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Lalitpur News: जांचें ठप होने से किया जा रहा आधा-अधूरा इलाज

Sat, 08 Mar 2025 12:05 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 08 Mar 2025 12:05 AM IST
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Half-hearted treatment is being done due to the investigations being stalled
संवाद न्यूज एजेंसी
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ललितपुर। मेडिकल कॉलेज सात माह बाद भी बेहतर उपचार मुहैया कराने की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका। चिकित्सक तो मिल गए, लेकिन सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। कारण, पैथोलॉजी की व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है। डिजिटल एक्स-रे, सीटी स्कैन समेत कई प्रमुख जांच की सुविधाएं कुछ मशीन खराब होने तो कुछ कर्मचारियों के अभाव में बंद पड़ी हैं।
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डिजिटल एक्स-रे मशीन तीन वर्ष से खराब
तीन मई 2023 को शार्ट सर्किट होने ने डिजिटल एक्स-रे मशीन खराब हो गई थी। तब से अब तक मशीन ठीक नहीं की जा सकी। पुरानी मशीन से एक्स-रे किए जा रहे हैं, लेकिन फिल्म स्पष्ट नहीं आती। प्रतिदिन 45-50 मरीज जांच के लिए बाहर जा रहे हैं, जहां उन्हें 400 से 500 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।
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थायराइड और विटामिन की जांच दो माह से ठप
दो माह से अधिक समय से हार्मोन और थायराइड की जांच बंद पड़ी है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार प्रतिदिन 50-60 लोग विटामिन व थायराइड की जांच के लिए आते थे। अब इन मरीजों को जांच के लिए बाहर जाना पड़ रहा है, जहां उन्हें 500 से 800 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। निर्धन तबके के मरीजाें को इलाज कराना मुश्किल हो रहा है।
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ईको जांच मशीन सात माह से खराब
गहन हृदय चिकित्सा इकाई (सीसीयू) में मरीजों की जांच के लिए ईको मशीन आई थी, जो लंबे समय तक बंद रखी रही। इसके बाद चालू हुई, जो लगभग एक वर्ष ही चली। फिर खराब हो गई, तब से अब तक सात माह से अधिक समय बीतने के बाद भी ठीक नहीं कराई गई। जांच के अभाव में मरीजों को रेफर करना पड़ रहा है।
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सीटी स्कैन मशीन खराब होने से जांच प्रभावित
सीटी स्कैन मशीन फरवरी की शुरुआत में ही खराब हो गई थी। तब से अब तक इसे ठीक नहीं किया जा सका है। सिर की चोट व अन्य समस्याओं के मरीजों की जांच नहीं हो पा रही है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार प्रतिदिन 35-40 जांच होती थी। अब दिन में महज दो से चार जांच ही हो पा रही है। कई गंभीर मरीज बाहर जांच कराने के लिए मजबूर हैं।
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बीएसएल-2 लैब दो वर्ष से फांक रही धूल
इमरजेंसी वार्ड के प्रथम तल पर बीएसएल-2 लैब स्थापित की गई है। यहां हेपेटाइटिस बी व सी, कोरोना वायरस के प्रकार की जांच की जाती है, लेकिन दो वर्ष से लैब का संचालन ठप है। अधिकारियों का कहना है कि लैब में तैनात कर्मचारी के अवकाश पर होने के चलते लैब का संचालन नहीं हो पा रहा है।

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सीटी स्कैन, हार्मोन व थायराइड जांच की मशीन को ठीक कराया जा रहा है। जल्द ही जांच की सुविधा शुरू होगी। बीएसएल-2 में दूसरे कर्मी के नियुक्त होने पर इसका संचालन किया जाएगा।
- डॉ. डीनाथ, प्रधानाचार्य, मेडिकल कॉलेज
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