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कपड़ा बाजार को लॉकलाउन में लगा तगड़ा झटका
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ललितपुर। कोरोना काल में कपड़ा का व्यापार की हालत भी काफी खराब रही। एक ओर जहां लॉकडाउन के दौरान कारोबार ठप हो गया था, अब दुकानें खुलीं तो हालात संभल रहे हैं लेकिन कारोबारियों को संभावित तीसरी लहर का भी खौफ है। उन्होंने कहा कि कंपनी से माल कम मिल रहा है। सहालग भी कम रह गई यदि स्टाक जमा कर लिया और हालात फिर बिगड़े तो माल और पैसा दोनों फंस जाएगा।
शहर में कपड़े की कई दुकानें हैं। मुख्य साड़ी का कारोबार सुभाष मार्केट है। पुरुषों से संबंधित कपड़े का कारोबार अलग-अलग क्षेत्रों मेें है। कोरोना संक्रमण के चलते जहां शादी विवाह व अन्य समारोह नहीं हो सके वहीं ईद व अन्य त्योहार पर भी सन्नाटा रहा। कुछ इलाकों में तो लॉकडाउन से पहले ही दुकानें बंद हो गई थी क्योंकि उनके यहां या आसपास की दुकानों पर लोग संक्रमित निकले। इससे कारोबारियों को तगड़ा झटका लगा। उनका कहना है कि दुकान का किराया, बिजली व अन्य टैक्स भरने के कारण उन्हें काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा। लॉकडाउन खत्म होने के बाद कपड़ा व्यापारियों को कुछ राहत मिली है कारोबार जब रफ्तार पकड़ने लगा तो अब संभावित तीसरी लहर का डर सता रहा है।
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लॉकडाउन के पंद्रह दिन पहले ही मैंने अपनी कपड़े की दुकान बंद कर दी थी, ताकि परिवार और कर्मचारी सुरक्षित रहें। लॉकडाउन के बाद दुकानें खुली हैं तो कुछ उम्मीद हैं, लेकिन अब तीसरी लहर से भी लोग डरे हुए हैं।
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-दीपक सिंघई, कपड़ा व्यापारी।
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लॉकडाउन के बाद सहालग में कपड़ा व्यापारियों को कुछ राहत मिली है लेकिन अब तीसरी लहर आने का खतरा भी बना हुआ है, जिसके चलते कंपनियां भी कम ही माल तैयार कर रही हैं। इससे नया माल भी कम आ रहा है।
-संतोष जैन, कपड़ा व्यापारी।
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कोराना काल में कपड़ा व्यापारी को काफी घाटा हुआ है। मुश्किल से दिन में एक दो ग्राहक ही आ रहे। कोरोना के डर की वजह से लोग कपड़ा लेने से कतराते रहे। तीसरी लहर यदि आती है तो फिर से व्यापार ठप होने की आशंका है।
महेंद्र पटेल, कपड़ा व्यापारी।
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शहर में कपड़े की कई दुकानें हैं। मुख्य साड़ी का कारोबार सुभाष मार्केट है। पुरुषों से संबंधित कपड़े का कारोबार अलग-अलग क्षेत्रों मेें है। कोरोना संक्रमण के चलते जहां शादी विवाह व अन्य समारोह नहीं हो सके वहीं ईद व अन्य त्योहार पर भी सन्नाटा रहा। कुछ इलाकों में तो लॉकडाउन से पहले ही दुकानें बंद हो गई थी क्योंकि उनके यहां या आसपास की दुकानों पर लोग संक्रमित निकले। इससे कारोबारियों को तगड़ा झटका लगा। उनका कहना है कि दुकान का किराया, बिजली व अन्य टैक्स भरने के कारण उन्हें काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा। लॉकडाउन खत्म होने के बाद कपड़ा व्यापारियों को कुछ राहत मिली है कारोबार जब रफ्तार पकड़ने लगा तो अब संभावित तीसरी लहर का डर सता रहा है।
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लॉकडाउन के पंद्रह दिन पहले ही मैंने अपनी कपड़े की दुकान बंद कर दी थी, ताकि परिवार और कर्मचारी सुरक्षित रहें। लॉकडाउन के बाद दुकानें खुली हैं तो कुछ उम्मीद हैं, लेकिन अब तीसरी लहर से भी लोग डरे हुए हैं।
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-दीपक सिंघई, कपड़ा व्यापारी।
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लॉकडाउन के बाद सहालग में कपड़ा व्यापारियों को कुछ राहत मिली है लेकिन अब तीसरी लहर आने का खतरा भी बना हुआ है, जिसके चलते कंपनियां भी कम ही माल तैयार कर रही हैं। इससे नया माल भी कम आ रहा है।
-संतोष जैन, कपड़ा व्यापारी।
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कोराना काल में कपड़ा व्यापारी को काफी घाटा हुआ है। मुश्किल से दिन में एक दो ग्राहक ही आ रहे। कोरोना के डर की वजह से लोग कपड़ा लेने से कतराते रहे। तीसरी लहर यदि आती है तो फिर से व्यापार ठप होने की आशंका है।
महेंद्र पटेल, कपड़ा व्यापारी।