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किसानों ने जानवरों से उजड़वाई खेत में खड़ी फसल
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डोंगरा में खेतों में फसल चरते जानवर।
- फोटो : LALITPUR
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डोंगरा खुर्द। किसानों ने नाराहट क्षेत्र में खरीफ की फसलों की लागत नहीं निकलने पर खेतों में खड़ी फसल को छुट्टा जानवरों से उजड़वा दिया है। लगातार हुई बरसात से खरीफ की उड़द, मूंग, तिली, सोयाबीन आदि फसलें पूर्ण रूप से खराब हो चुकी हैं। खेतों की कटाई और सफाई कराने में लागत ज्यादा आ रही है और उपज की कोई उम्मीद नहीं है, इसलिए खेतों में जानवरों को छोड़ दिया गया है, ताकि खेतों की सफाई हो जाए और किसान रबी फसल के लिए खेत तैयार कर सकें।
खरीफ की फसलें पककर तैयार खड़ी थीं, लेकिन बरसात से फलियां सड़ कर खेतों में गिर गईं और फसलों के डंठल खड़े रह गए। किसानों ने अच्छी उपज के लिए कई तरह की कीटनाशक दवाओं का प्रयोग किया था, जिसमें हजारों रुपये खर्च हुए थे, लेकिन अतिवृष्टि से किसानों की उम्मीदें आशा से निराशा बदल गईं और फसलें खेतों में बिछ गईं। फसलों की फलियां में अंकुर आ गए थे तथा कुछ में फफूंदी लग लग गई थी। इससे लागत निकलना तो दूर की बात बीज निकलना भी मुश्किल लग रहा था। इसलिए किसानों ने जानवरों को खेतों में छोड़कर फसलें उजड़वा दीं। नाराहट क्षेत्र के ग्राम डोंगरा खुर्द, दिगवार, पटना, बरेजा, गुढ़ा, खिरिया, गुरयाना, चांदोरा आदि गावों के किसानों खेतों में खड़ी फसलों में जानवर छोड़ दिए हैं।
लगातार बरसात होने से खेतों खड़ी फसल पूर्ण रूप से खराब हो चुकी है। ऐसे में लागत भी नहीं निकलना है। खेतों की कटाई- सफाई कराने में लागत ज्यादा आ रही है और उपज कुछ नहीं, इसलिए खेतों में जानवर छोड़ दिए हैं।
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- सुरेश कुमार, किसान
फसलों में बीज निकलने की भी आशा नहीं है, इसलिए खेतों में जानवर छोड़ दिए हैं। इससे खेतों की सफाई हो जाएगी, ताकि रबी की फसल के लिए खेत तैयार कर सकें।
- सत्येंद्र कुमार, किसान
कर्ज लेकर बुवाई की थी, लेकिन अब कर्ज चुकाना मुश्किल लग रहा है और खेतों की सफाई के लिए भी पैसा नहीं है। इस कारण खेतों में जानवर छोड़ दिए हैं।
- तुलसीराम कुशवाहा, किसान
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खरीफ की फसलें पककर तैयार खड़ी थीं, लेकिन बरसात से फलियां सड़ कर खेतों में गिर गईं और फसलों के डंठल खड़े रह गए। किसानों ने अच्छी उपज के लिए कई तरह की कीटनाशक दवाओं का प्रयोग किया था, जिसमें हजारों रुपये खर्च हुए थे, लेकिन अतिवृष्टि से किसानों की उम्मीदें आशा से निराशा बदल गईं और फसलें खेतों में बिछ गईं। फसलों की फलियां में अंकुर आ गए थे तथा कुछ में फफूंदी लग लग गई थी। इससे लागत निकलना तो दूर की बात बीज निकलना भी मुश्किल लग रहा था। इसलिए किसानों ने जानवरों को खेतों में छोड़कर फसलें उजड़वा दीं। नाराहट क्षेत्र के ग्राम डोंगरा खुर्द, दिगवार, पटना, बरेजा, गुढ़ा, खिरिया, गुरयाना, चांदोरा आदि गावों के किसानों खेतों में खड़ी फसलों में जानवर छोड़ दिए हैं।
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लगातार बरसात होने से खेतों खड़ी फसल पूर्ण रूप से खराब हो चुकी है। ऐसे में लागत भी नहीं निकलना है। खेतों की कटाई- सफाई कराने में लागत ज्यादा आ रही है और उपज कुछ नहीं, इसलिए खेतों में जानवर छोड़ दिए हैं।
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- सुरेश कुमार, किसान
फसलों में बीज निकलने की भी आशा नहीं है, इसलिए खेतों में जानवर छोड़ दिए हैं। इससे खेतों की सफाई हो जाएगी, ताकि रबी की फसल के लिए खेत तैयार कर सकें।
- सत्येंद्र कुमार, किसान
कर्ज लेकर बुवाई की थी, लेकिन अब कर्ज चुकाना मुश्किल लग रहा है और खेतों की सफाई के लिए भी पैसा नहीं है। इस कारण खेतों में जानवर छोड़ दिए हैं।
- तुलसीराम कुशवाहा, किसान