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कारगर साबित नहीं हो रही मुख्यमंत्री जल बचाओ योजना
ब्यूरो
Updated Sat, 06 Feb 2016 12:30 AM IST
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ललितपुर। मुख्यमंत्री जल बचाओ योजना सूखे से निपटने में कारगर दिखाई नहीं दे रही है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में 46 में से 40 तालाबों का जीर्णोद्घार हो गया है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल एवं सिंचाई की समस्या जस की तस बनी हुई है।
प्राचीन जलस्रोतों को संरक्षित करने के लिए मुख्यमंत्री ने जल बचाओ योजना शुरू की है। इसके अंतर्गत जिले में 46 प्राचीन तालाबों को लिया गया है। योजना के तहत चिह्नित तालाबों का जीर्णोद्घार करने के साथ - साथ जलधारण क्षमता बढ़ाना है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में लक्ष्य 46 के सापेक्ष 40 तालाब पूर्ण हो गए हैं।
आधा दर्जन तालाबों पर अभी कार्य पूर्ण होना शेष है, जबकि वित्तीय वर्ष का एक माह शेष रह गया है। लेकिन, सूखा होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को राहत नहीं मिल पाई है। इस साल पड़े सूखा से तालाब और पोखरों का पानी सूखने लगा है। कुएं व हैंडपंप भी जवाब देने लगे हैं। यदि जल्द ही प्रशासन ने ठोस उपाय नहीं किए तो आने वाले दिनों में लोगों के साथ मवेशियों को भी पेयजल संकट से जूझना पड़ सकता है।
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यह हैं स्वीकृत तालाब
मुख्यमंत्री जल बचाओ योजनांतर्गत एक हेक्टेयर से कम आकार के तालाबों का जीर्णोद्घार कराया जा रहा है। इसमें ब्लाक बार में सभी 8 तालाब व महरौनी में सभी 2 तालाब पूर्ण हो गए हैं। वहीं, ब्लाक बिरधा में 16 में से 15, जखौरा में 2 में 1, मड़ावरा में 16 में से 13, तालबेहट में 2 में से 1 तालाब पूर्ण हो सका है। इस तरह जिले में स्वीकृत 46 में से 6 तालाब अधूरे पड़े हैं।
यहां हो रहे काम
ब्लाक बार में बड़े तालाब का गहरीकरण, टूंडा घाट तालाब का गहरी करण, सुनवइया तालाब का कार्य, कलराई तालाब पर गहरीकरण व पौधारोपण का कार्य, चकौरा तालाब पर गहरीकरण एवं पौधारोपण कार्य, चकौरा तालाब पर गहरीकरण व पौधारोपण कार्य, जोत तालाब पर गहरीकरण एवं पौधारोपण, रमन तालाब पर गहरीकरण व पौधारोपण, हीरानगर तालाब पर गहरीकरण व पौधारोपण, बिरधा में गुदनया तालाब, हसराई तालाब, जानकी कुंड तालाब, बेसरा तालाब, ऐरा का आदर्श तालाब,
मगरपुर तालाब, जाखलौन का भुजरया तालाब, बड़ी तलैया बड़ापुरा, बालाबेहट का भुजरया तालाब, चौतराघाट तालाब गहरीकरण, बरेना तालाब गहरीकरण, महोली का आदर्श तालाब गहरीकरण, लक्ष्मणगढ़ तालाब गहरीकरण, सुम्मा पहाड़ी के पास तालाब गहरीकरण, दांवर की बड़ी पटार झील, जाखलौन की मोती महाराज की तलैया, करघट तालाब, मड़ावरा में सुकला तालाब खेरपुरा, पठसा तालाब, बाढई के हार का तालाब, पहाड़ी खुर्द का तालाब, कुम्हारगढ़ा की तलैया,
तरावली में स्कूल के पास का तालाब, समदुवा ताल गहरीकरण, बलना तालाब वृंदावन के पास, भौतीमड़ावरा में पटला हार का तालाब, गोराई तालाब, ककरुवा तालाब, बावा ताल, मनुवा तालाब, दउवा तालाब, बुदनी मड़ावरा तालाब, छायन का नवीन तालाब, राधापुर तालाब व म्यांव का रारा तालाब का गहरीकरण शामिल है।
