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सरकारी योजनाएं बच्चों को नहीं बना पा रहीं स्वस्थ

Wed, 26 Jul 2017 01:32 AM IST
amarujala
amarujala Updated Wed, 26 Jul 2017 01:32 AM IST
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 Government schemes are not able to make children healthy
childrenc lalitpur news - फोटो : demo
ललितपुर। 
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बच्चों के स्वास्थ्य को संतुलित और पौष्टिक आहार देने में लापरवाही बरती जा रही है, यही वजह है कि जिले में जून माह में 44,710 अल्प कुपोषित व 12,924 अति कुपोषित बच्चे चिह्नित किए गए हैं। इसमें से 18 बच्चे ही जिला अस्पताल के एनआरसी वार्ड में पहुंच सके हैं।
शासन द्वारा जनपद में कुपोषण की बीमारी से बचाव के लिए बच्चों और उनकी मां के लिए विभिन्न सरकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। आईसीडीएस विभाग द्वारा आंगनबाड़ी के माध्यम से ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में पंजीरी और हॉट कुक का वितरण किया जाता है। लेकिन, कई बार टेंडर प्रक्रिया में लेटलतीफी के चलते पौष्टिक आहार का वितरण नहीं हो पाता है। वहीं, ब्लॉक बार स्वास्थ्य केंद्रों पर भी पौष्टिक आहार वितरण और विशेषज्ञों की कमी के चलते कुपोषित बच्चों की संख्या में कमी नहीं आई है। जबकि, सरकार द्वारा बच्चों में कुपोषण की बीमारी से बचाव के लिए विभिन्न योजनाओं में हर वर्ष करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं। स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों पर आयरन और कीड़े मारने की गोलियों का वितरण साल में दो बार किया जाता है। इसके बाद भी कुपोषित बच्चों की संख्या में कमी नहीं आई है। आशाओं और एनएम के माध्यम से कुपोषित बच्चों को चिह्नित कर एनआरसी में भर्ती कराने पर 50 रुपये प्रति बच्चा और चार बार तक प्रति फॉलोअप पर 100 रुपये प्रोत्साहन के रूप में दिए जाते हैं। वहीं, एनआरसी में भर्ती कुपोषित बच्चों की मां को प्रतिदिन 50 रुपये की राशि दी जाती है। 
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एनआरसी में कुुपोषित बच्चों की भर्ती के लिए मात्र दस बेड की ही व्यवस्था की गई है। लेकिन कई बार यहां अधिक कुुपोषित बच्चों के पहुंचने पर एक बेड पर दो-दो बच्चों को भी भर्ती करना होता है या फिर उन्हें अन्य वार्ड में भर्ती कराया जाता है। एनआरसी में सोमवार को कुपोषित 12 बच्चे भर्ती थे, जिनमें दो बेड पर डबल बच्चों को शिफ्ट करना पड़ा। वहीं जून माह में यहां कुल 18 कुपोषित बच्चों को भर्ती करना बताया गया है। यह बच्चे तब तक भर्ती किए जाते हैं, जब तक इनका वजन भर्ती के दिन से 15 प्रतिशत नहीं बढ़ जाता है। वहीं ब्लाक व स्वास्थ्य केंद्रों पर अल्प वजन वाले कुपोषित बच्चों का आंकड़ा जून माह में 44 हजार 710 और अतिकुपोषित बच्चों का आंकड़ा 12 हजार 924 तक रहा। 
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जिला में कुपोषित बच्चों की बीमारियां की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग और जिला कार्यक्रम विभाग द्वारा हर गांव में एक साल में दो बार कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, इसमें कीटाणु मारने के लिए एलबैंडाजोल की गोलियां और खून बढ़ाने के लिए आयरन की गोलियां दी जाती हैं। इस बार दस अगस्त को आंगनबाड़ी केंद्रों, सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों  में 19 वर्ष तक के बच्चों को स्वास्थ्य बढ़ाने लिए आयरन और एलबैंडाजोल की गोलियां खिलाई जाएंगी।       
डा. प्रताप सिंह, सीएमओ ललितपुर।
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