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काश! यहां भी नजरें इनायत कर देते प्रभु
ब्यूरो
Updated Fri, 26 Feb 2016 01:08 AM IST
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ललितपुर। वर्षों पुरानी रेलवे की बदहाल सेवाओं से ऊब चुकी आम जनता की निगाहें रेल बजट पर टिकी हुई थीं। खास कर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर लोग ज्यादा फिक्रमंद हैं।
स्टेशनों पर 24 घंटे पेयजल, साफ-सफाई और अधिक टिकट काउंटर खोले जाने की मांग तो पहले से ही थी। लेकिन, रेल मंत्री सुरेश प्रभु का रेल बजट जिले की आम जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका।
रेल बजट को लेकर सबसे अधिक लोगों की उम्मीदें इस बजट में मांग के अनुरूप ट्रेनों के स्टॉपेज और मुहल्ला नेहरू नगर में देवगढ़ रेलवे क्रासिंग पर ओवर अथवा अंडरब्रिज बनाए जाने की थीं। रेलवे स्टेशन पर रेल यात्रियों के लिए 24 घंट पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था उपलब्धता नहीं होने से परेशानी होती है, खासकर गर्मियों के दिनों में तो महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों का खासी परेशानी झेलनी पड़ती है।
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विकलांगों के लिए प्लेटफार्म रेल टिकट लेने में परेशानी होती है, तो अधिकांश प्याऊ के नलों की ऊंचाई अधिक होने के कारण पेयजल के लिए भी भटकना पड़ता है। वहीं, ललितपुर स्टेशन पर आरपीएफ थाने के पास बना फुटओवर ब्रिज पर रैंप नहीं होने से चढ़ने में असुविधा होती है। दो व तीन नंबर प्लेटफार्म पर महिला यात्रियों के लिए शौचालय की उचित व्यवस्था नहीं है।
रेल टिकट के लिए महिलाओं के लिए अलग से काउंटर नहीं खोले गए हैं। मालगोदाम पर व्यापारियों व मजदूरों के लिए गर्मी और बरसात से बचने के लिए टिन शेड के समुचित प्रबंध नहीं है। टीकमगढ़ पैसेंजर के फेरे बढ़ाने की मांग लगातार चल रही है, लेकिन न तो फेरे ही बढ़ाए गए हैं और न ही यहां के लिए अतिरिक्त ट्रेन संचालित की जा सकी है।
रेलवे स्टेशन पर आला अधिकारियों के आने के दौरान के अलावा साफ-सफाई कम और गंदगी का अंबार अधिक नजर आता है। यहां तक कि प्लेटफार्म और रिजर्वेेशन काउंटर तो कई बार जानवरों की स्थली अधिक नजर आती है, जो गंदगी का प्रमुख कारण है।
सांसद/केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने जनपद समेत बुंदेलखंड के अन्य रेलवे स्टेशनों पर विभिन्न ट्रेनों के ठहराव और रेल लाइनों का निर्माण कराए जाने और अलग-अलग स्टेशनों पर ओवरब्रिज का निर्माण कराए जाने की मांग को रेल मंत्री सुरेश प्रभु तक पहुंचा दिया था,
लेकिन प्रभु की नजरें बुंदेलखंड की ओर इनायत नहीं हो सकीं और यहां के लिए खास घोषणा नहीं होने से यात्रियों की उम्मीदों पर पानी फिर गया। जनपद के विभिन्न समाजसेवियों से बात कर रेल बजट पर प्रभु से उम्मीदों पर उनकी राय जानी।
केंद्रीय मंत्री ने की थीं यह मांगें
केंद्रीय जल संसाधन एवं गंगा पुनरुद्धार मंत्री/झांसी-ललितपुर की सांसद उमा भारती ने ललितपुर समेत बुंदेलखंड के अन्य रेलवे स्टेशनों पर सुविधाओं के लिए रेल मंत्री सुरेश प्रभु को मांग पत्र भेजा था,
जिसमें ललितपुर-बीना रेल लाइन पर ग्राम धौर्रा में क्रासिंग रोड, ओवरब्रिज निर्माण, ललितपुर-बीना रेल लाइन पर ग्राम अमऊखेड़ा में रेलवे क्रासिंग पर ओवरब्रिज का निर्माण, ललितपुर-देवगढ़ क्रासिंग पर नेहरू नगर में ओवरब्रिज का निर्माण किए जाने की मांग उठाई थी। झांसी-लखनऊ इंटरसिटी को ललितपुर तक चलाए जाने की मांग की थी।
