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Lalitpur News: गल्ला मंडी में पानी के लिए भटक रहे किसान-मजदूर
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। नवीन गल्ला मंडी में किसान व मजदूरों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। यहां लगी अधिकांश प्याऊ सूखी पड़ी हैं, इनमें पानी तो दूर टोंटी तक नहीं लगी है। कई हैंडपंप खराब पड़े हैं।
यहां की मंडी प्रदेश की नामचीन मंडियों में शुमार है। जनपद के किसानों के साथ सीमा से सटे मध्यप्रदेश के किसान भी अपनी उपज लेकर आते हैं। दलहन के लिए प्रदेश में जानी जाती है। प्रतिदिन यहां हजारों क्विंटल उपज बिक्री के लिए आती है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार मंडी प्रतिमाह लगभग दो करोड़ रुपये का राजस्व देती है। लेकिन, यहां सुविधाएं तो दूर भीषण गर्मी में ठंडा पानी तक किसानों व मजदूरों को नसीब नहीं हो पा रहा है। किसान प्याऊ व हैंडपंप देखकर पानी पीने के लिए पहुंचते हैं, लेकिन प्याऊ में टोंटी न होने पर प्यासे ही वापस हो जाते हैं। यही हाल हैंडपंप का है।-- -
इकलौता वाटर कूलर वर्षों से खराब:
बीते वर्षों में तत्कालीन सांसद उमा भारती ने वाटर कूलर लगवाया था, जो कुछ दिन तक तो ठीक रहा, इसके बाद खराब हो गया। यह लगभग दो वर्ष से खराब पड़ा है।
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कई हैंडपंपों के पास गंदगी, तो कचरा में डूबा प्याऊ: मंडी में पेयजल समस्या के साथ ही गंदगी का भी अंबार है। यहां मंदिर के आगे लगे हैंडपंप के पास दूषित पानी जमा है। इसमें पड़े कचरे को देखकर लोग हैंडपंप का पानी पीने तक से डर रहे हैं। मंडी के सामने स्थित प्याऊ कचरा की चपेट में है।
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ललितपुर। नवीन गल्ला मंडी में किसान व मजदूरों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। यहां लगी अधिकांश प्याऊ सूखी पड़ी हैं, इनमें पानी तो दूर टोंटी तक नहीं लगी है। कई हैंडपंप खराब पड़े हैं।
यहां की मंडी प्रदेश की नामचीन मंडियों में शुमार है। जनपद के किसानों के साथ सीमा से सटे मध्यप्रदेश के किसान भी अपनी उपज लेकर आते हैं। दलहन के लिए प्रदेश में जानी जाती है। प्रतिदिन यहां हजारों क्विंटल उपज बिक्री के लिए आती है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार मंडी प्रतिमाह लगभग दो करोड़ रुपये का राजस्व देती है। लेकिन, यहां सुविधाएं तो दूर भीषण गर्मी में ठंडा पानी तक किसानों व मजदूरों को नसीब नहीं हो पा रहा है। किसान प्याऊ व हैंडपंप देखकर पानी पीने के लिए पहुंचते हैं, लेकिन प्याऊ में टोंटी न होने पर प्यासे ही वापस हो जाते हैं। यही हाल हैंडपंप का है।
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इकलौता वाटर कूलर वर्षों से खराब:
बीते वर्षों में तत्कालीन सांसद उमा भारती ने वाटर कूलर लगवाया था, जो कुछ दिन तक तो ठीक रहा, इसके बाद खराब हो गया। यह लगभग दो वर्ष से खराब पड़ा है।
कई हैंडपंपों के पास गंदगी, तो कचरा में डूबा प्याऊ: मंडी में पेयजल समस्या के साथ ही गंदगी का भी अंबार है। यहां मंदिर के आगे लगे हैंडपंप के पास दूषित पानी जमा है। इसमें पड़े कचरे को देखकर लोग हैंडपंप का पानी पीने तक से डर रहे हैं। मंडी के सामने स्थित प्याऊ कचरा की चपेट में है।
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