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Lalitpur News: महंगी होंगी वस्तुएं, नकदी रखने का बढ़ेगा जोखिम
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ललितपुर। यूपीआई ट्रांजेक्शन पर सरचार्ज लगाए जाने की खबर से व्यापारियों और उपभोक्ताओं में मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। जनपद में यूपीआई भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क की खबर से व्यापारियों के साथ ही ग्राहकों में भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। बड़े व्यापारियों का कहना है कि सरचार्ज लगने पर वस्तुएं महंगी हो जाएंगी। व्यापारियों को समझाना मुश्किल होगा।
बाजार में छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े प्रतिष्ठानों तक क्यूआर कोड से भुगतान करना आम हो गया है। ग्राहक नकदी न होने पर भी मोबाइल से कुछ ही सेकंड में भुगतान कर देते हैं। लोग रोजमर्रा की खरीदारी और बड़े लेन-देन के लिए यूपीआई का खूब इस्तेमाल कर रहे हैं। व्यापारियों ने बताया कि डिजिटल भुगतान से लेन-देन का रिकॉर्ड रखना आसान होता है। इससे दुकान पर अधिक नकदी रखने की जरूरत नहीं पड़ती। यह नकदी की सुरक्षा से जुड़ा जोखिम भी कम करता है। ग्राहकों के लिए भी यूपीआई का उपयोग काफी सुविधाजनक है। व्यापारियों के अनुसार, डिजिटल भुगतान से लेन-देन का रिकॉर्ड रखना सरल होता है। दुकान पर अधिक नकदी रखने की आवश्यकता नहीं रहती। इससे नकदी की सुरक्षा से जुड़ा जोखिम भी कम हो जाता है। ग्राहकों के लिए भी यूपीआई का उपयोग बहुत सुविधाजनक है।
यूपीआई भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क लगने की आशंका से व्यापारी और उपभोक्ता चिंतित हैं। उनका मानना है कि इससे डिजिटल भुगतान की आदत प्रभावित होगी। यदि शुल्क व्यापारियों पर लगा, तो बाजार में वस्तुएं महंगी हो सकती हैं। सरकार को शुल्क तय करते समय कारोबारियों और उपभोक्ताओं के हितों का ध्यान रखना चाहिए।-अज्जू बाबा, व्यापारी
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यूपीआई पर 0.4 फीसदी एमडीआर लागू होने से बड़े और मध्यम व्यापारियों पर अतिरिक्त लागत पड़ेगी। 2000 रुपये तक के भुगतान और छोटे व्यापारियों को राहत है, पर अधिक मूल्य के डिजिटल भुगतान पर यह अतिरिक्त बोझ है। सरकार को डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के साथ इस बोझ की समीक्षा करनी चाहिए। यूपीआई को प्रोत्साहित करने के लिए शुल्क न्यूनतम रखा जाए।-अंकुर जैन सानू, युवा जिलाध्यक्ष उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल रजि
सरकार द्वारा यूपीआई पेमेंट पर चार्ज लगाने से व्यापारियों पर बुरा असर पड़ेगा। इससे नकदी के कारोबार को बढ़ावा मिलेगा। व्यापारियों और ग्राहकों में मतभेद भी होंगे। कई कारोबार में ट्रांजेक्शन अधिक और मार्जिन कम होता है। सरकार को यह फैसला वापस लेना चाहिए।-अंकित जैन सतभैया, जिलाध्यक्ष उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल आईटी सेल
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बाजार में छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े प्रतिष्ठानों तक क्यूआर कोड से भुगतान करना आम हो गया है। ग्राहक नकदी न होने पर भी मोबाइल से कुछ ही सेकंड में भुगतान कर देते हैं। लोग रोजमर्रा की खरीदारी और बड़े लेन-देन के लिए यूपीआई का खूब इस्तेमाल कर रहे हैं। व्यापारियों ने बताया कि डिजिटल भुगतान से लेन-देन का रिकॉर्ड रखना आसान होता है। इससे दुकान पर अधिक नकदी रखने की जरूरत नहीं पड़ती। यह नकदी की सुरक्षा से जुड़ा जोखिम भी कम करता है। ग्राहकों के लिए भी यूपीआई का उपयोग काफी सुविधाजनक है। व्यापारियों के अनुसार, डिजिटल भुगतान से लेन-देन का रिकॉर्ड रखना सरल होता है। दुकान पर अधिक नकदी रखने की आवश्यकता नहीं रहती। इससे नकदी की सुरक्षा से जुड़ा जोखिम भी कम हो जाता है। ग्राहकों के लिए भी यूपीआई का उपयोग बहुत सुविधाजनक है।
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यूपीआई भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क लगने की आशंका से व्यापारी और उपभोक्ता चिंतित हैं। उनका मानना है कि इससे डिजिटल भुगतान की आदत प्रभावित होगी। यदि शुल्क व्यापारियों पर लगा, तो बाजार में वस्तुएं महंगी हो सकती हैं। सरकार को शुल्क तय करते समय कारोबारियों और उपभोक्ताओं के हितों का ध्यान रखना चाहिए।-अज्जू बाबा, व्यापारी
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यूपीआई पर 0.4 फीसदी एमडीआर लागू होने से बड़े और मध्यम व्यापारियों पर अतिरिक्त लागत पड़ेगी। 2000 रुपये तक के भुगतान और छोटे व्यापारियों को राहत है, पर अधिक मूल्य के डिजिटल भुगतान पर यह अतिरिक्त बोझ है। सरकार को डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के साथ इस बोझ की समीक्षा करनी चाहिए। यूपीआई को प्रोत्साहित करने के लिए शुल्क न्यूनतम रखा जाए।-अंकुर जैन सानू, युवा जिलाध्यक्ष उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल रजि
सरकार द्वारा यूपीआई पेमेंट पर चार्ज लगाने से व्यापारियों पर बुरा असर पड़ेगा। इससे नकदी के कारोबार को बढ़ावा मिलेगा। व्यापारियों और ग्राहकों में मतभेद भी होंगे। कई कारोबार में ट्रांजेक्शन अधिक और मार्जिन कम होता है। सरकार को यह फैसला वापस लेना चाहिए।-अंकित जैन सतभैया, जिलाध्यक्ष उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल आईटी सेल