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लोक गीतों व नृत्य ने समां बांधा
lalitpur
Updated Thu, 17 Nov 2016 12:33 AM IST
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लाोक नृत्य
- फोटो : amar ujala
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ललितपुर। श्रीतुवन मंदिर प्रांगण पर आयोजित ललितपुर महोत्सव के छठवें दिन लखनऊ से आए कलाकारों द्वारा भोजपुरी, अवधी एवं हिंदी गीतों की प्रस्तुति की गई और गीतों के साथ नृत्यों की भी रोचक प्रस्तुति की गई।
बुधवार को ललितपुर महोत्सव का शुभारंभ मुख्य अतिथि समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष आल्हा प्रसाद निरंजन, अधिशासी अधिकारी राकेश कुमार व महोत्सव की अध्यक्षता कर रहे नपा अध्यक्ष सुभाष जायसवाल व अन्य विशिष्ठ अतिथियों ने सामूहिक रूप से दीप प्रज्ज्वलित करके किया। मंच पर आयोजित कार्यक्रमों में लखनऊ से आए सुरेश कुशवाहा एंड ग्रुप के कलाकारों द्वारा एक से बढ़कर एक रंगारंग प्रस्तुतियां की गई। सर्वप्रथम गायक सूरज नारायण ने गणेश स्तुति से कार्यक्रमों की शुरूआत की इसके बाद भजन श्री राधे गोविंद कौन कहता है कि भगवान आते नहीं और कौमी एकता पर गीत चाहे ईश्वर कहो या अल्ला दोनों की दुनिया वाले मिलेंगे, प्रस्तुत किए गए। इसके बाद तीन जोड़ों में गणेश वंदना पर सामूहिक नृत्य किया गया। इसी क्रम में कलाकार सुरेश कुशवाहा ने भोजपुरी पारंपरिक देवी गीत कौन रहिया आवै भांई के रथिया गीत के साथ-साथ नृत्य भी किया गया। पांव में पायलिया सोहे, माधे की बिंदिया, दुश्मन मिले सबेरे मतलबी यार न मिले गीत की प्रस्तुति और ग्रुप डांस प्रस्तुत किया गए।
इसी क्रम में अवधि भाषा में लोक गायिका जया द्वारा एक से बड़कर एक गीतों की प्रस्तुति की गई। गीतों व नृत्य ने देर रात तक जनता को बांधा रखा। इस कार्यक्रम में विशिष्ठ अतिथि के रुप में राजेश यादव सांसद प्रतिनिधि, जयराम सिंह यादव, उत्तम सिंह चौहान, अजीज कुरैशी, खिलावन सिंह, लक्ष्मीनारायण विश्वकर्मा, गिरधारी सिंह यादव, आधार सिंह, अवजुल रहमान, इंद्रपाल सिंह, महोत्सव व्यवस्थापक रामसेवक वाल्मीकि, सहायक प्रभारी रमाकांत तिवारी समेत समस्त पार्षद गण, विभागीय अधिकारी व कर्मी उपस्थित रहे।
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बुधवार को ललितपुर महोत्सव का शुभारंभ मुख्य अतिथि समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष आल्हा प्रसाद निरंजन, अधिशासी अधिकारी राकेश कुमार व महोत्सव की अध्यक्षता कर रहे नपा अध्यक्ष सुभाष जायसवाल व अन्य विशिष्ठ अतिथियों ने सामूहिक रूप से दीप प्रज्ज्वलित करके किया। मंच पर आयोजित कार्यक्रमों में लखनऊ से आए सुरेश कुशवाहा एंड ग्रुप के कलाकारों द्वारा एक से बढ़कर एक रंगारंग प्रस्तुतियां की गई। सर्वप्रथम गायक सूरज नारायण ने गणेश स्तुति से कार्यक्रमों की शुरूआत की इसके बाद भजन श्री राधे गोविंद कौन कहता है कि भगवान आते नहीं और कौमी एकता पर गीत चाहे ईश्वर कहो या अल्ला दोनों की दुनिया वाले मिलेंगे, प्रस्तुत किए गए। इसके बाद तीन जोड़ों में गणेश वंदना पर सामूहिक नृत्य किया गया। इसी क्रम में कलाकार सुरेश कुशवाहा ने भोजपुरी पारंपरिक देवी गीत कौन रहिया आवै भांई के रथिया गीत के साथ-साथ नृत्य भी किया गया। पांव में पायलिया सोहे, माधे की बिंदिया, दुश्मन मिले सबेरे मतलबी यार न मिले गीत की प्रस्तुति और ग्रुप डांस प्रस्तुत किया गए।
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इसी क्रम में अवधि भाषा में लोक गायिका जया द्वारा एक से बड़कर एक गीतों की प्रस्तुति की गई। गीतों व नृत्य ने देर रात तक जनता को बांधा रखा। इस कार्यक्रम में विशिष्ठ अतिथि के रुप में राजेश यादव सांसद प्रतिनिधि, जयराम सिंह यादव, उत्तम सिंह चौहान, अजीज कुरैशी, खिलावन सिंह, लक्ष्मीनारायण विश्वकर्मा, गिरधारी सिंह यादव, आधार सिंह, अवजुल रहमान, इंद्रपाल सिंह, महोत्सव व्यवस्थापक रामसेवक वाल्मीकि, सहायक प्रभारी रमाकांत तिवारी समेत समस्त पार्षद गण, विभागीय अधिकारी व कर्मी उपस्थित रहे।
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