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Lalitpur News: झोपड़ी में लगी आग, जिंदा जल गया दिव्यांग
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तालबेहट। कोतवाली अंतर्गत गांव बिजरौठा में शुक्रवार रात को झोपड़ी में आग लगने से एक दिव्यांग की जलकर मौत हो गई। हादसे की सूचना के बाद राजस्व व पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।
ग्राम बिजरौठा निवासी स्व. सातिया ढीमर के तीन पुत्रों में किशनलाल उर्फ ब्रह्मा (45) सबसे छोटा था। इसके बड़े भाई गंगाराम की मृत्यु पहले हो चुकी है। किशनलाल शुक्रवार रात को अपनी झोपड़ी (टपरा)में सर्दी से बचाव के लिए अंगीठी जलाकर ताप रहा था। इसके बाद उसने अंगीठी को चारपाई के नीचे रख लिया और सो गया। अंगीठी से निकली आग ने चारपाई को चपेट में ले लिया। आग की लपटों से घिरे किशनलाल को चारपाई से उठने तक का वक्त नहीं मिला। आग की लपटों से घिरा दिव्यांग किशन लाल चीखता हुआ जलकर राख हो गया।
आग की जानकारी के बाद आसपास के लोग मौके पर जुटे और लेकिन आग की भीषणता को देखते हुए किसी ने उसे बचाने की कोशिश नहीं की। सूचना के बाद नायब तहसीलदार घनेंद्र तिवारी, कानूनगो राजेश पांडेय, उपनिरीक्षक अवधेश यादव, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि सत्येंद्र बुंदेला मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को परीक्षण के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया।
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दो सप्ताह पहले पुलिया में गिर गया था
बिजरौठा/तालबेहट। बीस वर्ष पहले मृतक किशनलाल की शादी हुई थी और शादी के दो वर्ष बाद उसकी पत्नी की मौत हो गई। इसके बाद माता-पिता और बड़े भाई की मौत हो गई। वह गांव में मजदूरी करके अपना जीवन व्यतीत कर रहा था। करीब दो सप्ताह पहले एक पुलिया में गिर जाने के कारण उसकी कमर टूट गई थी। जिसके बाद उसका चलना फिरना और खड़ा होना मुश्किल हो गया था। आयुष्मान कार्ड न होने के कारण वह अपना इलाज भी नहीं करवा सका। वह झोपड़ी में रह कर ही अपना जीवन काट रहा था।
नायब तहसीलदार को भेजकर घटना की जांच कराई गई है। जो भी आर्थिक सहायता देय होगी उसे प्रदान की जाएगी। राशन कार्ड, आवास अथवा आयुष्मान कार्ड के लिए उसने कोई आवेदन नहीं किया था। जिससे उसे किसी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल सका।- अमित कुमार भारतीय, एसडीएम तालबेहट।
वर्ष 2011 के सर्वे सूची के आधार पर ही आयुष्मान कार्ड और आवास दिए गए हैं। हो सकता है कि सर्वे के समय यह किसी कारण वश सूची में शामिल न हो सका हो। इसलिए मृतक को इन योजनाओं का लाभ न मिल सका हो। - राजेश कुमार बघेल, खंड विकास अधिकारी तालबेहट
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ग्राम बिजरौठा निवासी स्व. सातिया ढीमर के तीन पुत्रों में किशनलाल उर्फ ब्रह्मा (45) सबसे छोटा था। इसके बड़े भाई गंगाराम की मृत्यु पहले हो चुकी है। किशनलाल शुक्रवार रात को अपनी झोपड़ी (टपरा)में सर्दी से बचाव के लिए अंगीठी जलाकर ताप रहा था। इसके बाद उसने अंगीठी को चारपाई के नीचे रख लिया और सो गया। अंगीठी से निकली आग ने चारपाई को चपेट में ले लिया। आग की लपटों से घिरे किशनलाल को चारपाई से उठने तक का वक्त नहीं मिला। आग की लपटों से घिरा दिव्यांग किशन लाल चीखता हुआ जलकर राख हो गया।
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आग की जानकारी के बाद आसपास के लोग मौके पर जुटे और लेकिन आग की भीषणता को देखते हुए किसी ने उसे बचाने की कोशिश नहीं की। सूचना के बाद नायब तहसीलदार घनेंद्र तिवारी, कानूनगो राजेश पांडेय, उपनिरीक्षक अवधेश यादव, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि सत्येंद्र बुंदेला मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को परीक्षण के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया।
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दो सप्ताह पहले पुलिया में गिर गया था
बिजरौठा/तालबेहट। बीस वर्ष पहले मृतक किशनलाल की शादी हुई थी और शादी के दो वर्ष बाद उसकी पत्नी की मौत हो गई। इसके बाद माता-पिता और बड़े भाई की मौत हो गई। वह गांव में मजदूरी करके अपना जीवन व्यतीत कर रहा था। करीब दो सप्ताह पहले एक पुलिया में गिर जाने के कारण उसकी कमर टूट गई थी। जिसके बाद उसका चलना फिरना और खड़ा होना मुश्किल हो गया था। आयुष्मान कार्ड न होने के कारण वह अपना इलाज भी नहीं करवा सका। वह झोपड़ी में रह कर ही अपना जीवन काट रहा था।
नायब तहसीलदार को भेजकर घटना की जांच कराई गई है। जो भी आर्थिक सहायता देय होगी उसे प्रदान की जाएगी। राशन कार्ड, आवास अथवा आयुष्मान कार्ड के लिए उसने कोई आवेदन नहीं किया था। जिससे उसे किसी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल सका।- अमित कुमार भारतीय, एसडीएम तालबेहट।
वर्ष 2011 के सर्वे सूची के आधार पर ही आयुष्मान कार्ड और आवास दिए गए हैं। हो सकता है कि सर्वे के समय यह किसी कारण वश सूची में शामिल न हो सका हो। इसलिए मृतक को इन योजनाओं का लाभ न मिल सका हो। - राजेश कुमार बघेल, खंड विकास अधिकारी तालबेहट