{"_id":"56facedd4f1c1b8e1af00eb1","slug":"fir-will-registered-againt-vdo","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्राम विकास अधिकारी पर होगी एफआईआर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्राम विकास अधिकारी पर होगी एफआईआर
अमर उजाला ब्यूूराो ललितपुर
Updated Wed, 30 Mar 2016 12:22 AM IST
विज्ञापन
प्रश्ाासन
- फोटो : demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ललितपुर। डीएम द्वारा निलंबित करने और जांच करने के आदेश दिए जाने के बाद भी ग्राम विकास अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने पर डीएम ने जिला विकास अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है। ग्राम विकास अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
ग्राम चीराकोड़र में पिछले दिनों डीएम डा. रूपेश कुमार ने चौपाल लगाई थी। इस दौरान ब्लाक बिरधा के ग्राम जामुनधाना निवासी संतोष ने शिकायती पत्र देकर ग्राम पंचायत सचिव के खिलाफ शिकायत की थी। उसका आरोप था कि पंचायत सचिव उसका लोहिया आवास नहीं बनने दे रहा है। आरोप लगाया था कि वह आवास के एवज में पैसे मांग रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने उसे जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था। साथ ही ग्राम विकास अधिकारी को निलंबित करने को कहा था। लेकिन, तब से लेकर अब तक एक माह से अधिक समय हो गया और पंचायत सचिव के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
मंगलवार को संतोष फिर से जिलाधिकारी के समक्ष गया और अपनी बात बताई। इसे संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी डा. रूपेश कुमार ने ग्राम विकास अधिकारी महेंद्र सिंह यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। साथ ही जिलाधिकारी के आदेश का पालन नहीं करने पर जिला विकास अधिकारी से उन्होंने स्पष्टीकरण मांगा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
ग्राम चीराकोड़र में पिछले दिनों डीएम डा. रूपेश कुमार ने चौपाल लगाई थी। इस दौरान ब्लाक बिरधा के ग्राम जामुनधाना निवासी संतोष ने शिकायती पत्र देकर ग्राम पंचायत सचिव के खिलाफ शिकायत की थी। उसका आरोप था कि पंचायत सचिव उसका लोहिया आवास नहीं बनने दे रहा है। आरोप लगाया था कि वह आवास के एवज में पैसे मांग रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने उसे जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था। साथ ही ग्राम विकास अधिकारी को निलंबित करने को कहा था। लेकिन, तब से लेकर अब तक एक माह से अधिक समय हो गया और पंचायत सचिव के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
विज्ञापन
मंगलवार को संतोष फिर से जिलाधिकारी के समक्ष गया और अपनी बात बताई। इसे संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी डा. रूपेश कुमार ने ग्राम विकास अधिकारी महेंद्र सिंह यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। साथ ही जिलाधिकारी के आदेश का पालन नहीं करने पर जिला विकास अधिकारी से उन्होंने स्पष्टीकरण मांगा है।
विज्ञापन