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Lalitpur News: मौसम का बदला मिजाज, बादल और बूंदाबांदी से चिंता में किसान

Thu, 22 Feb 2024 02:01 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 22 Feb 2024 02:01 AM IST
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Farmers worried due to change in weather, clouds and drizzle
संवाद न्यूज एजेंसी
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ललितपुर। मौसम के बदले मिजाज से बुधवार को कहीं बूंदाबांदी तो कहीं काले बादल छाए रहे, इससे किसान चिंतित हैं। खेतों में मटर की फसल की कटाई व मड़ाई शुरू हो गई है, वहीं चना, मसूर और सरसों की फसलें भी पकने की कगार पर हैं।
रबी की सभी फसलें दलहन, तिलहन व गेहूं पकने की स्थिति में आ गई हैं। मटर की फसल की कटाई व मड़ाई चल रही है। गेहूं की फसल में बालियां आ गई हैं। दाना पोषित हो रहा है। इन फसलों में किसान सिंचाई भी कर रहे हैं, लेकिन मंगलवार रात्रि में मौसम का मिजाज बदल गया। कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी हुई। बुधवार सुबह से ही बादल छा गए। किसानों का कहना है कि अधिक बारिश होने पर फसलें पूरी तरह नष्ट हो जाएंगी। मटर, चना व मसूर की फसल खराब हो जाएगी। बारिश से सरसों की फसल गिरने का खतरा है। इससे दाना प्रभावित हो जाएगा। बारिश के साथ हवा चली तो गेहूं की फसल गिरकर बर्बाद हो जाएगी।
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अभी फसलों को साफ मौसम की आवश्यकता है। यदि बारिश या हवा चली तो फसलों को नुकसान हो जाएगा।
- रामसिंह कुशवाहा
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बारिश होने से मटर, चना व मसूर और गेहूं तक की फसलें खराब हो जाएंगी। सरसों गिर जाएगी, साथ ही टूटने का खतरा है।
- चाली राजा
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माहू से परेशान लोग, आंखों में आने से हो रही दिक्कत
माहू का प्रकोप सरसों की फसल को प्रभावित कर रहा है। कुछ क्षेत्रों में सरसों की फसल फूल पर आ गई है। ऐसे में माहू फूल को नुकसान पहुंचा सकती है। लोगों को भी दिक्कत आ रही है। माहू के आंख में जाने से जलन होती है। साथ ही खुजली होने लगती है। जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. अंबिका दुबे ने बताया कि लोग माहू के लगने पर आंखों को स्वच्छ पानी से साफ करें। चश्मा लगाकर घर से बाहर निकलें। बाइक चलाने पर हेलमेट पहनें। इससे माहू के लगने से बच सकेंगे।
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माहू से फसलों को नुकसान नहीं है। कारण, फसलें पकने की अवस्था में आ गई हैं। बारिश होने से मटर, चना व मसूर और सरसों की फसल को नुकसान हो जाएगा। हवा चलने पर गेहूं की फसल भी गिर जाएगी।
- डॉ. दिनेश तिवारी, कृषि वैज्ञानिक
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