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किराए के भवनों से मिला छुटकारा
ललितपुर ब्यूरो
Updated Sun, 09 Aug 2015 12:30 AM IST
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ललितपुर। परिषदीय स्कूलों को जीर्णशीर्ण भवनों से छुटकारा मिल गया है। वर्षों से किराए के भवन में चल रहे पांच विद्यालयों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया गया है। इससे अब बच्चों को मूलभूत सुविधाएं आसानी से हासिल हो सकेगी।
प्रदेश में शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू है। इसमें स्कूल भवन में पेयजल और शौचालय होना आवश्यक है। इसके बाद भी किराए के भवनों में संचालित स्कूल के बच्चों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया नहीं हो पा रही थीं। किराए के भवनों में न तो पेयजल की सुुविधा थी और न ही शौचालय की सुविधा थी। यहां तक कि मरम्मत के अभाव में भवन जीर्णशीर्ण हो गए थे। बरसात के सीजन में स्कूलों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जाता था। मौसम साफ होते ही कक्षाएं वापस उन्हीं स्कूलों में लगना शुरू हो जाती थीं। पिछले दिनों नीति आयोग के डायरेक्टर ने जनपद भ्रमण किया था। इस दौरान उन्होंने किराए के भवनों में चल रहे स्कूलों को देखा था। उन्होंने बीएसए रामपाल सिंह को किराए के भवनों से स्कूलों को हटाने के निर्देश दिए थेे।
इसके अनुपालन में बीएसए ने किराए के भवनों में चल रहे स्कूलों को समीपवर्ती स्कूलों में स्थानांतरित कर दिया है। इससे वर्षों से मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान रहे बच्चों के साथ स्कूली स्टाफ को भी राहत मिल गई है।
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स्कूल यहां किए गए शिफ्ट
प्राथमिक विद्यालय शताब्दी रामनगर में छात्रांकन 66, प्राथमिक विद्यालय बड़ापुरा बालक में छात्रांकन 55, प्राथमिक विद्यालय अजीतापुरा में छात्रांकन 53, प्राथमिक विद्यालय रामराजा मंदिर में छात्रांकन 42, प्राथमिक विद्यालय शिवालय में छात्रांकन 55 और उच्च प्राथमिक विद्यालय शिवालय में छात्रांकन 43 है। यह स्कूल किराए के भवनों में संचालित हो रहे थे। अब इन स्कूलों को क्रमश: प्राथमिक विद्यालय बड़ापुरा कन्या, प्राथमिक विद्यालय चौबयाना नंबर दो, प्राथमिक विद्यालय रावरपुरा, प्राथमिक विद्यालय लक्ष्मीपुरा, प्राथमिक विद्यालय चौबयाना नंबर एक और उच्च प्राथमिक विद्यालय चौबयाना में शिफ्ट किया गया है। खंड शिक्षा अधिकारी नगर आभा अग्रवाल ने विद्यालयों के प्रधानाध्यापक और इंचार्ज प्रधानाध्यापकों को लिखे पत्र में कहा कि वर्तमान विद्यालय भवन जो कि किराए पर हैं, उसमें ताला बंद कर चाबी अपने पास अग्रिम आदेश तक सुरक्षित रखें। किराए के भवन के संबंध में कोई भी निर्णय उच्चाधिकारियों द्वारा किया जाएगा।
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प्रदेश में शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू है। इसमें स्कूल भवन में पेयजल और शौचालय होना आवश्यक है। इसके बाद भी किराए के भवनों में संचालित स्कूल के बच्चों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया नहीं हो पा रही थीं। किराए के भवनों में न तो पेयजल की सुुविधा थी और न ही शौचालय की सुविधा थी। यहां तक कि मरम्मत के अभाव में भवन जीर्णशीर्ण हो गए थे। बरसात के सीजन में स्कूलों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जाता था। मौसम साफ होते ही कक्षाएं वापस उन्हीं स्कूलों में लगना शुरू हो जाती थीं। पिछले दिनों नीति आयोग के डायरेक्टर ने जनपद भ्रमण किया था। इस दौरान उन्होंने किराए के भवनों में चल रहे स्कूलों को देखा था। उन्होंने बीएसए रामपाल सिंह को किराए के भवनों से स्कूलों को हटाने के निर्देश दिए थेे।
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इसके अनुपालन में बीएसए ने किराए के भवनों में चल रहे स्कूलों को समीपवर्ती स्कूलों में स्थानांतरित कर दिया है। इससे वर्षों से मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान रहे बच्चों के साथ स्कूली स्टाफ को भी राहत मिल गई है।
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स्कूल यहां किए गए शिफ्ट
प्राथमिक विद्यालय शताब्दी रामनगर में छात्रांकन 66, प्राथमिक विद्यालय बड़ापुरा बालक में छात्रांकन 55, प्राथमिक विद्यालय अजीतापुरा में छात्रांकन 53, प्राथमिक विद्यालय रामराजा मंदिर में छात्रांकन 42, प्राथमिक विद्यालय शिवालय में छात्रांकन 55 और उच्च प्राथमिक विद्यालय शिवालय में छात्रांकन 43 है। यह स्कूल किराए के भवनों में संचालित हो रहे थे। अब इन स्कूलों को क्रमश: प्राथमिक विद्यालय बड़ापुरा कन्या, प्राथमिक विद्यालय चौबयाना नंबर दो, प्राथमिक विद्यालय रावरपुरा, प्राथमिक विद्यालय लक्ष्मीपुरा, प्राथमिक विद्यालय चौबयाना नंबर एक और उच्च प्राथमिक विद्यालय चौबयाना में शिफ्ट किया गया है। खंड शिक्षा अधिकारी नगर आभा अग्रवाल ने विद्यालयों के प्रधानाध्यापक और इंचार्ज प्रधानाध्यापकों को लिखे पत्र में कहा कि वर्तमान विद्यालय भवन जो कि किराए पर हैं, उसमें ताला बंद कर चाबी अपने पास अग्रिम आदेश तक सुरक्षित रखें। किराए के भवन के संबंध में कोई भी निर्णय उच्चाधिकारियों द्वारा किया जाएगा।