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Lalitpur News: एक घंटे हुई झमाझम बारिश, लोगाें को मिली उमस भर्री गर्मी से राहत
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- राजघाट, माताटीला और शहजाद बांध के गेट खुले, छोड़ा गया अतिरिक्त पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जिले में बृहस्पतिवार दोपहर एक घंटे तक झमाझम बारिश हुई। इससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली तो बांधों का जलस्तर बढ़ गया। जलस्तर निर्धारित करने के लिए राजघाट बांध के गेट खोलकर 36544 क्यूसेक, माताटीला बांध से 44208 क्यूसेक और शहजाद बांध से 3057 क्यूसेक पानी छोड़ा जाने लगा। निचले क्षेत्रों में सिंचाई विभाग ने अलर्ट जारी किया और लोगों से नदी क्षेत्र में जाने की अपील की।
जोरदार बारिश से शहर की गलियां, नालियों और मोहल्लों में पानी भर गया। वहीं नदी-नालों में भी पानी पहुंच गया और यह बहने लगे। नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने पर राजघाट, माताटीला और शहजाद बांधों में पानी की आवक बढ़ गई और बांध का जलस्तर निर्धारित से अधिक पहुंचने लगा। जिसके बाद राजघाट बांध के चार गेट खोलकर 36544 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। राजघाट बांध से पानी छोड़े जाने और कैचमेट एरिया में पानी होने के बाद माताटीला बांध का जलस्तर भी बढ़ने लगा। इसे निर्धारित करने के लिए बांध के 12 गेट खोलकर 44208 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसके साथ ही शहजाद बांध के कैचमेट एरिया से बांध में पानी की आवक ज्यादा होने पर जलस्तर को निर्धारित करने के लिए बांध के तीन गेट खोलकर 3057 क्यूसेक पानी की निकासी की जाने लगी।
बांधों के गेट खुलने से निचले क्षेत्रों में बहने वाली नदियां उफान मारकर बहने लगीं। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने यहां के आसपास के क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया और लोगों से नदी क्षेत्र में न जाने की अपील की। सिंचाई खंड के अधिशासी अभियंता/नोडल भूपेश सुहेरा ने बताया कि बांधों में पानी की आवक बढ़ने पर गेट खोलकर अतिरिक्त पानी की निकासी की जा रही है। आवक कम होने और जलस्तर निर्धारित होने के बाद गेटों को बंद कर दिया जाएगा। निचले इलाकों में अलर्ट जारी कर लोगों से नदी क्षेत्र में न जाने की अपील की गई है।
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किसानों को राहत, रबी बोआई में मिलेगी मदद
खरीफ की फसल मानसून सीजन में खराब होने के बाद किसान आगामी रबी के सीजन में फसल बुआई के लिए बारिश का इंतजार कर रहा था। बृहस्पतिवार को हुई बारिश से किसानों को राहत मिली है। अब वह रबी की बुआई करने के लिए खेतों को तैयार करने में जुट जाएंगे। वहीं, ऐसे किसानों को भी राहत मिली जोकि अपने खेतों में मूंगफली बोए थे। बारिश होने के बाद खेतों में खड़ी मूंगफली की फसल निकालने में उन्हें मदद मिलेगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जिले में बृहस्पतिवार दोपहर एक घंटे तक झमाझम बारिश हुई। इससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली तो बांधों का जलस्तर बढ़ गया। जलस्तर निर्धारित करने के लिए राजघाट बांध के गेट खोलकर 36544 क्यूसेक, माताटीला बांध से 44208 क्यूसेक और शहजाद बांध से 3057 क्यूसेक पानी छोड़ा जाने लगा। निचले क्षेत्रों में सिंचाई विभाग ने अलर्ट जारी किया और लोगों से नदी क्षेत्र में जाने की अपील की।
जोरदार बारिश से शहर की गलियां, नालियों और मोहल्लों में पानी भर गया। वहीं नदी-नालों में भी पानी पहुंच गया और यह बहने लगे। नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने पर राजघाट, माताटीला और शहजाद बांधों में पानी की आवक बढ़ गई और बांध का जलस्तर निर्धारित से अधिक पहुंचने लगा। जिसके बाद राजघाट बांध के चार गेट खोलकर 36544 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। राजघाट बांध से पानी छोड़े जाने और कैचमेट एरिया में पानी होने के बाद माताटीला बांध का जलस्तर भी बढ़ने लगा। इसे निर्धारित करने के लिए बांध के 12 गेट खोलकर 44208 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसके साथ ही शहजाद बांध के कैचमेट एरिया से बांध में पानी की आवक ज्यादा होने पर जलस्तर को निर्धारित करने के लिए बांध के तीन गेट खोलकर 3057 क्यूसेक पानी की निकासी की जाने लगी।
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बांधों के गेट खुलने से निचले क्षेत्रों में बहने वाली नदियां उफान मारकर बहने लगीं। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने यहां के आसपास के क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया और लोगों से नदी क्षेत्र में न जाने की अपील की। सिंचाई खंड के अधिशासी अभियंता/नोडल भूपेश सुहेरा ने बताया कि बांधों में पानी की आवक बढ़ने पर गेट खोलकर अतिरिक्त पानी की निकासी की जा रही है। आवक कम होने और जलस्तर निर्धारित होने के बाद गेटों को बंद कर दिया जाएगा। निचले इलाकों में अलर्ट जारी कर लोगों से नदी क्षेत्र में न जाने की अपील की गई है।
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किसानों को राहत, रबी बोआई में मिलेगी मदद
खरीफ की फसल मानसून सीजन में खराब होने के बाद किसान आगामी रबी के सीजन में फसल बुआई के लिए बारिश का इंतजार कर रहा था। बृहस्पतिवार को हुई बारिश से किसानों को राहत मिली है। अब वह रबी की बुआई करने के लिए खेतों को तैयार करने में जुट जाएंगे। वहीं, ऐसे किसानों को भी राहत मिली जोकि अपने खेतों में मूंगफली बोए थे। बारिश होने के बाद खेतों में खड़ी मूंगफली की फसल निकालने में उन्हें मदद मिलेगी।