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Lalitpur News: बारिश से चना, मसूर, मटर की फसल को नुकसान
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर/बिरधा। रविवार रात्रि में हुई तेज बारिश से मटर व मसूर की फसल को नुकसान हो गया। इन फसलाें में आ रहे फूल बारिश से प्रभावित हो गए हैं। हालांकि, गेहूं व जौ की फसल को फायदा हुआ है।
दिसंबर के अंतिम सप्ताह में कड़ाके की सर्दी के साथ आसमान कोहरे की चादर से ढंक गया था। लगभग दो सप्ताह तक धूप नहीं निकली थी। इससे दलहनी फसलों को नुकसान हो गया था। मटर, मसूर व चना की फसल में फूल नहीं आ रहे थे, गेहूं की फसलें भी पीली पड़ने लगी थीं। जनवरी के दूसरे सप्ताह में मौसम साफ हुआ और धूप निकली। बर्फीली हवाएं भी चलीं। पाला पड़ने से फसल में नुकसान हो गया। रही सही कसर रविवार रात्रि में हुई बारिश ने पूरी कर दी। अब दूसरी बार आ रहे मटर व मसूर की फसल में फूलों को नुकसान हो गया है। किसानों ने बताया कि इन फसलों में लाभ होना तो दूर लागत नहीं निकलेगी। बीज की उम्मीद तक खत्म हो गई है। फसलों का सर्वे कराकर मुआवजा दिया जाए। ग्राम कलौथरा, सिंगेपुर, सतौरा, कलरव, पिपरिया, पाली, हरपुरा, नीमखेरा, कुलुवा, सलैया, बंगरिया, उमरिया, मगरपुर, करमरा, पटौवा, मगरपुर आदि के किसानों ने बताया कि उनकी फसलों में काफी नुकसान हुआ है।
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बेमौसम बारिश से किसान चिंतित
पाली। किसानों का कहना है कि पहले से ही वे कर्ज में डूबे हुए हैं। उम्मीद थी कि अच्छी फसल होगी, जिससे क़र्ज़ा चुक जाएगा, परिवार का भरण पोषण कर सकेंगे, लेकिन बारिश से उनकी उम्मीदों पर पानी फिरता नज़र आ रहा है। संवाद
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दलहनी फसलें पूरी तरह से जमीन में बिछ गई हैं, अब फसलों से लागत निकालना तक मुश्किल हो गया है।
- काशीराम अहिरवार, कलौथरा
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बेमौसम बारिश से फसल में भारी नुकसान हुआ है। मटर, मसूर, चना के फूल झड़ गए हैं।
- कैलाश अहिरवार, सिंगेपुर
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लगातार बारिश होने के कारण खेतों में पानी जमा हो गया है। इससे फसलों में अधिक नुकसान हो गया है।
- मुरारी दुबे, सतौरा
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मटर, मसूर व चना की फसलों के फूल झड़ चुके हैं। इसका सर्वे कराकर मुआवजा दिया जाए।
- कुंजन विश्वकर्मा, जमौरा
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बारिश से मटर व मसूर की फसल प्रभावित होने और चना को भी हल्का नुकसान होने की जानकारी है। क्रॉप कटिंग में पैदावार में कमी आने पर नुकसान का क्लेम दिया जाएगा।
- राजीव कुमार भारती, जिला कृषि अधिकारी
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ललितपुर/बिरधा। रविवार रात्रि में हुई तेज बारिश से मटर व मसूर की फसल को नुकसान हो गया। इन फसलाें में आ रहे फूल बारिश से प्रभावित हो गए हैं। हालांकि, गेहूं व जौ की फसल को फायदा हुआ है।
दिसंबर के अंतिम सप्ताह में कड़ाके की सर्दी के साथ आसमान कोहरे की चादर से ढंक गया था। लगभग दो सप्ताह तक धूप नहीं निकली थी। इससे दलहनी फसलों को नुकसान हो गया था। मटर, मसूर व चना की फसल में फूल नहीं आ रहे थे, गेहूं की फसलें भी पीली पड़ने लगी थीं। जनवरी के दूसरे सप्ताह में मौसम साफ हुआ और धूप निकली। बर्फीली हवाएं भी चलीं। पाला पड़ने से फसल में नुकसान हो गया। रही सही कसर रविवार रात्रि में हुई बारिश ने पूरी कर दी। अब दूसरी बार आ रहे मटर व मसूर की फसल में फूलों को नुकसान हो गया है। किसानों ने बताया कि इन फसलों में लाभ होना तो दूर लागत नहीं निकलेगी। बीज की उम्मीद तक खत्म हो गई है। फसलों का सर्वे कराकर मुआवजा दिया जाए। ग्राम कलौथरा, सिंगेपुर, सतौरा, कलरव, पिपरिया, पाली, हरपुरा, नीमखेरा, कुलुवा, सलैया, बंगरिया, उमरिया, मगरपुर, करमरा, पटौवा, मगरपुर आदि के किसानों ने बताया कि उनकी फसलों में काफी नुकसान हुआ है।
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बेमौसम बारिश से किसान चिंतित
पाली। किसानों का कहना है कि पहले से ही वे कर्ज में डूबे हुए हैं। उम्मीद थी कि अच्छी फसल होगी, जिससे क़र्ज़ा चुक जाएगा, परिवार का भरण पोषण कर सकेंगे, लेकिन बारिश से उनकी उम्मीदों पर पानी फिरता नज़र आ रहा है। संवाद
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दलहनी फसलें पूरी तरह से जमीन में बिछ गई हैं, अब फसलों से लागत निकालना तक मुश्किल हो गया है।
- काशीराम अहिरवार, कलौथरा
बेमौसम बारिश से फसल में भारी नुकसान हुआ है। मटर, मसूर, चना के फूल झड़ गए हैं।
- कैलाश अहिरवार, सिंगेपुर
लगातार बारिश होने के कारण खेतों में पानी जमा हो गया है। इससे फसलों में अधिक नुकसान हो गया है।
- मुरारी दुबे, सतौरा
मटर, मसूर व चना की फसलों के फूल झड़ चुके हैं। इसका सर्वे कराकर मुआवजा दिया जाए।
- कुंजन विश्वकर्मा, जमौरा
बारिश से मटर व मसूर की फसल प्रभावित होने और चना को भी हल्का नुकसान होने की जानकारी है। क्रॉप कटिंग में पैदावार में कमी आने पर नुकसान का क्लेम दिया जाएगा।
- राजीव कुमार भारती, जिला कृषि अधिकारी