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पार्कों के गेट पर बिक रहे फल व सब्जी, कैसे जाए अंदर
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 13 Apr 2017 01:15 AM IST
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- फोटो : demo
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शहर के विभिन्न पार्कों के आसपास अतिक्रमण पसरने से लोगों का यहां जाना मुश्किल हो गया है। नझाई बाजार स्थित पार्कों के सामने सब्जी की दुकानें सज गई हैं, तो महाराजा अग्रसेन पार्क के गेट पर तरबूज बेचे जा रहे हैं। वहीं, राजवैद्य पंडित तुलसीराम पार्क के गेट को पार्किंग स्थल बना दिया गया है, तो चंद्रशेखर उद्यान पार्क के इर्दगिर्द अतिक्रमण पसरा है। इसके अतिरिक्त पार्कों में सुविधाओं की भी कमी महसूस की जा रही है।
नगर के विभिन्न हिस्सों में एक दर्जन से ज्यादा पार्क बने हुए हैं। इनकी देखरेख का जिम्मा नगर पालिका परिषद के हाथों में है। इसके बाद भी पार्कों के सौंदर्यीकरण पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। न तो मूलभूत सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं और न ही साफ-सफाई का ख्याल रखा जा रहा है। यही नहीं, नगर पालिका परिषद की अनदेखी से कई पार्कों के सामने अतिक्रमण पसर गया है। चंद्रशेखर उद्यान पार्क के इर्दगिर्द अतिक्रमण पसरा है। वहीं, सुपर मार्केट के पास महाराजा अग्रसेन पार्क के मुख्य गेट पर तरबूज की दुकान सज गई है। कमोवेश यही स्थिति नझाई बाजार के पार्कों की है। स्वामी विवेकानंद पार्क के मुख्य गेट पर वाहन खड़े किए जाते हैं, तो उसके सामने वाले पार्क के गेट पर वेटिंग मशीन रखी जाती है। राजवैद्य पंडित तुलसीराम पार्क के गेट पर चार पहिया वाहन रखे जाते हैं। इस पार्क में लोगों को बैठने की कोई सुविधा नहीं है। पार्क के पश्चिमी गेट के सामने नाली का निर्माण होने से आवाजाही बंद हो गई है। बैंक आफ बड़ौदा के पास बने महिला पार्क व उससे लगा हुआ एक अन्य पार्क निजी बनकर रह गया है। दोनों पार्कों में समीप रहने वाले परिवारों के सदस्य बैठकर चाय की चुस्कियां लेते हैं। जेल चौराहा स्थित कांशीराम पार्क का भी बुरा हाल है। यहां बने फुब्बारे का हाल बेहाल है। यहां भी बैठने का कोई इंतजाम नहीं है। 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती आते ही नपा ने कांशीराम पार्क और डा. अंबेडकर पार्क की सुध ले ली है। कांशीराम पार्क में सफाई का काम आरंभ हो गया है तो डा. अंबेडकर पार्क में पुताई की जा रही है। लेकिन, दूसरे पार्क आज भी उपेक्षा का शिकार बने हुए हैं।
जल्द हटेगा अतिक्रमण
कुछ पार्कों के आसपास अतिक्रमण होने की जानकारी मिली है। जिसे शीघ्र ही हटाया जाएगा।
राकेश कुमार, अधिशासी अधिकारी
नगर पालिका परिषद ललितपुर।
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नगर के विभिन्न हिस्सों में एक दर्जन से ज्यादा पार्क बने हुए हैं। इनकी देखरेख का जिम्मा नगर पालिका परिषद के हाथों में है। इसके बाद भी पार्कों के सौंदर्यीकरण पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। न तो मूलभूत सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं और न ही साफ-सफाई का ख्याल रखा जा रहा है। यही नहीं, नगर पालिका परिषद की अनदेखी से कई पार्कों के सामने अतिक्रमण पसर गया है। चंद्रशेखर उद्यान पार्क के इर्दगिर्द अतिक्रमण पसरा है। वहीं, सुपर मार्केट के पास महाराजा अग्रसेन पार्क के मुख्य गेट पर तरबूज की दुकान सज गई है। कमोवेश यही स्थिति नझाई बाजार के पार्कों की है। स्वामी विवेकानंद पार्क के मुख्य गेट पर वाहन खड़े किए जाते हैं, तो उसके सामने वाले पार्क के गेट पर वेटिंग मशीन रखी जाती है। राजवैद्य पंडित तुलसीराम पार्क के गेट पर चार पहिया वाहन रखे जाते हैं। इस पार्क में लोगों को बैठने की कोई सुविधा नहीं है। पार्क के पश्चिमी गेट के सामने नाली का निर्माण होने से आवाजाही बंद हो गई है। बैंक आफ बड़ौदा के पास बने महिला पार्क व उससे लगा हुआ एक अन्य पार्क निजी बनकर रह गया है। दोनों पार्कों में समीप रहने वाले परिवारों के सदस्य बैठकर चाय की चुस्कियां लेते हैं। जेल चौराहा स्थित कांशीराम पार्क का भी बुरा हाल है। यहां बने फुब्बारे का हाल बेहाल है। यहां भी बैठने का कोई इंतजाम नहीं है। 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती आते ही नपा ने कांशीराम पार्क और डा. अंबेडकर पार्क की सुध ले ली है। कांशीराम पार्क में सफाई का काम आरंभ हो गया है तो डा. अंबेडकर पार्क में पुताई की जा रही है। लेकिन, दूसरे पार्क आज भी उपेक्षा का शिकार बने हुए हैं।
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जल्द हटेगा अतिक्रमण
कुछ पार्कों के आसपास अतिक्रमण होने की जानकारी मिली है। जिसे शीघ्र ही हटाया जाएगा।
राकेश कुमार, अधिशासी अधिकारी
नगर पालिका परिषद ललितपुर।