाई का आलम यह है कि इस विद्यालय के भवनों पर घास और पौधे उग गए हैं। अभिभावकों का कहना है कि घास उग आने से छत पर पानी भर जाता है जिससे कमरों की छतों से पानी टपकता है। वहीं कई क्लास रूम में दरारें पड़ गई हैं, दीवारों पर सीलन आ गई है। बारिश के दौरान नौनिहालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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फोटो-29
क्षतिग्रस्त दीवारे,छतों से टपक रहा पानी
पुलवारा। ब्लॉक तालबेहट की ग्राम धनगौल में 1968 में बना भवन जर्जर हालत में पहुंच गया है। इसी भवन में वर्ष 1972 से कक्षा एक से आठ तक की कक्षाएं संचालित हो रही हैं। कंपोजिट विद्यालय में 207 बच्चों का छात्रांकन है। भवन पुराना होने के कारण वर्ष 2004 में नए भवन का निर्माण किया गया लेकिन उक्त भवन कुछ समय में ही जर्जर हो गया, जिस कारण विद्यालय का संचालन पुनः पुराने भवन में ही संचालित हो रहा है। करीब 55 साल पुराना भवन होने के कारण कक्ष की छतों से पानी टपक रहा है, वहीं दीवारों में दरारें आ जाने से क्षतिग्रस्त हो गई हैं। बच्चे अपनी जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
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बोले ग्राम प्रधान
ग्राम पंचायत छपरट में परिषदीय विद्यालयों की स्थिति काफी खस्ता हाल है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय पूरी तरह से जर्जर है तो, प्राथमिक विद्यालय भी वर्षों से खस्ताहाल स्थिति में है। मेरे कार्यकाल में तो विभागीय अधिकारियों को तो कई बार अवगत कराया गया। पूर्व में रहे प्रधानों ने भी कई बार अवगत कराया किंतु स्थिति जस की तस है।

-केसरबाई ग्राम प्रधान छपरट
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प्राथमिक स्तर की कक्षा कक्षों की स्थिति से अधिकारियों को अवगत कराएंगे। विद्यालय भवन की छत पर जमा घास व पौधों को साफ कराया जाएगा ताकि भवन की छत से पानी न टपके।-प्राण सिंह ग्राम प्रधान समोगर
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