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महंगाई पर भारी त्योहार की उमंग
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मकर संक्रांति पर्व के नजदीक आते ही बाजार में सजी गाढिया गुल्ला मिठाई
- फोटो : LALITPUR
मड़ावरा। जिले में सूर्योपासना व दान का पर्व मकर संक्रांति 15 जनवरी को मनाया जाएगा। लाई, चूड़ा, तिलकुट, तिल, गुड़, गाड़िया-गुल्हा की खरीदारी के लिए लोगों ने बाजार का रुख करना शुरू कर दिया है। भले ही महंगाई हो, लेकिन त्योहार के कारण लोग कुछ न कुछ खरीद रहे हैं।
शनिवार को मड़ावरा के बाजार में खरीदारी के लिए खासी भीड़ रही। कस्बा में ब्लॉक के सामने, थाना गेट के पास, पीएनबी के पास, बैरियर एवं मुख्य बाजार सहित गिरार तिराहा आदि विभिन्न जगहों पर मकर संक्रांति का बाजार सजा है। पुरानी बुंदेली परंपराओं का निर्वहन करते हुए बुजुर्ग अपनी बेटी, बहन आदि के घर गाड़िया-गुल्हा व खिचड़ी पहुंचाते रहे। घरों में लाई, तिल, तिलकुट, गुड़, सूजी, मैंदा, राजगिरा आदि की खरीदारी के साथ-साथ महिलाओं ने पकवान तथा लड्डू बनाने का कार्य तेज कर दिया है। बाजार पर महंगाई की मार है। पर्व से संबंधित सामग्री की कीमत में उछाल है। पर्व पर जिल का सर्वाधिक महत्व है। पिछले वर्ष 130-140 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिकने वाला तिल इस वर्ष बाजार में 150-160 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिक रहा है। पिछले साल की अपेक्षा गुड़ की कीमतों में भी परिवर्तन है। जेब पर लोड अधिक न पड़े, इसलिए लोग सीमित खरीदारी कर रहे हैं।
मकर संक्रांति के दिन सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है। इस दिन गंगा स्नान कर व्रत, कथा, दान और भगवान सूर्यदेव की उपासना करने का विशेष महत्व है। इस साल की मकर संक्रांति का नाम महोदर है। बुधवार को पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में संक्रांति मनाई जाएगी। इस योग में दान-पुण्य करने से कई गुना फल की प्राप्ति होती है। 14 जनवरी को संक्रांति ‘गर्दभ’ पर सवार होकर आ रही है। संक्रांति का उपवाहन मेष है। संक्रांति गर्दभ पर सवार होकर गुलाबी वस्त्र धारण करके मिठाई का भक्षण करते हुए दक्षिण से पश्चिम दिशा की ओर जाएगी। स्नान एवं दान सुबह 07:19 से दोपहर 12:31 तक रहेगा।
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- अरविंद रावत, ज्योतिषाचार्य
मकर संक्रांति पर्व जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, बाजार में खरीदारों की भीड बढ़ने लगी है। त्योहार की उमंग महंगाई पर भारी पड़ रही। हाल में हुई बेमौसम बरसात की वजह से किसान कम खरीदारी कर रहे हैं।
- सुरेश कुमार जैन, दुकानदार
महंगाई की बजह से पिछले वर्ष की अपेक्षा थोड़ा-बहुत फर्क जरूर पड़ा है, लेकिन पर्व के कारण लोगों में खासा उत्साह है और लोग बाजारों में पहुंचकर खरीदारी कर रहे हैं।
- श्रवण कुमार जैन, दुकानदार
बाजार में पर्व से संबंधित सामग्री की कीमत में उछाल आया है। पर्व अच्छे से मनाया जाए, इसलिए पैसा मायने नहीं रखता। बच्चों में पर्व के प्रति खासा उत्साह है।
- मनोज कुशवाहा, खरीदार
बाजार से किराना की सामग्री की खरीद कर ली है। संक्रांति का पर्व आने वाला है। लड्डुओं और पकवान बनाने का दौर शुरू हो गया। महंगाई की वजह से त्योहार सीमित खर्च के साथ मनाएंगे।
-राधा रानी, खरीदार
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शनिवार को मड़ावरा के बाजार में खरीदारी के लिए खासी भीड़ रही। कस्बा में ब्लॉक के सामने, थाना गेट के पास, पीएनबी के पास, बैरियर एवं मुख्य बाजार सहित गिरार तिराहा आदि विभिन्न जगहों पर मकर संक्रांति का बाजार सजा है। पुरानी बुंदेली परंपराओं का निर्वहन करते हुए बुजुर्ग अपनी बेटी, बहन आदि के घर गाड़िया-गुल्हा व खिचड़ी पहुंचाते रहे। घरों में लाई, तिल, तिलकुट, गुड़, सूजी, मैंदा, राजगिरा आदि की खरीदारी के साथ-साथ महिलाओं ने पकवान तथा लड्डू बनाने का कार्य तेज कर दिया है। बाजार पर महंगाई की मार है। पर्व से संबंधित सामग्री की कीमत में उछाल है। पर्व पर जिल का सर्वाधिक महत्व है। पिछले वर्ष 130-140 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिकने वाला तिल इस वर्ष बाजार में 150-160 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिक रहा है। पिछले साल की अपेक्षा गुड़ की कीमतों में भी परिवर्तन है। जेब पर लोड अधिक न पड़े, इसलिए लोग सीमित खरीदारी कर रहे हैं।
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मकर संक्रांति के दिन सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है। इस दिन गंगा स्नान कर व्रत, कथा, दान और भगवान सूर्यदेव की उपासना करने का विशेष महत्व है। इस साल की मकर संक्रांति का नाम महोदर है। बुधवार को पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में संक्रांति मनाई जाएगी। इस योग में दान-पुण्य करने से कई गुना फल की प्राप्ति होती है। 14 जनवरी को संक्रांति ‘गर्दभ’ पर सवार होकर आ रही है। संक्रांति का उपवाहन मेष है। संक्रांति गर्दभ पर सवार होकर गुलाबी वस्त्र धारण करके मिठाई का भक्षण करते हुए दक्षिण से पश्चिम दिशा की ओर जाएगी। स्नान एवं दान सुबह 07:19 से दोपहर 12:31 तक रहेगा।
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- अरविंद रावत, ज्योतिषाचार्य
मकर संक्रांति पर्व जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, बाजार में खरीदारों की भीड बढ़ने लगी है। त्योहार की उमंग महंगाई पर भारी पड़ रही। हाल में हुई बेमौसम बरसात की वजह से किसान कम खरीदारी कर रहे हैं।
- सुरेश कुमार जैन, दुकानदार
महंगाई की बजह से पिछले वर्ष की अपेक्षा थोड़ा-बहुत फर्क जरूर पड़ा है, लेकिन पर्व के कारण लोगों में खासा उत्साह है और लोग बाजारों में पहुंचकर खरीदारी कर रहे हैं।
- श्रवण कुमार जैन, दुकानदार
बाजार में पर्व से संबंधित सामग्री की कीमत में उछाल आया है। पर्व अच्छे से मनाया जाए, इसलिए पैसा मायने नहीं रखता। बच्चों में पर्व के प्रति खासा उत्साह है।
- मनोज कुशवाहा, खरीदार
बाजार से किराना की सामग्री की खरीद कर ली है। संक्रांति का पर्व आने वाला है। लड्डुओं और पकवान बनाने का दौर शुरू हो गया। महंगाई की वजह से त्योहार सीमित खर्च के साथ मनाएंगे।
-राधा रानी, खरीदार