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परिषदीय स्कूलों में झूल हाइटेंशन तार,सांसत में नौनिहालों की जान
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विद्यालयों के ऊपर झूल रहे हाइटेंशन तार, सांसत में नौनिहालों की जान
ललितपुर। जिले के विभिन्न परिषदीय विद्यालयों के ऊपर से निकले हाईटेंशन तार सैकड़ों बच्चों के लिए दुखदायी साबित हो रहे हैं। जहां अभिभावकों को स्कूल में किसी अनहोनी होने की चिंता सताती रहती है, वहीं अध्ययनरत बच्चे भी झूल रहे तारों को देखकर सहमे रहते हैं। वे परिसर में न तो स्वच्छंद तरीके से खेल पा रहे हैं और ही उनका पढ़ाई में मन नहीं लग रहा है। यही नहीं, मध्याह्न भोजन भी खुले में लेने से कतराते हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग अपने स्कूलों में भयमुक्त वातावरण बनाने का प्रयास कर रहा है। बच्चों को मारने- पीटने पर शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसके बाद भी स्कूलों में डर का माहौल समाप्त नहीं हो पाया है। कई विद्यालयों के ऊपर से निकले हाईटेंशन बिजली के तार इसमें रोड़ा बन रहे हैं। किसी स्कूल का भवन हाईटेंशन तारों को छू आ रहा है तो कहीं परिसर के बीच से हाईटेंशन तार निकले हैं। ऐसे में अभिभावकों का ध्यान पर बच्चे पर ही बना रहता है, उन्हें स्कूल में किसी अनहोनी होने की चिंता सताती रहती है।
यही नहीं, अध्ययनरत बच्चे भी झूल रहे तारों को देख सहमे-सहमे रहते हैं। कई बच्चे तो स्कूल में अनियमित हो गए हैं। सूत्र बताते हैं कि जिले के प्रत्येक ब्लाक में पंद्रह से बीस विद्यालय ऐसे हैं, जिनके ऊपर से हाईटेंशन बिजली के तार निकले हैं। इसे ध्यान में रखकर बेसिक शिक्षा के अफसरों ने स्कूलों के ऊपर से निकले हाईटेंशन तार हटवाने की पहल शुरू कर दी है।
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खंड शिक्षा अधिकारी जखौरा जमील खान ने सभी संकुल प्रभारियों से ऐसे विद्यालयों की सूची तलब की है। उन्होंने संकुुल प्रभारियों को लिखे पत्र में बताया कि विद्यालय परिसर में हाईटेंशन लाइन हटवाने के लिए विद्युत विभाग के अवर अभियंता से समन्वय स्थापित करें। इसकी सूचना सह समन्वयक बसंत जैन को अवगत कराएं, ताकि प्रगति आख्या बीएसए कार्यालय में भेजी जा सके। अन्य ब्लॉकों में भी इस तरह का पत्राचार किया जा रहा है।
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इतना है छात्रांकन
जिले के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में एक लाख बहत्तर हजार बच्चे अध्ययनरत हैं। इन बच्चों को स्कूल में विभिन्न गतिविधियों से जोड़ा जाता है। इनमें मीना मंच के कार्यक्रम भी शामिल हैं।
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इन विद्यालयों के ऊपर से निकले हैं हाईटेंशन बिजली तार
ब्लॉक जखौरा अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय सुरऊआ, जिजयावन, मगरपुर, उच्च प्राथमिक विद्यालय खडेरा, प्राथमिक विद्यालय रसोई, उच्च प्राथमिक विद्यालय सीरोनकलां, सतगता, प्राथमिक विद्यालय अंधेर, उच्च प्राथमिक विद्यालय नदनवारा, लखनपुरा, प्राथमिक विद्यालय बरौदास्वामी प्रथम, भडरा, विनैकाटोरन, उच्च प्राथमिक विद्यालय बरौदास्वामी, भडरा, गोरा, प्राथमिक विद्यालय हर्षपुर, चीराहार, प्राथमिक विद्यालय ननौरा, उच्च प्राथमिक विद्यालय पिपरा, कालापहाड़, प्राथमिक विद्यालय ककरूआ, प्राथमिक विद्यालय महेशपुरा शामिल है।
प्रत्येक ब्लाक से उन विद्यालयों का चिह्नींकरण कराया गया है, जहां हाईटेंशन बिजली के तार निकले हैं। इसकी सूची विद्युत विभाग के अफसरों को भेजी गई है।
- आरके पुरोहित, प्रभारी बीएसए
विद्यालयों के ऊपर से जहां हाईटेंशन बिजली की लाइन निकली है, वहां गार्डिग लगवाई जाएगी। यदि कहीं से हाईटेंशन लाइन हटवाने के लिए बजट मिलता है तो बिजली की लाइन शिफ्ट कराई जाएगी।
