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Lalitpur News: उधारी के रुपये मांगने पर की थी दोस्त की हत्या
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ललितपुर। 19 दिसंबर को थाना नाराहट के बछरई गांव के दीपक प्रजापति की गला घोंटकर हत्या करने के मामले में फरार चल रहे आरोपी रामअवतार को पुलिस ने चार दिन बाद गिरफ्तार कर लिया।
दीपक के द्वारा उधार दिए गए बीस हजार रुपये बार-बार मांगने और शराब पार्टी के दौरान पत्नी के बारे में आपत्तिजनक बातें करने पर रामअवतार ने उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी थी। जिंदा बचने की संभावना न रहे, इस कारण से उसके सिर के ऊपर गाड़ी का टायर, पत्थर और मोटी लकड़ी का टुकड़ा रखकर मौके से फरार हो गया था।
ग्राम बछरई निवासी दीपक का शव 19 दिसंबर की सुबह गांव के ही रामअवतार के घर के अंदर कमरे में तखत पर कंबल से ढंका हुआ दिल्ली से गांव लौटे उसके माता-पिता को मिला था।
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गांव वालों ने बताया था कि 18 दिसंबर की शाम को दीपक को रामअवतार के साथ उसके घर की ओर जाते हुए देखा था। जिसके बाद पुलिस ने रामअवतार के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी। एसपी मोहम्मद मुश्ताक ने आरोपी को पकड़ने के लिए सीओ पाली सुनील भारद्वाज के नेतृत्व में चार टीमें लगाई थी। जोकि गांव से सटे जंगल में सर्च ऑपरेशन चला थी और अन्य संभावित स्थानों पर खोजबीन कर रही थी।
मंगलवार को पुलिस टीमें ने मुखबिर की सूचना पर वांछित हत्यारोपी रामअवतार पुत्र रामस्वरूप कुर्मी निवासी ग्राम बछरई को ग्राम कलौथरा के पास जंगल क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में रामअवतार ने बताया दीपक उसका दोस्त था। 4-5 माह पूर्व उसने दीपक प्रजापति से बीस रुपये उधार लिए थे। जिसे वह उसके रुपये वापस नहीं कर पाया था। दीपक उससे अपने दिए हुए रुपये मांगता रहता था। जिससे वह काफी परेशान था। दीपक दिल्ली से मजदूरी करके अपने घर आया था। 18 दिसंबर की शाम को दीपक ने उससे अपने रुपये मांगे। इस पर उसने दीपक से कहा था कि उसके घर चलो, वहीं पर तुम्हारे रुपये दे दूंगा। वह दीपक को अपने घर ले गया था। यहां दोनों शराब पीने लगे। इस बीच दीपक उसकी पत्नी के बारे में आपत्तिजनक बातें कहने लगा था। जिससे दोनों में झगड़ा होने लगा और आवेश में आकर उसे धक्का दे दिया था, जिससे दीपक का सिर तखत से टकरा गया और वह बेहोश हो गया था। इसके बाद उसने गुस्से में आकर दीपक का गला दबाकर हत्या कर दी और मौके से भाग गया था। लेकिन चार दिन बाद पुलिस के द्वारा उसे पकड़ लिया गया। गिरफ्तार करने वाली टीम में थानाध्यक्ष नाराहट पारुल चंदेल, स्वॉट टीम प्रभारी अतुल तिवारी और सर्विलांस प्रभारी अरुण पवार अपनी अपनी टीमों के साथ शामिल रहे।
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दीपक के द्वारा उधार दिए गए बीस हजार रुपये बार-बार मांगने और शराब पार्टी के दौरान पत्नी के बारे में आपत्तिजनक बातें करने पर रामअवतार ने उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी थी। जिंदा बचने की संभावना न रहे, इस कारण से उसके सिर के ऊपर गाड़ी का टायर, पत्थर और मोटी लकड़ी का टुकड़ा रखकर मौके से फरार हो गया था।
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ग्राम बछरई निवासी दीपक का शव 19 दिसंबर की सुबह गांव के ही रामअवतार के घर के अंदर कमरे में तखत पर कंबल से ढंका हुआ दिल्ली से गांव लौटे उसके माता-पिता को मिला था।
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गांव वालों ने बताया था कि 18 दिसंबर की शाम को दीपक को रामअवतार के साथ उसके घर की ओर जाते हुए देखा था। जिसके बाद पुलिस ने रामअवतार के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी। एसपी मोहम्मद मुश्ताक ने आरोपी को पकड़ने के लिए सीओ पाली सुनील भारद्वाज के नेतृत्व में चार टीमें लगाई थी। जोकि गांव से सटे जंगल में सर्च ऑपरेशन चला थी और अन्य संभावित स्थानों पर खोजबीन कर रही थी।
मंगलवार को पुलिस टीमें ने मुखबिर की सूचना पर वांछित हत्यारोपी रामअवतार पुत्र रामस्वरूप कुर्मी निवासी ग्राम बछरई को ग्राम कलौथरा के पास जंगल क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में रामअवतार ने बताया दीपक उसका दोस्त था। 4-5 माह पूर्व उसने दीपक प्रजापति से बीस रुपये उधार लिए थे। जिसे वह उसके रुपये वापस नहीं कर पाया था। दीपक उससे अपने दिए हुए रुपये मांगता रहता था। जिससे वह काफी परेशान था। दीपक दिल्ली से मजदूरी करके अपने घर आया था। 18 दिसंबर की शाम को दीपक ने उससे अपने रुपये मांगे। इस पर उसने दीपक से कहा था कि उसके घर चलो, वहीं पर तुम्हारे रुपये दे दूंगा। वह दीपक को अपने घर ले गया था। यहां दोनों शराब पीने लगे। इस बीच दीपक उसकी पत्नी के बारे में आपत्तिजनक बातें कहने लगा था। जिससे दोनों में झगड़ा होने लगा और आवेश में आकर उसे धक्का दे दिया था, जिससे दीपक का सिर तखत से टकरा गया और वह बेहोश हो गया था। इसके बाद उसने गुस्से में आकर दीपक का गला दबाकर हत्या कर दी और मौके से भाग गया था। लेकिन चार दिन बाद पुलिस के द्वारा उसे पकड़ लिया गया। गिरफ्तार करने वाली टीम में थानाध्यक्ष नाराहट पारुल चंदेल, स्वॉट टीम प्रभारी अतुल तिवारी और सर्विलांस प्रभारी अरुण पवार अपनी अपनी टीमों के साथ शामिल रहे।