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खाद के लिए दर दर भटक रहे हैं अन्नदाता
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- फोटो : kisan.jpg
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बार (ललितपुर)। बारिश के बाद किसानों ने बुवाई का काम शुरू कर दिया लेकिन क्षेत्र में खाद न मिलने के कारण किसान दर-दर भटक रहे हैं। किसान नेताओं ने डीएम को ज्ञापन भी दिया।
कस्बा बार के अधिकतर खाद विक्रेताओं ने अपने गोदामों से खाद की निकासी बंद कर दी और दुकानों पर ताला डालकर इधर-उधर निकल गए। आरोप है कि खाद विक्रेता ऊंची दरों पर चोरी छिपे खाद की कालाबाजारी कर रहे हैं जिससे यहां के किसान काफी परेशान हैं। किसानों का कहना है कि पिछले दिनों डीएपी की बोरी 1200 रुपये में थी वह अब 1400 रुपये में बिक रही है। किसान नेता कीरत बाबा ने डीएम को ज्ञापन देकर बताया कि कस्बा के दुकानदार पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश में ऊंची दरों पर खाद की बोरी बेच रहे हैं। उनका कहना है कि सहकारी समितियों पर खाद न होने के कारण किसानों को यहां के दुकानदार ऊंची दरों पर खाद बेच रहे हैं।
ज्ञापन पर पहाड़ सिंह, लाखन सिंह पटेल, सोनू पटेल, रंजीत सिंह, रूप सिंह, बबलू आदि के हस्ताक्षर हैं उन्होंने शासन प्रशासन से मांग की है कि किसानों को अतिशीघ्र खाद मुहैया कराई जाए जिससे किसान मटर चना एवं सरसों की खेती कर सकें। किसानों का कहना है कि इस बारिश से उन्हें काफी लाभ हुआ है और पलेवा करने की जरूरत नहीं है यदि खेत सूख जाते हैं तो किसान मात्र हताश रहकर ही रह जाएगा।
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सुबह से ही दुकानों पर खाद के लिए चक्कर लगा रहे हैं लेकिन पूरे कस्बा में मुझे डीएपी खाद की बोरी नहीं मिली। खाद विक्रेताओं से पूछते हैं तो खाद न होने का बहाना बनाकर अपने गोदामों के ताले लगाए हुए हैं ।
मातादीन यादव, टूदासर बार
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दो दिन से खाद के लिए पूरे कस्बा एवं बासी और ललितपुर तक घूम आए हैं लेकिन खाद नहीं मिली। खेत सूख जाएंगे तो मुझे दोबारा पलेवा करना पड़ेगा, डीजल इतना महंगा है कैसे खेती करूं।
बब्बू राजा बुंदेला ग्राम पुलवारा बार
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कस्बा बार के अधिकतर खाद विक्रेताओं ने अपने गोदामों से खाद की निकासी बंद कर दी और दुकानों पर ताला डालकर इधर-उधर निकल गए। आरोप है कि खाद विक्रेता ऊंची दरों पर चोरी छिपे खाद की कालाबाजारी कर रहे हैं जिससे यहां के किसान काफी परेशान हैं। किसानों का कहना है कि पिछले दिनों डीएपी की बोरी 1200 रुपये में थी वह अब 1400 रुपये में बिक रही है। किसान नेता कीरत बाबा ने डीएम को ज्ञापन देकर बताया कि कस्बा के दुकानदार पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश में ऊंची दरों पर खाद की बोरी बेच रहे हैं। उनका कहना है कि सहकारी समितियों पर खाद न होने के कारण किसानों को यहां के दुकानदार ऊंची दरों पर खाद बेच रहे हैं।
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ज्ञापन पर पहाड़ सिंह, लाखन सिंह पटेल, सोनू पटेल, रंजीत सिंह, रूप सिंह, बबलू आदि के हस्ताक्षर हैं उन्होंने शासन प्रशासन से मांग की है कि किसानों को अतिशीघ्र खाद मुहैया कराई जाए जिससे किसान मटर चना एवं सरसों की खेती कर सकें। किसानों का कहना है कि इस बारिश से उन्हें काफी लाभ हुआ है और पलेवा करने की जरूरत नहीं है यदि खेत सूख जाते हैं तो किसान मात्र हताश रहकर ही रह जाएगा।
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सुबह से ही दुकानों पर खाद के लिए चक्कर लगा रहे हैं लेकिन पूरे कस्बा में मुझे डीएपी खाद की बोरी नहीं मिली। खाद विक्रेताओं से पूछते हैं तो खाद न होने का बहाना बनाकर अपने गोदामों के ताले लगाए हुए हैं ।
मातादीन यादव, टूदासर बार
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दो दिन से खाद के लिए पूरे कस्बा एवं बासी और ललितपुर तक घूम आए हैं लेकिन खाद नहीं मिली। खेत सूख जाएंगे तो मुझे दोबारा पलेवा करना पड़ेगा, डीजल इतना महंगा है कैसे खेती करूं।
बब्बू राजा बुंदेला ग्राम पुलवारा बार