- पीआर सिंह, अधीक्षण अभियंता, विद्युत वितरण निगम
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ललितपुर। जिले के विभिन्न परिषदीय विद्यालयों के ऊपर से निकले हाईटेंशन तार सैकड़ों बच्चों के लिए दुखदायी साबित हो रहे हैं। जहां अभिभावकों को स्कूल में किसी अनहोनी होने की चिंता सताती रहती है, वहीं अध्ययनरत बच्चे भी झूल रहे तारों को देखकर सहमे रहते हैं। वे परिसर में न तो स्वच्छंद तरीके से खेल पा रहे हैं और ही उनका पढ़ाई में मन नहीं लग रहा है। यही नहीं, मध्याह्न भोजन भी खुले में लेने से कतराते हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग अपने स्कूलों में भयमुक्त वातावरण बनाने का प्रयास कर रहा है। बच्चों को मारने- पीटने पर शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसके बाद भी स्कूलों में डर का माहौल समाप्त नहीं हो पाया है। कई विद्यालयों के ऊपर से निकले हाईटेंशन बिजली के तार इसमें रोड़ा बन रहे हैं। किसी स्कूल का भवन हाईटेंशन तारों को छू आ रहा है तो कहीं परिसर के बीच से हाईटेंशन तार निकले हैं। ऐसे में अभिभावकों का ध्यान पर बच्चे पर ही बना रहता है, उन्हें स्कूल में किसी अनहोनी होने की चिंता सताती रहती है।
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यही नहीं, अध्ययनरत बच्चे भी झूल रहे तारों को देख सहमे-सहमे रहते हैं। कई बच्चे तो स्कूल में अनियमित हो गए हैं। सूत्र बताते हैं कि जिले के प्रत्येक ब्लाक में पंद्रह से बीस विद्यालय ऐसे हैं, जिनके ऊपर से हाईटेंशन बिजली के तार निकले हैं। इसे ध्यान में रखकर बेसिक शिक्षा के अफसरों ने स्कूलों के ऊपर से निकले हाईटेंशन तार हटवाने की पहल शुरू कर दी है।
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खंड शिक्षा अधिकारी जखौरा जमील खान ने सभी संकुल प्रभारियों से ऐसे विद्यालयों की सूची तलब की है। उन्होंने संकुुल प्रभारियों को लिखे पत्र में बताया कि विद्यालय परिसर में हाईटेंशन लाइन हटवाने के लिए विद्युत विभाग के अवर अभियंता से समन्वय स्थापित करें। इसकी सूचना सह समन्वयक बसंत जैन को अवगत कराएं, ताकि प्रगति आख्या बीएसए कार्यालय में भेजी जा सके। अन्य ब्लॉकों में भी इस तरह का पत्राचार किया जा रहा है।
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इतना है छात्रांकन
जिले के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में एक लाख बहत्तर हजार बच्चे अध्ययनरत हैं। इन बच्चों को स्कूल में विभिन्न गतिविधियों से जोड़ा जाता है। इनमें मीना मंच के कार्यक्रम भी शामिल हैं।
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इन विद्यालयों के ऊपर से निकले हैं हाईटेंशन बिजली तार
ब्लॉक जखौरा अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय सुरऊआ, जिजयावन, मगरपुर, उच्च प्राथमिक विद्यालय खडेरा, प्राथमिक विद्यालय रसोई, उच्च प्राथमिक विद्यालय सीरोनकलां, सतगता, प्राथमिक विद्यालय अंधेर, उच्च प्राथमिक विद्यालय नदनवारा, लखनपुरा, प्राथमिक विद्यालय बरौदास्वामी प्रथम, भडरा, विनैकाटोरन, उच्च प्राथमिक विद्यालय बरौदास्वामी, भडरा, गोरा, प्राथमिक विद्यालय हर्षपुर, चीराहार, प्राथमिक विद्यालय ननौरा, उच्च प्राथमिक विद्यालय पिपरा, कालापहाड़, प्राथमिक विद्यालय ककरूआ, प्राथमिक विद्यालय महेशपुरा शामिल है।
प्रत्येक ब्लाक से उन विद्यालयों का चिह्नींकरण कराया गया है, जहां हाईटेंशन बिजली के तार निकले हैं। इसकी सूची विद्युत विभाग के अफसरों को भेजी गई है।
- आरके पुरोहित, प्रभारी बीएसए
विद्यालयों के ऊपर से जहां हाईटेंशन बिजली की लाइन निकली है, वहां गार्डिग लगवाई जाएगी। यदि कहीं से हाईटेंशन लाइन हटवाने के लिए बजट मिलता है तो बिजली की लाइन शिफ्ट कराई जाएगी।
- पीआर सिंह, अधीक्षण अभियंता, विद्युत वितरण निगम