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पांच बेटियों के पिता ने ट्रेन से कटकर दी जान
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पांच बेटियों के पिता ने ट्रेन से कटकर दी जान
ललितपुर। बानपुर थाना क्षेत्र के ग्राम भारौनी, दैलवारा निवासी पांच बेटियों के पिता ने उसके दो लाख 20 हजार रुपये नहीं लौटाने और बेटी की शादी की चिंता की वजह से ट्रेन से कटकर जान दे दी। जानकारी मिलने पर कोतवाली क्षेत्र की नेहरूनगर चौकी पुलिस मौके पर पहुंच गई और उसके पास मिले सुसाइड नोट में लिखे नंबर पर परिजनों को जानकारी देते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
थाना बानपुर के ग्राम भारौनी, दैलवारा निवासी पुष्पेंद्र सिंह लोधी (38) पुत्र भैयालाल दो दिनों से परेशान चल रहा था। उसके भाई ने उसे परेशान देखकर उससे इसका कारण और कर्जा होने की बात भी पूछी लेकिन उसने कुछ नहीं बताया। शनिवार को दोपहर तक वह घर पर ही रहा और दोपहर करीब ढाई बजे अचानक से उठकर ललितपुर मुख्यालय जाने के लिए ऑटो में बैठने जा रहा था। इसी दौरान उसके बड़े भाई लक्खी ने देखकर उसे रोककर पूछा कि वह कहां जा रहे हो तो उसने बताया कि वह ललितपुर खाद लेने जा रहा है। इस पर भाई ने एक सेठ से उसे खाद के लिए रुपये दिलाने की बात भी कर ली। इसके बाद वह मुख्यालय चला गया।
कुछ देर बाद जब बड़े भाई लक्खी ने सेठ को फोन लगाया तो उसने बताया कि पुष्पेंद्र वहां नहीं पहुंचा। उसने पुष्पेंद्र से मोबाइल पर पूछा तो उसने कहा कि वह रेलवे स्टेशन पर है और खाद गई भाड़ में, उसकी लाश ले जाना। इस पर भाई व अन्य ग्रामीण उसकी खोज में जिला मुख्यालय पहुंचे और रेलवे स्टेशन के आसपास देखा, लेकिन पता नहीं चल सका। कुछ देर बाद नेहरूनगर चौकी पुलिस को माल गोदाम के पास एक व्यक्ति का शव पड़े होने की जानकारी मिली, जिस पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उसके पास मिले सुसाइड नोट और उसके पास मिले मोबाइल नंबर पर संपर्क कर परिजनों को घटना की जानकारी दी। इस पर परिजन मौके पर पहुंचे और शव की शिनाख्त की और पुलिस को सुसाइड नोट भी मिला। इसके बाद नेहरूनगर चौकी पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। भाई लक्खी ने बताया कि उसके की पांच बेटियां हैं और वह दो भाई व चार बहनों में सबसे छोटा था। पिता के नाम छह एकड़ जमीन है, जिस पर वह खेती करता था।
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युवक पर लगाया रुपये नहीं लौटाने का आरोप, लिखा- फांसी की सजा दिलाना
मृतक पुष्पेंद्र की जेब से दो पन्नों का सुसाइड नोट मिला, जिसमें एक पन्ने में उसने अपनी पत्नी को बेकसूर बताते हुए परेशान नहीं करने की बात लिखी है। अपनी मौत का कारण गांव के एक युवक को बताया। उसने अपनी बड़ी बेटी को लिखा बेटा दुखी मत होना। उसका साथ यहीं तक था। उसकी मौत का दुख मत करना, क्योंकि यह अक्षर उसके पापा खून के आंसुओं से लिख रहा है। बेटा हमेशा मम्मी का ध्यान रखना। उसने बेटी को दादा का ध्यान रखने को भी लिखा। उसने भगवान से भी प्रार्थना करते हुए लिखा कि भगवान मेरे बच्चों को खुश रखना। उसने आगे एक युवक पर आरोप लगाते हुए लिखा कि उस युवक ने उससे पैसे लेकर देने से इंकार कर दिया था। साहब मैं बहुत दुखी हुआ, क्योंकि उसकी बड़ी बेटी पंद्रह साल की हो चुकी है और उसे उसकी शादी की चिंता सता रही है। साहब मुझे दो लाख 20 हजार रुपये का कर्ज गांव वालों का भी देना था। सर, इसने मुझे जीते जी मार दिया। इसको सर माफ मत करना, साहब मेरी पांच बेटियां हैं, वो किसके सहारे जीएंगी। उसने अगले पन्ने में लिखा कि राजा भैया को दो लाख बीस हजार रुपये 17 मई 2018 को दिए थे। उसने एसपी से उक्त युवक को दरिंदा और शैतान बताते हुए अपनी मौत का कारण बताया और लिखा कि इस दरिंदे को फांसी दिलाना सर।
