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न्याय की आस में परिवार अनशन पर
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 17 Apr 2017 01:05 AM IST
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police, jhansi news
- फोटो : demo
ललितपुर।
गरीबों की मदद करने का दंभ भरने वाली पुलिस उनकी ही सुनवाई नहीं कर रही है। इसका जीता-जागता उदाहरण रविवार को डीएम आवास के पास देेखने को मिला। जहां मारपीट और जान से मारने की धमकी देने व घर में घुसकर रुपये ले जाने की शिकायत का मामला दर्ज न होने पर पीड़ित परिवार अनशन पर बैठ गया।
थाना जाखलौन अंतर्गत बम्हौरी कला निवासी ओमवती पत्नी कल्लू बरार मारपीट की रिपोर्ट दर्ज न होने पर अनशन पर बैठ गईं। ओमवती ने बताया कि नौ अप्रैल को गांव के ही प्रभावशाली लोगों ने उनके साथ मारपीट की थी। 12 अप्रैल से उनका पति और 15 वर्षीय बेटा उमेश भी लापता है। पुलिस ने अभी तक इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की है और न ही रिपोर्ट लिखी गई है। डीएम बंगले के पास धरने पर बैठी ओमवती के साथ उनकी सास सुंतिया और विवाहित बेटी सविता भी धरने में शामिल हैं। सुबह सदर सीओ हिमांशु गौरव ने पीड़ित परिवार को समझाया और थाने में बातकर रिपोर्ट लिखने के निर्देश दिए।
ओमवती ने बताया कि जब वह जाखलौन थाना जाने के लिए तुवन मंदिर तक पहुंची तो रास्ते में ही विपक्षी मिल गए और जान से मारने की धमकी देने लगे। इसके बाद पीड़ित परिवार फिर से धरने पर बैठ गया। पीड़ितों ने बताया कि नौ अप्रैल की शाम गांव के कुछ लोगों ने उनके पति के साथ मारपीट शुरू कर दी। हम लोगों ने जब बीच-बचाव किया तो हम लोगों के साथ भी मारपीट की गई। इसके अलावा घर में घुसकर घर में रखे 30 हजार रुपये और अन्य सामान उठा ले गए। इस संबंध में जाखलौन थाने में तहरीर दी, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। इसके बाद एसपी को भी प्रार्थना पत्र दिया तो वहां से भी कार्रवाई नहीं की गई।
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पीड़ितों ने बताया कि लगातार विपक्षियों द्वारा जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। लेकिन पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। इस कारण हम लोगों ने रविवार से आमरण अनशन शुरू कर दिया है। जब तक पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती, तब तक हमारा अनशन चलता रहेगा। हालांकि शाम को सीओ सिटी हिमांशु गौरव के आश्वासन पर अनशन समाप्त कर दिया।
आपसी रंजिश का मामला है। दोनो पक्षों में मारपीट हुई थी। एक पक्ष की तहरीर पर मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। धरने पर बैठे लोगों को कई बार थाने में बुलाया गया, लेकिन वह नहीं आए। यदि थाने में आते हैं तो उनकी भी तहरीर ली जाएगी।
- सुभाष चंद्र, प्रभारी थानाध्यक्ष जाखलौन
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गरीबों की मदद करने का दंभ भरने वाली पुलिस उनकी ही सुनवाई नहीं कर रही है। इसका जीता-जागता उदाहरण रविवार को डीएम आवास के पास देेखने को मिला। जहां मारपीट और जान से मारने की धमकी देने व घर में घुसकर रुपये ले जाने की शिकायत का मामला दर्ज न होने पर पीड़ित परिवार अनशन पर बैठ गया।
थाना जाखलौन अंतर्गत बम्हौरी कला निवासी ओमवती पत्नी कल्लू बरार मारपीट की रिपोर्ट दर्ज न होने पर अनशन पर बैठ गईं। ओमवती ने बताया कि नौ अप्रैल को गांव के ही प्रभावशाली लोगों ने उनके साथ मारपीट की थी। 12 अप्रैल से उनका पति और 15 वर्षीय बेटा उमेश भी लापता है। पुलिस ने अभी तक इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की है और न ही रिपोर्ट लिखी गई है। डीएम बंगले के पास धरने पर बैठी ओमवती के साथ उनकी सास सुंतिया और विवाहित बेटी सविता भी धरने में शामिल हैं। सुबह सदर सीओ हिमांशु गौरव ने पीड़ित परिवार को समझाया और थाने में बातकर रिपोर्ट लिखने के निर्देश दिए।
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ओमवती ने बताया कि जब वह जाखलौन थाना जाने के लिए तुवन मंदिर तक पहुंची तो रास्ते में ही विपक्षी मिल गए और जान से मारने की धमकी देने लगे। इसके बाद पीड़ित परिवार फिर से धरने पर बैठ गया। पीड़ितों ने बताया कि नौ अप्रैल की शाम गांव के कुछ लोगों ने उनके पति के साथ मारपीट शुरू कर दी। हम लोगों ने जब बीच-बचाव किया तो हम लोगों के साथ भी मारपीट की गई। इसके अलावा घर में घुसकर घर में रखे 30 हजार रुपये और अन्य सामान उठा ले गए। इस संबंध में जाखलौन थाने में तहरीर दी, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। इसके बाद एसपी को भी प्रार्थना पत्र दिया तो वहां से भी कार्रवाई नहीं की गई।
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पीड़ितों ने बताया कि लगातार विपक्षियों द्वारा जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। लेकिन पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। इस कारण हम लोगों ने रविवार से आमरण अनशन शुरू कर दिया है। जब तक पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती, तब तक हमारा अनशन चलता रहेगा। हालांकि शाम को सीओ सिटी हिमांशु गौरव के आश्वासन पर अनशन समाप्त कर दिया।
आपसी रंजिश का मामला है। दोनो पक्षों में मारपीट हुई थी। एक पक्ष की तहरीर पर मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। धरने पर बैठे लोगों को कई बार थाने में बुलाया गया, लेकिन वह नहीं आए। यदि थाने में आते हैं तो उनकी भी तहरीर ली जाएगी।
- सुभाष चंद्र, प्रभारी थानाध्यक्ष जाखलौन