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स्टेशनों पर 24 घंटे पेयजल, साफ-सफाई और अधिक टिकट काउंटर खोले जाने की मांग तो पहले से ही थी। लेकिन, रेल मंत्री सुरेश प्रभु का रेल बजट जिले की आम जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका।
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रेल बजट को लेकर सबसे अधिक लोगों की उम्मीदें इस बजट में मांग के अनुरूप ट्रेनों के स्टॉपेज और मुहल्ला नेहरू नगर में देवगढ़ रेलवे क्रासिंग पर ओवर अथवा अंडरब्रिज बनाए जाने की थीं। रेलवे स्टेशन पर रेल यात्रियों के लिए 24 घंट पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था उपलब्धता नहीं होने से परेशानी होती है, खासकर गर्मियों के दिनों में तो महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों का खासी परेशानी झेलनी पड़ती है।
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विकलांगों के लिए प्लेटफार्म रेल टिकट लेने में परेशानी होती है, तो अधिकांश प्याऊ के नलों की ऊंचाई अधिक होने के कारण पेयजल के लिए भी भटकना पड़ता है। वहीं, ललितपुर स्टेशन पर आरपीएफ थाने के पास बना फुटओवर ब्रिज पर रैंप नहीं होने से चढ़ने में असुविधा होती है। दो व तीन नंबर प्लेटफार्म पर महिला यात्रियों के लिए शौचालय की उचित व्यवस्था नहीं है।
रेल टिकट के लिए महिलाओं के लिए अलग से काउंटर नहीं खोले गए हैं। मालगोदाम पर व्यापारियों व मजदूरों के लिए गर्मी और बरसात से बचने के लिए टिन शेड के समुचित प्रबंध नहीं है। टीकमगढ़ पैसेंजर के फेरे बढ़ाने की मांग लगातार चल रही है, लेकिन न तो फेरे ही बढ़ाए गए हैं और न ही यहां के लिए अतिरिक्त ट्रेन संचालित की जा सकी है।
रेलवे स्टेशन पर आला अधिकारियों के आने के दौरान के अलावा साफ-सफाई कम और गंदगी का अंबार अधिक नजर आता है। यहां तक कि प्लेटफार्म और रिजर्वेेशन काउंटर तो कई बार जानवरों की स्थली अधिक नजर आती है, जो गंदगी का प्रमुख कारण है।
सांसद/केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने जनपद समेत बुंदेलखंड के अन्य रेलवे स्टेशनों पर विभिन्न ट्रेनों के ठहराव और रेल लाइनों का निर्माण कराए जाने और अलग-अलग स्टेशनों पर ओवरब्रिज का निर्माण कराए जाने की मांग को रेल मंत्री सुरेश प्रभु तक पहुंचा दिया था,
लेकिन प्रभु की नजरें बुंदेलखंड की ओर इनायत नहीं हो सकीं और यहां के लिए खास घोषणा नहीं होने से यात्रियों की उम्मीदों पर पानी फिर गया। जनपद के विभिन्न समाजसेवियों से बात कर रेल बजट पर प्रभु से उम्मीदों पर उनकी राय जानी।
केंद्रीय मंत्री ने की थीं यह मांगें
केंद्रीय जल संसाधन एवं गंगा पुनरुद्धार मंत्री/झांसी-ललितपुर की सांसद उमा भारती ने ललितपुर समेत बुंदेलखंड के अन्य रेलवे स्टेशनों पर सुविधाओं के लिए रेल मंत्री सुरेश प्रभु को मांग पत्र भेजा था,
जिसमें ललितपुर-बीना रेल लाइन पर ग्राम धौर्रा में क्रासिंग रोड, ओवरब्रिज निर्माण, ललितपुर-बीना रेल लाइन पर ग्राम अमऊखेड़ा में रेलवे क्रासिंग पर ओवरब्रिज का निर्माण, ललितपुर-देवगढ़ क्रासिंग पर नेहरू नगर में ओवरब्रिज का निर्माण किए जाने की मांग उठाई थी। झांसी-लखनऊ इंटरसिटी को ललितपुर तक चलाए जाने की मांग की थी।