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वन कर्मियों ने किया कार्य बहिष्कार
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Thu, 25 Jun 2015 12:05 AM IST
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पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार बुधवार को सहायक वन कर्मचारी संघ के बैनर तले वन कर्मचारियों ने वन विश्राम गृह से जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। जुलूस वन विश्राम गृह से होकर जिला अस्पताल, घंटाघर से होकर कलेक्ट्रेट प्रांगण पहुंचा। यहां उन्होंने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम पूनम निगम को सौंपा। इसमें आरोप लगाते हुए कहा कि बीस जून को पुलिस बल की मौजूदगी में वन कर्मियों ने आरक्षित वन क्षेत्र से अतिक्रमणकारियों को हटाने की कार्रवाई की थी, इसमें अतिक्रमणकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। लेकिन, उन्हें निजी मुचलकों पर छोड़ दिया गया। इसके उपरांत राजकीय कार्य कर रहे वन कर्मियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया, जो कि निराधार है। उन्होंने मुकदमे को अमान्य घोषित करने की मांग की।
ज्ञापन देने के पश्चात वन कर्मियों ने वन विभाग परिसर में सभा की। सहायक वन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष नरेश कुमार विदुआ ने आरोप लगाते हुए कहा कि आरक्षित वन भूमि से अवैध अतिक्रमण तत्काल हटाया जाए। संरक्षक अशोक कुमार जैन ने कहा कि वनों की सुरक्षा के मामले में राजनीति न हो। अनूप कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि भारतीय वन अधिनयिम की धारा में वन अधिकारियों को लोक सेवक माना गया है। इस अधिनियम में किसी लोक सेवक पर वाद नहीं चलाने की बात कही गई है। इसके बाद भी वन कर्मियों पर मुकदमे थोपे जा रहे हैं। वन रक्षक संघ अध्यक्ष ह्देशचंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि वोट की राजनीति करने वाले लोग पर्दे के पीछे आरक्षित वन भूमि पर अवैध कब्जा, अवैध कटान व अवैध अतिक्रमण को बढ़ावा दे रहे हैं, जिससे वनों की सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो गया है, इसके बाद उन्होंने धरना दिया।
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