{"_id":"5a4546394f1c1bc5758bbbf7","slug":"farmer-misbehave-with-surveyor","type":"story","status":"publish","title_hn":"क्रय केंद्र पर किसानों की सर्वेयर से हुई झड़प","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
क्रय केंद्र पर किसानों की सर्वेयर से हुई झड़प
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 29 Dec 2017 01:00 AM IST
विज्ञापन
lalitpur administration news
- फोटो : demo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमरपुर मंडी में प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद भी उड़द खरीद केंद्र पर बृहस्पतिवार को सुबह खूब बवाल हुआ। क्रय केंद्र पर पहुंचे किसानों की सर्वेयर से झड़प हो गई, जिससे नाराज सर्वेयर गोदाम से भाग गया और बृहस्पतिवार को कोई भी खरीद नहीं हो सकी। खरीद नहीं होने से परेशान कुछ किसानों द्वारा आत्महत्या की कोशिश तक की गई और प्रशासनिक व्यवस्था को खूब कोसा गया। यहां बिना सुरक्षा व्यवस्था के संचालित क्रय केंद्र के कर्मचारियों से अभद्रता के साथ ही रोज बवाल की स्थिति बनी हुई है। वहीं, पीसीएफ अब तक क्रय केंद्र के लिए एक सर्वेयर की खोज भी नहीं कर सका है, जिससे 12 दिन बाद किसी प्रकार शुरू हुई खरीद पर एक बार संकट के बादल छा गए हैं।
अमरपुर मंडी में 15 दिन पूर्व लगा क्रय केंद्र शुरू से ही विवादित बना हुआ है। मुश्किल से एक सप्ताह में ही क्रय केंद्र प्रभारी को अनियमितताओं के चलते प्रशासनिक कार्रवाई के तहत मुकदमा झेलना पड़ा। उसी दिन से सर्वेयर के अभाव में क्रय केंद्र लगातार बंद चल रहा है। प्रशासन के दखल के बाद बुधवार को 12 दिन बाद किसी प्रकार क्रय केंद्र पर खरीद शुरू कराई गई, जिसमें एक ही सर्वेयर से गोदाम और क्रय केंद्र पर जिंस की गुणवत्ता जांचने की सहमति भी बन गई, लेकिन अगले दिन बृहस्पतिवार को सुबह सर्वेयर द्वारा क्रय केंद्र पर जिंस की गुणवत्ता की जांच करने से मना कर दिया। जिस पर यहां मौजूद किसान भड़क गए और सर्वेयर से झड़प तक हो गई।
हालांकि क्रय केंद्र पर मौजूद कर्मचारियों ने भी बीच-बचाव किया, लेकिन किसान उक्त सर्वेयर से उड़द की जांच पर अड़े रहे। लेकिन सर्वेयर ने अपने अधिकारियों के आदेश पर ही सिर्फ गोदाम पर आने वाले जिंस की गुणवत्ता की जांच करने की बात की, लेकिन काफी देर तक गहमागहमी होने पर सर्वेयर गोदाम से भाग गया। क्रय केंद्र कर्मचारियों ने इसकी जानकारी पीसीएफ अधिकारियों को दी, लेकिन शाम पांच बजे तक यहां कोई भी संबंधित अधिकारी नहीं पहुंचे, जिससे बृहस्पतिवार को क्रय केंद्र पर खरीद ठप रही। वहीं, क्रय केंद्र कर्मचारियों ने भी संबंधित अधिकारियों से क्रय केंद्र पर सुरक्षा की मांग की है, ताकि किसी बवाल के दौरान यहां कोई गंभीर घटना न घटित हो सके। क्रय केंद्र पर दिन भर खरीद नहीं होने और बवाल होने की स्थिति में तनाव का माहौल बना रहा और यहां किसान सभी स्थाई समाधान की मांग करते रहे।
विज्ञापन
किसानों ने सामूहिक आत्महत्या की दी चेतावनी
उड़द के सरकारी खरीद केंद्र अमरपुर मंडी में खरीद बंद होने से हताश करीब एक दर्जन से अधिक किसान उड़द से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर डीएम की चौखट पहुंच गए और समस्या से अवगत कराया। डीएम को दिए ज्ञापन में किसानों ने बताया कि वह बहुत कठिनाइयों से किसी प्रकार फसल पैदा करते हैं और अपनी उपज को उचित मूल्य पर विक्रय करने के लिए सरकारी क्रय केंद्र नवीन गल्ला मंडी अमरपुर में 12 दिसंबर से विषम परिस्थितियों में उड़द लेकर ठहरे हुए हैं। अब तक क्रय केंद्र पर उनकी फसलों को नहीं खरीदा जा रहा है, जिससे उनके सामने आत्महत्या करने का रास्ता ही रह गया है। किसानों ने डीएम से शीघ्र से शीघ्र क्रय केंद्र पर खरीद कराने की मांग की है। अन्यथा की स्थिति में वह सामूहिक रूप से आत्महत्या करने को मजबूर होंगे। ज्ञापन पर बरखिरिया निवासी रघुवीर सहाय बाजपेयी, शंकर दयाल कल्यानपुरा, जमुना प्रसाद बरखिरिया, जगदीश सिंह रोंड़ा, कोमल कुशवाहा, कपिल सिंह, रामस्वरुप, रघुराज सिंह, आलोक मिश्रा, अशोक सिंह, बृजेंद्र सिंह आदि के हस्ताक्षर हैं।
