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गोरैया का महत्व बताया
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गोरैया दिवस पर मौजूद अधिवक्ता व अन्य
- फोटो : LALITPUR
ललितपुर। कचहरी परिसर में गौरैया बचाओ जागरूकता अभियान चलाया गया। अधिवक्ताओं के साथ-साथ कचहरी आने वाले कर्मचारियों, वादकारियों व अधिकारियों को गौरैया चिड़िया का महत्व बताया।
समाजसेवी संस्था मानव आर्गेनाइजेशन के पुष्पेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि कभी घर आंगन में फुदकने वाली गौरैया, जिसकी चहचहाहट से वीरान घर भी आबाद और जीवंत होते थे, लेकिन आज गांव शहरों ने गौरैया का आशियाना ही छीन लिया है। डॉ. राजीव कुमार ने बताया कि गौरैया का प्रजनन का समय अप्रैल से अगस्त तक होता है। यह किसानों की अच्छी मित्र मानी जाती है। कीट पतंगे, मक्खी, मच्छर, मकड़िया, इल्लियां आदि कीटों को खाकर पर्यावरण संतुलित रखती हैं। आशीष साहू ने कहा कि भारत सहित 20 से अधिक देशों ने गौरैया पर डाक टिकट जारी किए हैं।
जागरूकता अभियान में अंकित जैन, राजेश पाठक, बृजेंद्र सिंह चौहान, सचिन जैन, ऋषि हीरानंदानी, रवींद्र घोष, अमित लखेरा, आशीष साहू, अमित रिछारिया, मुकेश लोधी, डॉ. विकास गुप्ता, अनुराग चतुर्वेदी, कलेश परिहार, संजय सेन, अखिलेश पाठक आदि मौजूद रहे।
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समाजसेवी संस्था मानव आर्गेनाइजेशन के पुष्पेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि कभी घर आंगन में फुदकने वाली गौरैया, जिसकी चहचहाहट से वीरान घर भी आबाद और जीवंत होते थे, लेकिन आज गांव शहरों ने गौरैया का आशियाना ही छीन लिया है। डॉ. राजीव कुमार ने बताया कि गौरैया का प्रजनन का समय अप्रैल से अगस्त तक होता है। यह किसानों की अच्छी मित्र मानी जाती है। कीट पतंगे, मक्खी, मच्छर, मकड़िया, इल्लियां आदि कीटों को खाकर पर्यावरण संतुलित रखती हैं। आशीष साहू ने कहा कि भारत सहित 20 से अधिक देशों ने गौरैया पर डाक टिकट जारी किए हैं।
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जागरूकता अभियान में अंकित जैन, राजेश पाठक, बृजेंद्र सिंह चौहान, सचिन जैन, ऋषि हीरानंदानी, रवींद्र घोष, अमित लखेरा, आशीष साहू, अमित रिछारिया, मुकेश लोधी, डॉ. विकास गुप्ता, अनुराग चतुर्वेदी, कलेश परिहार, संजय सेन, अखिलेश पाठक आदि मौजूद रहे।
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