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Lalitpur News: एंबुलेंस में 43 लाख का गांजा बरामद , एसटीएफ के हत्थे चढ़े तीन तस्कर

Mon, 07 Aug 2023 01:15 AM IST
झांसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर Updated Mon, 07 Aug 2023 01:15 AM IST
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Ganja worth 43 lakh recovered in ambulance, three smugglers caught by STF
ललितपुर। एंबुलेंस से गांजा तस्करी करने वाले गिरोह का एसटीएफ एवं कोतवाली पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया। तीन तस्कर भी एसटीएफ के हत्थे चढ़ गए। एंबुलेंस में मरीज की सीट के नीचे खाली जगह बनाकर उसमें कुल 39 पैकेट छुपाए गए थे। बरामद हुए गांजे का वजन करीब दो क्विंटल है। बाजार में इसकी कीमत करीब 45 लाख रुपये आंकी गई है। लिखा-पढ़ी के बाद पुलिस ने तीनों गांजा तस्करों को जेल भेज दिया।
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पुलिस अधीक्षक मोहम्मद मुश्ताक ने बताया कि एसटीएफ और कोतवाली पुलिस को गांजा तस्करों के बारे में गोपनीय इनपुट मिले थे। शनिवार रात एसटीएफ और पुलिस टीम ने विघाखेत के पास स्थित टोल प्लाजा के पास डेरा डाल दिया। आधी रात को छत्तीसगढ़ के नंबर प्लेट की एंबुलेंस दिखाई पड़ी। एंबुलेंस में कोई मरीज नहीं था। नंबर प्लेट पर शक होने के बाद पुलिस ने जब उसकी तलाशी ली तब उसके भीतर मरीज की सीट के नीचे छुपाकर बनाया गया, एक बाक्स मिला। इसके भीतर छुपाकर 39 पैकेट रखे गए थे। इन सबमें गांजा भरा हुआ था। पुलिस तीनों तस्करों को पकड़कर थाने लाई। पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम योगेश निवासी मोहकमपुर अलीगढ़, ओमवीर एवं मुरारीलाल उर्फ भोले निवासी आगरा बताया। पूछताछ में इन लोगों ने बताया कि वह लोग उड़ीसा से गांजा लाकर इसे यूपी में बेचते थे। बरामद गांजे की कीमत करीब 42 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया है।
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उड़ीसा से खरीदकर आगरा-मथुरा में थे बेचते

पूछताछ में आरोपी योगेश ने बताया कि वह लोग काफी दिनों से इस धंधे में लिप्त हैं। उड़ीसा से 2.50 लाख रुपये में गांजा खरीदकर उसकी तस्करी करते हुए आगरा-मथुरा ले जाते हैं। यहां इस गांजे को फुटकर में बेचकर मोटा मुनाफा कमाते और आपस में बांट लेते हैं।
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ऐसे करते थे तस्करी
तस्करी का कारोबार करने वाले आरोपी काफी पेशेवर व शातिर है। गांजे की तस्करी के लिए उन्होंने एंबुलेंस का सहारा लिया। एंबुलेंस को पुलिस या अन्य जांच एजेंसी आसानी से नहीं रोकतीं इस कारण से उन्होंने इसे चुना। इस वाहन पर छत्तीसगढ प्रदेश के एक शहर की फर्जी नंबर प्लेट लगाई। गांजे के पैकेट को एंबुलेंस के अंदर जिस सीट पर मरीज को लिटाया जाता है उसके अंदर रखा था। गांजे के पैकेट की इस प्रकार से पैकिंग की गई थी कि गांजे की गंध बाहर नहीं निकल सके। इसके साथ एंबुलेंस चालक वाहन के अंदर अगरबत्ती लगाकर भी चलता था। इस प्रकार से तीनों आरोपी गांजे की तस्करी कर रहे थे।


इस टीम को मिली सफलता
अवैध गांजे की तस्करी करने का भंडाफोड़ करने वाली पुलिस टीम में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक हरीशंकर चंद, एसटीएफ टीम में तैनात उपनिरीक्षक राहुल परमार, गल्ला मंडी चौकी प्रभारी सुरेश कुमार चतुर्वेदी, अमरपुर चौकी प्रभारी सुरेंद्र कुमार, हेड कांस्टेविल सुधीर कुमार, राजाबाबू, कृष्णगोपाल, प्रशांत कुमार शामिल रहे।
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