नेफेड खरीद बाधित चल रही है। जिंस की क्वालिटी की जांच के दौरान विवाद होने से सर्वेयर भाग गया है। पीसीएफ के माध्यम से दूसरा सर्वेयर बुलाने के लिए बातचीत की जा रही है।
राकेश कुमार त्रिपाठी, डिप्टी आरएमओ।
विज्ञापन
अमरपुर मंडी में 15 दिन पूर्व लगा क्रय केंद्र शुरू से ही विवादित बना हुआ है। मुश्किल से एक सप्ताह में ही क्रय केंद्र प्रभारी को अनियमितताओं के चलते प्रशासनिक कार्रवाई के तहत मुकदमा झेलना पड़ा। उसी दिन से सर्वेयर के अभाव में क्रय केंद्र लगातार बंद चल रहा है। प्रशासन के दखल के बाद बुधवार को 12 दिन बाद किसी प्रकार क्रय केंद्र पर खरीद शुरू कराई गई, जिसमें एक ही सर्वेयर से गोदाम और क्रय केंद्र पर जिंस की गुणवत्ता जांचने की सहमति भी बन गई, लेकिन अगले दिन बृहस्पतिवार को सुबह सर्वेयर द्वारा क्रय केंद्र पर जिंस की गुणवत्ता की जांच करने से मना कर दिया। जिस पर यहां मौजूद किसान भड़क गए और सर्वेयर से झड़प तक हो गई।
विज्ञापन
हालांकि क्रय केंद्र पर मौजूद कर्मचारियों ने भी बीच-बचाव किया, लेकिन किसान उक्त सर्वेयर से उड़द की जांच पर अड़े रहे। लेकिन सर्वेयर ने अपने अधिकारियों के आदेश पर ही सिर्फ गोदाम पर आने वाले जिंस की गुणवत्ता की जांच करने की बात की, लेकिन काफी देर तक गहमागहमी होने पर सर्वेयर गोदाम से भाग गया। क्रय केंद्र कर्मचारियों ने इसकी जानकारी पीसीएफ अधिकारियों को दी, लेकिन शाम पांच बजे तक यहां कोई भी संबंधित अधिकारी नहीं पहुंचे, जिससे बृहस्पतिवार को क्रय केंद्र पर खरीद ठप रही। वहीं, क्रय केंद्र कर्मचारियों ने भी संबंधित अधिकारियों से क्रय केंद्र पर सुरक्षा की मांग की है, ताकि किसी बवाल के दौरान यहां कोई गंभीर घटना न घटित हो सके। क्रय केंद्र पर दिन भर खरीद नहीं होने और बवाल होने की स्थिति में तनाव का माहौल बना रहा और यहां किसान सभी स्थाई समाधान की मांग करते रहे।
विज्ञापन
किसानों ने सामूहिक आत्महत्या की दी चेतावनी
उड़द के सरकारी खरीद केंद्र अमरपुर मंडी में खरीद बंद होने से हताश करीब एक दर्जन से अधिक किसान उड़द से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर डीएम की चौखट पहुंच गए और समस्या से अवगत कराया। डीएम को दिए ज्ञापन में किसानों ने बताया कि वह बहुत कठिनाइयों से किसी प्रकार फसल पैदा करते हैं और अपनी उपज को उचित मूल्य पर विक्रय करने के लिए सरकारी क्रय केंद्र नवीन गल्ला मंडी अमरपुर में 12 दिसंबर से विषम परिस्थितियों में उड़द लेकर ठहरे हुए हैं। अब तक क्रय केंद्र पर उनकी फसलों को नहीं खरीदा जा रहा है, जिससे उनके सामने आत्महत्या करने का रास्ता ही रह गया है। किसानों ने डीएम से शीघ्र से शीघ्र क्रय केंद्र पर खरीद कराने की मांग की है। अन्यथा की स्थिति में वह सामूहिक रूप से आत्महत्या करने को मजबूर होंगे। ज्ञापन पर बरखिरिया निवासी रघुवीर सहाय बाजपेयी, शंकर दयाल कल्यानपुरा, जमुना प्रसाद बरखिरिया, जगदीश सिंह रोंड़ा, कोमल कुशवाहा, कपिल सिंह, रामस्वरुप, रघुराज सिंह, आलोक मिश्रा, अशोक सिंह, बृजेंद्र सिंह आदि के हस्ताक्षर हैं।
नेफेड खरीद बाधित चल रही है। जिंस की क्वालिटी की जांच के दौरान विवाद होने से सर्वेयर भाग गया है। पीसीएफ के माध्यम से दूसरा सर्वेयर बुलाने के लिए बातचीत की जा रही है।
राकेश कुमार त्रिपाठी, डिप्टी आरएमओ।