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ललितपुर के पांच बांधों की होगी मरम्मत

Wed, 12 Feb 2020 01:00 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 12 Feb 2020 01:00 AM IST
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Five dams of lalitpur will be repaired
गोविंद सागर बांध - फोटो : LALITPUR
ललितपुर। जिले के गोविंद सागर बांध सहित चार अन्य बांधों के दिन फिरने वाले हैं। सिंचाई और जल संसाधन विभाग ने जिले के बांधों की मरम्मत के लिए सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की है। यह कार्य केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय द्वारा विश्व बैंक से वित्त पोषित डैम रिहैबिलिटेशन एंड इंप्रूवमेंट प्रोजेक्ट- दो (डीआरआईपी-2) के तहत कराया जाएगा। अप्रैल में इसका कार्य प्रारंभ होने की संभावना है। इससे पहले केंद्रीय जल आयोग की पांच सदस्यीय टीम मार्च में बांधों का निरीक्षण करेगी।
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जनपद में सबसे ज्यादा बांध होने के बाद भी यहां पेयजल एवं सिंचाई की समस्या है। कुछ बांध पचास साल पुराने हैं। इनमें से एक गोविंद सागर बांध है। यह बांध सत्तर साल का हो गया है। इस वजह से बांध में कई कमियां उभर आई हैं। सबसे बड़ी समस्या सीपेज की है, जो नागरिकों के लिए सदैव चिंता कारण रहती है। इस बांध से किसानों को औसतन साढ़े उन्नीस हजार हेक्टेयर क्षेत्र की सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाता है। जल संस्थान को 11.79 एमसीएम और 0.063 एमएलडी पानी रेलवे को मुहैया कराया जाता है। बरसात के मौसम में बांध में सीपेज की समस्या उत्पन्न होने लगती है। बीते वर्षो में विभागीय अफसर सीपेज का उपचार दो मर्तबा करा चुके हैं। इसके अलावा स्वचालित साइफन से पानी छोड़ने के दौरान बांध की कमियां उजागर होने लगती हैं।
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स्ट्रीट लाइट के अभाव में रात्रि में बांध पर अंधेरा पसर जाता है। बांध की पिचिंग कई जगह मिट्टी छोड़ चुकी है। वर्षो पहले बांध की तलहटी में पार्क बनाया गया था, जो देखरेख के अभाव में पूरी तरह बरबाद हो गया। इससे बांध का भ्रमण करने वालों को मायूसी हाथ लगती है। इसे ध्यान में रखकर शासन ने बांधों की मरम्मत कराने का निर्णय लिया है। इसमें फंडिंग पैटर्न 70 और 30 अनुपात रखा गया है। यानी, 70 प्रतिशत धनराशि वर्ल्ड बैंक और तीस प्रतिशत राशि राज्य सरकार खर्च करेगी। बांधों की सुरक्षा जांच के लिए डैम सेफ्टी रिव्यू पैनल (डीएसआरपी) गठित किया गया है। डीएसआरपी-2 का कार्य बेतवा परियोजना संगठन होगा।
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मार्च के प्रथम सप्ताह में केंद्रीय जल आयोग की टीम बांधों का निरीक्षण करेगी। निरीक्षण दल द्वारा बांधों की वर्तमान स्थिति देखने केे साथ उसके उपचार का सुझाव दिया जाएगा। तदोपरांत टीम के सदस्य एस्टीमेट खुद तैयार करेंगे। निरीक्षण दल के आने से बांध की मरम्मत की राह आसान होने जा रही है। गोविंद सागर बांध के अलावा जामनी बांध, सजनाम बांध, शहजाद व माताटीला बांध की भी मरम्मत हो सकेगी।
अफसरों की इन पर रहेगी नजर
बांध की पिचिंग, नालियां, स्पिल-वे, पार्क, रोड, स्ट्रीट लाइट, रिवर हेड, अर्थ वर्क, सीपेज, साइफन की कैपिसिटी, गेट ऑटो, सोलर लाइट की स्थापना के कार्यो पर नजर रहेगी। विभागीय अधिकारी इन कार्यो को एस्टीमेट में शामिल कराने की कोशिश करेंगे, जिससे बांध की मरम्मत के लिए बार-बार पैसा नहीं मांगना पड़े।

डैम सेफ्टी रिव्यू पैनल गठित हो चुका है। सीडब्ल्यूसी का दौरा मार्च के प्रथम सप्ताह में होने की संभावना है। इसमें पांच सदस्य शामिल होंगे, जो बांध की सुरक्षा से संबंधित बिंदुओं का अध्ययन करेंगे। इसके उपरांत मरम्मत का एस्टीमेट तैयार होगा।
- मनमोहन सिंह, अधिशासी अभियंता, राजघाट निर्माण खंड

गोविंद सागर बांध की तलहटी में बदहाल पड़ा पार्क

गोविंद सागर बांध की तलहटी में बदहाल पड़ा पार्क- फोटो : LALITPUR

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