{"_id":"56f1a1854f1c1b5f04f14d50","slug":"holika","type":"story","status":"publish","title_hn":"होलिका दहन को लेकर असमंजस में रहे लोग ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
होलिका दहन को लेकर असमंजस में रहे लोग
अमर उजाला ब्यूूराो ललितपुर
Updated Wed, 23 Mar 2016 01:20 AM IST
विज्ञापन
हाोली
- फोटो : demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ललितपुर। होलिका दहन को लेकर मंगलवार को लोगों में असमंजस की स्थिति बनी रही। किसी ने रात्रि में भद्रा नक्षत्र होने के कारण होलिका दहन नहीं किया तो किसी ने भद्रा पुच्छ में होलिका दहन को शुभ मानते हुए होलिका दहन देर रात किया। वहीं, बहुत से लोगों द्वारा आज बुधवार को पूर्णिमा तिथि में होलिका दहन करने का निर्णय लिया गया।
ऐसा पहली बार हुआ है जब होलिका दहन को लेकर पंडितों में भी एकराय नहीं बन पाई। बहुत से लोगों ने जनपद के कुछ पंडितों के बताए अनुुसार मंगलवार की देर रात्रि को भद्रा पुच्छ में होलिका दहन करने का निर्णय लिया, जबकि बहुत से लोगों ने पूर्णिमा का इंतजार करते हुए बुधवार को होलिका दहन करने का निर्णय लिया। पंचांगों में चैत्र कृष्ण प्रतिपदा बुधवार की शाम 4.09 बजे होने के कारण होली बृहस्पतिवार 24 मार्च को मनाए जाने का निर्णय लिया गया है।
हिंदू धार्मिक ग्रंथों के अनुसार होलिका दहन सूर्यास्त के पश्चात् प्रदोष के समय, जब पूर्णिमा तिथि हो, तब करना चाहिए। पूर्णिमा तिथि के पहले होने वाली भद्रा तिथि के समय होलिका पूजा और होलिका दहन का अशुभ माना जाता है। वहीं, भद्रा रहित, प्रदोष व्यापिनी पूर्णिमा तिथि होलिका दहन के लिए उत्तम मानी जाती है। यदि भद्रा रहित प्रदोषी पूर्णिमा का अभाव हो, लेकिन, भद्रा मध्य रात्रि से पहले समाप्त हो जाए तो प्रदोष के पश्चात जब भद्रा समाप्त हो, तब होलिका दहन करना शुभ बताया गया है। वहीं, यदि भद्रा मध्य रात्रि तक हो तो ऐसी परिस्थिति में भद्रा पुच्छ में होलिका दहन किया जा सकता है, लेकिन, भद्रा मुख में होलिका दहन अशुभ होता है। धार्मिक ग्रन्थों के अनुसार भद्रा मुख में किया गया होलिका दहन अनिष्ट का स्वागत करने के जैसा बताया गया है। यही कारण है कि मंगलवार की देर रात्रि 11.45 बजे से देर रात 12.05 बजे तक भद्रा पुच्छ होने के कारण कई लोगों द्वारा होलिका दहन को शुभ मानते हुए होलिका दहन करने का निर्णय लिया, जबकि बहुत से लोगों ने पूर्णिमा का इंतजार करते हुए बुधवार को होलिका दहन करने का निर्णय लिया है।
विज्ञापन
होलिका दहन के साथ होली की छुट्टी को लेकर भी लोग असमंजस में रहे। बैंकों की छुट्टी 24 से 27 मार्च तक है। वहीं, बहुत से सरकारी कर्मियों ने एक दिन पहले से ही छुट्टी लगा दी, ताकि एक साथ चार से पांच दिन तक छुट्टियों का लाभ मिल जाए। जिलाधिकारी डॉ. रूपेश कुमार ने रिपोर्ट तलब की है कि कौन- कौन से कर्मचारी बिना अनुमति लिए ही मुख्यालय से बाहर चले गए हैं।
विज्ञापन
ऐसा पहली बार हुआ है जब होलिका दहन को लेकर पंडितों में भी एकराय नहीं बन पाई। बहुत से लोगों ने जनपद के कुछ पंडितों के बताए अनुुसार मंगलवार की देर रात्रि को भद्रा पुच्छ में होलिका दहन करने का निर्णय लिया, जबकि बहुत से लोगों ने पूर्णिमा का इंतजार करते हुए बुधवार को होलिका दहन करने का निर्णय लिया। पंचांगों में चैत्र कृष्ण प्रतिपदा बुधवार की शाम 4.09 बजे होने के कारण होली बृहस्पतिवार 24 मार्च को मनाए जाने का निर्णय लिया गया है।
विज्ञापन
हिंदू धार्मिक ग्रंथों के अनुसार होलिका दहन सूर्यास्त के पश्चात् प्रदोष के समय, जब पूर्णिमा तिथि हो, तब करना चाहिए। पूर्णिमा तिथि के पहले होने वाली भद्रा तिथि के समय होलिका पूजा और होलिका दहन का अशुभ माना जाता है। वहीं, भद्रा रहित, प्रदोष व्यापिनी पूर्णिमा तिथि होलिका दहन के लिए उत्तम मानी जाती है। यदि भद्रा रहित प्रदोषी पूर्णिमा का अभाव हो, लेकिन, भद्रा मध्य रात्रि से पहले समाप्त हो जाए तो प्रदोष के पश्चात जब भद्रा समाप्त हो, तब होलिका दहन करना शुभ बताया गया है। वहीं, यदि भद्रा मध्य रात्रि तक हो तो ऐसी परिस्थिति में भद्रा पुच्छ में होलिका दहन किया जा सकता है, लेकिन, भद्रा मुख में होलिका दहन अशुभ होता है। धार्मिक ग्रन्थों के अनुसार भद्रा मुख में किया गया होलिका दहन अनिष्ट का स्वागत करने के जैसा बताया गया है। यही कारण है कि मंगलवार की देर रात्रि 11.45 बजे से देर रात 12.05 बजे तक भद्रा पुच्छ होने के कारण कई लोगों द्वारा होलिका दहन को शुभ मानते हुए होलिका दहन करने का निर्णय लिया, जबकि बहुत से लोगों ने पूर्णिमा का इंतजार करते हुए बुधवार को होलिका दहन करने का निर्णय लिया है।
विज्ञापन
होलिका दहन के साथ होली की छुट्टी को लेकर भी लोग असमंजस में रहे। बैंकों की छुट्टी 24 से 27 मार्च तक है। वहीं, बहुत से सरकारी कर्मियों ने एक दिन पहले से ही छुट्टी लगा दी, ताकि एक साथ चार से पांच दिन तक छुट्टियों का लाभ मिल जाए। जिलाधिकारी डॉ. रूपेश कुमार ने रिपोर्ट तलब की है कि कौन- कौन से कर्मचारी बिना अनुमति लिए ही मुख्यालय से बाहर चले गए हैं।