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ललितपुर। बानपुर थाना क्षेत्र के ग्राम भारौनी, दैलवारा निवासी पांच बेटियों के पिता ने उसके दो लाख 20 हजार रुपये नहीं लौटाने और बेटी की शादी की चिंता की वजह से ट्रेन से कटकर जान दे दी। जानकारी मिलने पर कोतवाली क्षेत्र की नेहरूनगर चौकी पुलिस मौके पर पहुंच गई और उसके पास मिले सुसाइड नोट में लिखे नंबर पर परिजनों को जानकारी देते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
थाना बानपुर के ग्राम भारौनी, दैलवारा निवासी पुष्पेंद्र सिंह लोधी (38) पुत्र भैयालाल दो दिनों से परेशान चल रहा था। उसके भाई ने उसे परेशान देखकर उससे इसका कारण और कर्जा होने की बात भी पूछी लेकिन उसने कुछ नहीं बताया। शनिवार को दोपहर तक वह घर पर ही रहा और दोपहर करीब ढाई बजे अचानक से उठकर ललितपुर मुख्यालय जाने के लिए ऑटो में बैठने जा रहा था। इसी दौरान उसके बड़े भाई लक्खी ने देखकर उसे रोककर पूछा कि वह कहां जा रहे हो तो उसने बताया कि वह ललितपुर खाद लेने जा रहा है। इस पर भाई ने एक सेठ से उसे खाद के लिए रुपये दिलाने की बात भी कर ली। इसके बाद वह मुख्यालय चला गया।
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कुछ देर बाद जब बड़े भाई लक्खी ने सेठ को फोन लगाया तो उसने बताया कि पुष्पेंद्र वहां नहीं पहुंचा। उसने पुष्पेंद्र से मोबाइल पर पूछा तो उसने कहा कि वह रेलवे स्टेशन पर है और खाद गई भाड़ में, उसकी लाश ले जाना। इस पर भाई व अन्य ग्रामीण उसकी खोज में जिला मुख्यालय पहुंचे और रेलवे स्टेशन के आसपास देखा, लेकिन पता नहीं चल सका। कुछ देर बाद नेहरूनगर चौकी पुलिस को माल गोदाम के पास एक व्यक्ति का शव पड़े होने की जानकारी मिली, जिस पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उसके पास मिले सुसाइड नोट और उसके पास मिले मोबाइल नंबर पर संपर्क कर परिजनों को घटना की जानकारी दी। इस पर परिजन मौके पर पहुंचे और शव की शिनाख्त की और पुलिस को सुसाइड नोट भी मिला। इसके बाद नेहरूनगर चौकी पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। भाई लक्खी ने बताया कि उसके की पांच बेटियां हैं और वह दो भाई व चार बहनों में सबसे छोटा था। पिता के नाम छह एकड़ जमीन है, जिस पर वह खेती करता था।
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युवक पर लगाया रुपये नहीं लौटाने का आरोप, लिखा- फांसी की सजा दिलाना
मृतक पुष्पेंद्र की जेब से दो पन्नों का सुसाइड नोट मिला, जिसमें एक पन्ने में उसने अपनी पत्नी को बेकसूर बताते हुए परेशान नहीं करने की बात लिखी है। अपनी मौत का कारण गांव के एक युवक को बताया। उसने अपनी बड़ी बेटी को लिखा बेटा दुखी मत होना। उसका साथ यहीं तक था। उसकी मौत का दुख मत करना, क्योंकि यह अक्षर उसके पापा खून के आंसुओं से लिख रहा है। बेटा हमेशा मम्मी का ध्यान रखना। उसने बेटी को दादा का ध्यान रखने को भी लिखा। उसने भगवान से भी प्रार्थना करते हुए लिखा कि भगवान मेरे बच्चों को खुश रखना। उसने आगे एक युवक पर आरोप लगाते हुए लिखा कि उस युवक ने उससे पैसे लेकर देने से इंकार कर दिया था। साहब मैं बहुत दुखी हुआ, क्योंकि उसकी बड़ी बेटी पंद्रह साल की हो चुकी है और उसे उसकी शादी की चिंता सता रही है। साहब मुझे दो लाख 20 हजार रुपये का कर्ज गांव वालों का भी देना था। सर, इसने मुझे जीते जी मार दिया। इसको सर माफ मत करना, साहब मेरी पांच बेटियां हैं, वो किसके सहारे जीएंगी। उसने अगले पन्ने में लिखा कि राजा भैया को दो लाख बीस हजार रुपये 17 मई 2018 को दिए थे। उसने एसपी से उक्त युवक को दरिंदा और शैतान बताते हुए अपनी मौत का कारण बताया और लिखा कि इस दरिंदे को फांसी दिलाना सर।