{"_id":"5918b0574f1c1b231f855cac","slug":"hording-in-lalitpur","type":"story","status":"publish","title_hn":"अवैध होर्डिग्स पर नहीं की जा रही कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अवैध होर्डिग्स पर नहीं की जा रही कार्रवाई
lalitpur
Updated Mon, 15 May 2017 01:00 AM IST
विज्ञापन
प्रशासन
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर को अतिक्रमण से छुटकारा दिलाने के लिए चलाए जा रहे अभियान में अवैध होर्डिग्स स्वच्छंद खड़े हुए हैं। प्रशासनिक अफसर नालियों के छुटमुट अतिक्रमण पर पैनी नजर रखे हुए हैं, लेकिन यातायात को बाधित कर रहे होर्डिग्स से मुंह फेर रहे हैं। इससे शहर की सड़कें पुराने में रूप में नहीं आ पा रही हैं।
अवैध होर्डिग्स भी अतिक्रमण के लिए कम जिम्मेदार नहीं हैं। प्रचार एजेंसियों ने जहां चाहा वहां होर्डिग्स के स्ट्रेक्चर खड़े कर दिए हैं। इससे मुख्य मार्ग अतिक्रमण की चपेट में आ गए हैं। कंपनी बाग का सौदर्य बिगाड़कर रख दिया है। वहीं, नहर के किनारे होर्डिग्स लगा दिए गए हैं। कई बार तो राहगीरों ने नजरें इन होर्डिग्स पर टिक जाती है और उसी दौरान वह दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। इसके बाद भी नगर पालिका परिषद इन अवैध होर्डिग्स को हटा नहीं सकी हैं। यह तब जब नगर पालिका परिषद की ओर से सारे होर्डिग्स को अवैध मान लिया है। वर्तमान में नए रेटों के अभाव में प्रचार का ठेका भी नहीं हो सका है। इससे प्रचार एजेंसियों की वैद्यता सवालों के घेरे में आ गई है। जिस समय अतिक्रमण अभियान आरंभ किया गया तो लोगों को अवैध होर्डिग्स हटाने की उम्मीद बंधी। लेकिन दो दिन चले अभियान में अभी तक एक भी होर्डिग्स को हटाया नहीं गया है। वहीं, अतिक्रमण हटाओ अभियान में प्रभावित हुए दुकानदार अब नगर पालिका परिषद पर अंगुलियां उठाते दिख रहे हैं। व्यापारी संगठनों ने भी भेदभाव रहित अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाने की मांग जिलाधिकारी से की है।
122 स्थानों पर लगे हैं होर्डिग्स
नगर पालिका परिषद में छह प्रचार एजेंसी काम कर रही हैं। इन्होंने समूचे नगर में एक सौ 22 होर्डिग्स के स्ट्रेक्चर लगा रखे हैं। इसके अलावा कई विद्युत पोल, टेलीफोन पोल व पेड़ों पर होर्डिग्स लगे हुए हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रचार एजेंसियों ने संबंधितों से पैसा वसूल लिया है, लेकिन इसे नगर पालिका परिषद में जमा नहीं कराया है। इसके बाद भी नगर पालिका परिषद तमाशबीन बनी हुई है।
विज्ञापन
नई नियमावली हुई स्वीकृत
विज्ञापन की नई नियमावली स्वीकृत हो गई है। इसके तहत शीघ्र ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। अतिक्रमण हटाओ अभियान में होर्डिंग हटाने की योजना शामिल नहीं की गई है।
राकेश कुमार, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद ललितपुर।
विज्ञापन
अवैध होर्डिग्स भी अतिक्रमण के लिए कम जिम्मेदार नहीं हैं। प्रचार एजेंसियों ने जहां चाहा वहां होर्डिग्स के स्ट्रेक्चर खड़े कर दिए हैं। इससे मुख्य मार्ग अतिक्रमण की चपेट में आ गए हैं। कंपनी बाग का सौदर्य बिगाड़कर रख दिया है। वहीं, नहर के किनारे होर्डिग्स लगा दिए गए हैं। कई बार तो राहगीरों ने नजरें इन होर्डिग्स पर टिक जाती है और उसी दौरान वह दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। इसके बाद भी नगर पालिका परिषद इन अवैध होर्डिग्स को हटा नहीं सकी हैं। यह तब जब नगर पालिका परिषद की ओर से सारे होर्डिग्स को अवैध मान लिया है। वर्तमान में नए रेटों के अभाव में प्रचार का ठेका भी नहीं हो सका है। इससे प्रचार एजेंसियों की वैद्यता सवालों के घेरे में आ गई है। जिस समय अतिक्रमण अभियान आरंभ किया गया तो लोगों को अवैध होर्डिग्स हटाने की उम्मीद बंधी। लेकिन दो दिन चले अभियान में अभी तक एक भी होर्डिग्स को हटाया नहीं गया है। वहीं, अतिक्रमण हटाओ अभियान में प्रभावित हुए दुकानदार अब नगर पालिका परिषद पर अंगुलियां उठाते दिख रहे हैं। व्यापारी संगठनों ने भी भेदभाव रहित अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाने की मांग जिलाधिकारी से की है।
विज्ञापन
122 स्थानों पर लगे हैं होर्डिग्स
नगर पालिका परिषद में छह प्रचार एजेंसी काम कर रही हैं। इन्होंने समूचे नगर में एक सौ 22 होर्डिग्स के स्ट्रेक्चर लगा रखे हैं। इसके अलावा कई विद्युत पोल, टेलीफोन पोल व पेड़ों पर होर्डिग्स लगे हुए हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रचार एजेंसियों ने संबंधितों से पैसा वसूल लिया है, लेकिन इसे नगर पालिका परिषद में जमा नहीं कराया है। इसके बाद भी नगर पालिका परिषद तमाशबीन बनी हुई है।
विज्ञापन
नई नियमावली हुई स्वीकृत
विज्ञापन की नई नियमावली स्वीकृत हो गई है। इसके तहत शीघ्र ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। अतिक्रमण हटाओ अभियान में होर्डिंग हटाने की योजना शामिल नहीं की गई है।
राकेश कुमार, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद ललितपुर।