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फांसी लगाकर युवक ने दी जान
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hang
- फोटो : hang
ललितपुर। थाना नाराहट अंतर्गत ग्राम इमलिया में एक युवक ने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। युवक तीन माह पहले पत्नी के मायके जाने के कारण परेशान रहता था और नशे की हालत में वह पहले भी मरने की धमकी देता रहता था। नाराहट पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
ग्राम इमलिया निवासी राजकुमार (28) पुत्र दयाराम खेतों में कटाई आदि का काम करता था। मनरेगा के तहत भी वह काम करता था। बीते रोज वह ठेका लिए गए एक खेत में सोयाबीन काटने गया था। देर शाम को शराब के नशे में घर लौटा और रात को उसने अटारी में अपने कमरे में जाकर म्यारी पर रस्सी से फांसी लगा ली। उसके पिता खेत पर सोयाबीन की कटाई होने के चलते रात में जब घर लौटे तो उन्होंने अपनी पत्नी से तीनों पुत्रों के बारे में पूछा, तो उसने दो पुत्रों के सोने की बात बताई, लेकिन बड़े पुत्र राजकुमार के आने पर अनभिज्ञता जताई।
इसके बाद पिता के कहने पर मां जब अटारी में देखने गई तो बड़ा पुत्र फांसी के फंदे पर लटक रहा था। मां के चीखने की आवाज सुनकर पिता व अन्य भाई एवं परिजन भी वहां पहुंच गए। जिस पर पिता ने ग्राम प्रधान को बुलाकर घटना की जानकारी दी, तो ग्राम प्रधान ने पुलिस को घटना की सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंच गई और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पिता दयाराम ने बताया कि उसके राजकुमार की पत्नी व उसके दोनों बच्चों को उसके मायके वाले 16 जून को ग्राम तेरा लिवा ले गए थे। पुत्र शराब पीकर नशे में रहता है और नशे में होने के कारण वह अपने पत्नी को भी मारपीट कर परेशान करता था। जिसके चलते उसके मायके वाले बहू व बच्चों को ले गए थे। तीन माह पहले जब पत्नी मायके चली गई तो वह भागकर मरने की धमकी देता हुआ कहीं जाने लगा था तो गांव वालों ने किसी प्रकार उसे समझा बुझाकर लौटाया था, लेकिन मंगलवार को उसने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी।
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ग्राम इमलिया निवासी राजकुमार (28) पुत्र दयाराम खेतों में कटाई आदि का काम करता था। मनरेगा के तहत भी वह काम करता था। बीते रोज वह ठेका लिए गए एक खेत में सोयाबीन काटने गया था। देर शाम को शराब के नशे में घर लौटा और रात को उसने अटारी में अपने कमरे में जाकर म्यारी पर रस्सी से फांसी लगा ली। उसके पिता खेत पर सोयाबीन की कटाई होने के चलते रात में जब घर लौटे तो उन्होंने अपनी पत्नी से तीनों पुत्रों के बारे में पूछा, तो उसने दो पुत्रों के सोने की बात बताई, लेकिन बड़े पुत्र राजकुमार के आने पर अनभिज्ञता जताई।
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इसके बाद पिता के कहने पर मां जब अटारी में देखने गई तो बड़ा पुत्र फांसी के फंदे पर लटक रहा था। मां के चीखने की आवाज सुनकर पिता व अन्य भाई एवं परिजन भी वहां पहुंच गए। जिस पर पिता ने ग्राम प्रधान को बुलाकर घटना की जानकारी दी, तो ग्राम प्रधान ने पुलिस को घटना की सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंच गई और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पिता दयाराम ने बताया कि उसके राजकुमार की पत्नी व उसके दोनों बच्चों को उसके मायके वाले 16 जून को ग्राम तेरा लिवा ले गए थे। पुत्र शराब पीकर नशे में रहता है और नशे में होने के कारण वह अपने पत्नी को भी मारपीट कर परेशान करता था। जिसके चलते उसके मायके वाले बहू व बच्चों को ले गए थे। तीन माह पहले जब पत्नी मायके चली गई तो वह भागकर मरने की धमकी देता हुआ कहीं जाने लगा था तो गांव वालों ने किसी प्रकार उसे समझा बुझाकर लौटाया था, लेकिन मंगलवार को उसने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी।
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