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नकली दवा बेचने वाले मेडिकल स्टोर संचालक के विरुद्घ कोर्ट में परिवाद दर्ज
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ललितपुर। जिले में भी नकली दवाओं का खूब कारोबार चल रहा है। एंटीबायोटिक के नाम पर नकली दवाएं बेची जा रही हैं। तीन साल पहले लिए गए दवा का सैंपल फेल होने और जांच में कंपनी नहीं मिलने पर मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
औषधि निरीक्षक उमेश कुमार भारती ने 19 अगस्त 2019 को मोहल्ला रावतयाना स्थित मेसर्स मजूमदार मेडिकल स्टोर पर छापामार कार्रवाई की थी। जिसमें तीन दवाओं के नमूने लिए गए थे। इनको जांच के लिए राजकीय विश्लेषक लखनऊ भेजा गया। दो नवंबर 2019 में प्रयोगशाला से रिपोर्ट मिली तो एक दवा जिसे बतौर एंटीबायोटिक के नाम पर बेचा जा रहा था, उसमें निर्धारित सॉल्ट की पुष्टि नहीं हुई। 25 मई 2020 को दवा निर्माता कंपनी फर्म एनआरटी तहसील बद्दी जिला सोलन हिमाचल प्रदेश को नोटिस भेजा गया। 18 दिसंबर 2020 को नोटिस वापस लौट आया।
इसके बाद औषधि अनुज्ञापन एवं नियंत्रक प्राधिकारी लखनऊ ने निरीक्षक उमेश कुमार भारती को कंपनी के बारे में जांच के लिए जाने का आदेश दिया। इस पर निरीक्षक हिमाचल प्रदेश पहुंचे यहां जब दवा पर कंपनी की खोज की गई तो वह कंपनी अस्तित्व में नहीं पाई गई। इस बीच निरीक्षक उमेश भारती का स्थानांतरण हो गया।
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नए औषधि निरीक्षक राजकुमार शर्मा ने पत्रावली का अवलोकन किया। इसके बाद मेडिकल स्टोर के संचालक श्यामलाल मजूमदार के विरुद्घ अपर एवं जिला सत्र न्यायाधीश प्रथम के यहां मुकदमा दर्ज किया गया है।
यह दवा बिना बिल के बेची जा रही थी। दवा पर जो कंपनी का पता था वह कंपनी अस्तित्व में नहीं है। इस पर मेडिकल स्टोर संचालक के विरुद्घ मुकदमा दर्ज करा दिया है। ऐसी दवा विक्रय करने पर सात वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा और अर्थदंड का प्रावधान है। आगे भी ऐसी कार्रवाई विभाग के द्वारा की जाती रहेगी।-राजकुमार शर्मा, औषधि निरीक्षक, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन
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औषधि निरीक्षक उमेश कुमार भारती ने 19 अगस्त 2019 को मोहल्ला रावतयाना स्थित मेसर्स मजूमदार मेडिकल स्टोर पर छापामार कार्रवाई की थी। जिसमें तीन दवाओं के नमूने लिए गए थे। इनको जांच के लिए राजकीय विश्लेषक लखनऊ भेजा गया। दो नवंबर 2019 में प्रयोगशाला से रिपोर्ट मिली तो एक दवा जिसे बतौर एंटीबायोटिक के नाम पर बेचा जा रहा था, उसमें निर्धारित सॉल्ट की पुष्टि नहीं हुई। 25 मई 2020 को दवा निर्माता कंपनी फर्म एनआरटी तहसील बद्दी जिला सोलन हिमाचल प्रदेश को नोटिस भेजा गया। 18 दिसंबर 2020 को नोटिस वापस लौट आया।
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इसके बाद औषधि अनुज्ञापन एवं नियंत्रक प्राधिकारी लखनऊ ने निरीक्षक उमेश कुमार भारती को कंपनी के बारे में जांच के लिए जाने का आदेश दिया। इस पर निरीक्षक हिमाचल प्रदेश पहुंचे यहां जब दवा पर कंपनी की खोज की गई तो वह कंपनी अस्तित्व में नहीं पाई गई। इस बीच निरीक्षक उमेश भारती का स्थानांतरण हो गया।
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नए औषधि निरीक्षक राजकुमार शर्मा ने पत्रावली का अवलोकन किया। इसके बाद मेडिकल स्टोर के संचालक श्यामलाल मजूमदार के विरुद्घ अपर एवं जिला सत्र न्यायाधीश प्रथम के यहां मुकदमा दर्ज किया गया है।
यह दवा बिना बिल के बेची जा रही थी। दवा पर जो कंपनी का पता था वह कंपनी अस्तित्व में नहीं है। इस पर मेडिकल स्टोर संचालक के विरुद्घ मुकदमा दर्ज करा दिया है। ऐसी दवा विक्रय करने पर सात वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा और अर्थदंड का प्रावधान है। आगे भी ऐसी कार्रवाई विभाग के द्वारा की जाती रहेगी।-राजकुमार शर्मा, औषधि निरीक्षक, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन