{"_id":"617c59cc69ecdf31b02a3fc2","slug":"free-cataract-operation-for-four-children-lalitpur-news-jhs207777213","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन बच्चियों समेत एक बालक को आरबीएसके ने दिलाई रोशनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन बच्चियों समेत एक बालक को आरबीएसके ने दिलाई रोशनी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ललितपुर। शुक्रवार को राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद की तीन बालिकाओं व एक बालक का जन्मजात मोतियाबिंद का निशुल्क ऑपरेशन कराया गया। महरानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज झांसी में ऑपरेशन के बाद बच्चों की आंखों की रोशनी आ गई। अब बच्चे सामान्य जीवन यापन कर सकेंगे।
आरबीएसके के नोडल अधिकारी डॉ. अजय भाले ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम चलाया जा रहा है। जिसमें टीमों द्वारा विद्यालयों व आंगनबाड़ी केंद्रों व ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण कर बीमारियों से जूझ रहे बच्चों की खोज करती है। इसमें शून्य से 19 साल तक के हृदय रोग, बहरापन, मोतियाबिंद, कटे होंठ-तालू, मुडे़ पैर, एनीमिया, दांत टेढ़े-मेढ़े होना, बिहेवियर डिस्ऑर्डर आदि तमाम बीमारियों से ग्रसित बच्चों का चिह्निकरण किया जाता है।
बीते दिनों टीम ने भ्रमण के दौरान ब्लॉक जखौरा में एक बालक दीपेश को जन्मजात मोतियाबिंद के लिए चिह्नित किया था।
इसी प्रकार ब्लॉक महरौनी की तीन बच्चियों को चिह्नित किया। इसमें रोशनी, नीतू, रिंकी को भी जन्मजात मोतियाबिंद की बीमारी से ग्रसित होने पर चिह्नित किया। जिनका टीम ने शुक्रवार को महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज झांसी में ले जाकर ऑपरेशन कराया। अब बच्चों को आंखों में रोशनी आ गई है। बच्चे आम लोगों की तरह सामान्य जीवन व्यतीत कर सकेंगे।
विज्ञापन
ब्लॉक जखौरा के एक बालक व ब्लॉक महरौनी की तीन बालिकाएं जन्मजात मोतियाबिंद से ग्रसित थीं, जिनका ऑपरेशन झांसी मेडिकल कॉलेज में कराया गया है। अब चारों बच्चे पूरी तरह से स्वस्थ हैं। - डॉ. सुखदेव पंकज, डीईआईसी मैनेजर
विज्ञापन
आरबीएसके के नोडल अधिकारी डॉ. अजय भाले ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम चलाया जा रहा है। जिसमें टीमों द्वारा विद्यालयों व आंगनबाड़ी केंद्रों व ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण कर बीमारियों से जूझ रहे बच्चों की खोज करती है। इसमें शून्य से 19 साल तक के हृदय रोग, बहरापन, मोतियाबिंद, कटे होंठ-तालू, मुडे़ पैर, एनीमिया, दांत टेढ़े-मेढ़े होना, बिहेवियर डिस्ऑर्डर आदि तमाम बीमारियों से ग्रसित बच्चों का चिह्निकरण किया जाता है।
विज्ञापन
बीते दिनों टीम ने भ्रमण के दौरान ब्लॉक जखौरा में एक बालक दीपेश को जन्मजात मोतियाबिंद के लिए चिह्नित किया था।
इसी प्रकार ब्लॉक महरौनी की तीन बच्चियों को चिह्नित किया। इसमें रोशनी, नीतू, रिंकी को भी जन्मजात मोतियाबिंद की बीमारी से ग्रसित होने पर चिह्नित किया। जिनका टीम ने शुक्रवार को महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज झांसी में ले जाकर ऑपरेशन कराया। अब बच्चों को आंखों में रोशनी आ गई है। बच्चे आम लोगों की तरह सामान्य जीवन व्यतीत कर सकेंगे।
विज्ञापन
ब्लॉक जखौरा के एक बालक व ब्लॉक महरौनी की तीन बालिकाएं जन्मजात मोतियाबिंद से ग्रसित थीं, जिनका ऑपरेशन झांसी मेडिकल कॉलेज में कराया गया है। अब चारों बच्चे पूरी तरह से स्वस्थ हैं। - डॉ. सुखदेव पंकज, डीईआईसी मैनेजर