इस वित्तीय वर्ष में लक्ष्य के सापेक्ष सभी तालाब पूर्ण करा लिए जाएंगे। तालाबों के गहरीकरण आदि कार्य के अनुश्रवण को ब्लाक एवं जिलास्तरीय अधिकारी लगे हुए हैं। सूखे से निपटने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
- देवेंद्र प्रताप
जिला विकास अधिकारी/ नोडल अधिकारी ललितपुर
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प्राचीन जलस्रोतों को संरक्षित करने के लिए मुख्यमंत्री ने जल बचाओ योजना शुरू की है। इसके अंतर्गत जिले में 46 प्राचीन तालाबों को लिया गया है। योजना के तहत चिह्नित तालाबों का जीर्णोद्घार करने के साथ - साथ जलधारण क्षमता बढ़ाना है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में लक्ष्य 46 के सापेक्ष 40 तालाब पूर्ण हो गए हैं।
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आधा दर्जन तालाबों पर अभी कार्य पूर्ण होना शेष है, जबकि वित्तीय वर्ष का एक माह शेष रह गया है। लेकिन, सूखा होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को राहत नहीं मिल पाई है। इस साल पड़े सूखा से तालाब और पोखरों का पानी सूखने लगा है। कुएं व हैंडपंप भी जवाब देने लगे हैं। यदि जल्द ही प्रशासन ने ठोस उपाय नहीं किए तो आने वाले दिनों में लोगों के साथ मवेशियों को भी पेयजल संकट से जूझना पड़ सकता है।
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यह हैं स्वीकृत तालाब
मुख्यमंत्री जल बचाओ योजनांतर्गत एक हेक्टेयर से कम आकार के तालाबों का जीर्णोद्घार कराया जा रहा है। इसमें ब्लाक बार में सभी 8 तालाब व महरौनी में सभी 2 तालाब पूर्ण हो गए हैं। वहीं, ब्लाक बिरधा में 16 में से 15, जखौरा में 2 में 1, मड़ावरा में 16 में से 13, तालबेहट में 2 में से 1 तालाब पूर्ण हो सका है। इस तरह जिले में स्वीकृत 46 में से 6 तालाब अधूरे पड़े हैं।
यहां हो रहे काम
ब्लाक बार में बड़े तालाब का गहरीकरण, टूंडा घाट तालाब का गहरी करण, सुनवइया तालाब का कार्य, कलराई तालाब पर गहरीकरण व पौधारोपण का कार्य, चकौरा तालाब पर गहरीकरण एवं पौधारोपण कार्य, चकौरा तालाब पर गहरीकरण व पौधारोपण कार्य, जोत तालाब पर गहरीकरण एवं पौधारोपण, रमन तालाब पर गहरीकरण व पौधारोपण, हीरानगर तालाब पर गहरीकरण व पौधारोपण, बिरधा में गुदनया तालाब, हसराई तालाब, जानकी कुंड तालाब, बेसरा तालाब, ऐरा का आदर्श तालाब,
मगरपुर तालाब, जाखलौन का भुजरया तालाब, बड़ी तलैया बड़ापुरा, बालाबेहट का भुजरया तालाब, चौतराघाट तालाब गहरीकरण, बरेना तालाब गहरीकरण, महोली का आदर्श तालाब गहरीकरण, लक्ष्मणगढ़ तालाब गहरीकरण, सुम्मा पहाड़ी के पास तालाब गहरीकरण, दांवर की बड़ी पटार झील, जाखलौन की मोती महाराज की तलैया, करघट तालाब, मड़ावरा में सुकला तालाब खेरपुरा, पठसा तालाब, बाढई के हार का तालाब, पहाड़ी खुर्द का तालाब, कुम्हारगढ़ा की तलैया,
तरावली में स्कूल के पास का तालाब, समदुवा ताल गहरीकरण, बलना तालाब वृंदावन के पास, भौतीमड़ावरा में पटला हार का तालाब, गोराई तालाब, ककरुवा तालाब, बावा ताल, मनुवा तालाब, दउवा तालाब, बुदनी मड़ावरा तालाब, छायन का नवीन तालाब, राधापुर तालाब व म्यांव का रारा तालाब का गहरीकरण शामिल है।
इस वित्तीय वर्ष में लक्ष्य के सापेक्ष सभी तालाब पूर्ण करा लिए जाएंगे। तालाबों के गहरीकरण आदि कार्य के अनुश्रवण को ब्लाक एवं जिलास्तरीय अधिकारी लगे हुए हैं। सूखे से निपटने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
- देवेंद्र प्रताप
जिला विकास अधिकारी/ नोडल अधिकारी ललितपुर