{"_id":"5e1f684a8ebc3e4adb51231d","slug":"faith-people-holi-dip-taldehate-news-jhs1576323159","type":"story","status":"publish","title_hn":"नदी और तालाबों में लगाई आस्था की डुबकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नदी और तालाबों में लगाई आस्था की डुबकी
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तालबेहट। मकर संक्रांति का पर्व नगर और आसपास के क्षेत्र में परंपरागत तरीके से मनाया गया। नगर के लोगों ने मानसरोवर तालाब और बेतवा नदी में डुबकी लगाई। तिल और गुड़ का दान किया। जगह- जगह खिचड़ी भोज हुए। माताटीला स्थित सीताकुंड और सुकुवां ढुकुवां बांध और झरर घाट पुल पर काफी संख्या में भीड़ रही।
मकर संक्रांति के कारण सुबह से ही श्रद्धालु मानसरोवर तालाब के हजारिया घाट, मंदिर घाट पर पहुंचने लगे थे। वहां कड़ाके की सर्दी में श्रद्धालुओं ने तिल का लेपन कर स्नान किया और सूर्य भगवान की आराधना की। इसके बाद तिल और गुड़ का दान कर पुण्य कमाया। हजारिया महादेव मंदिर पर लगे संक्रांति के मेले में दुकानों पर बच्चों ने काफी खरीदारी की। डुबकी लगाने का सुबह हुआ सिलसिला दोपहर बाद तक जारी रहा।
संक्रांति के पर्व पर माताटीला बांध स्थित सीताकुंड और पूराविरधा क्षेत्र के सुकुवां ढुकुवां बांध के श्री शंकर मंदिर के पास भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई।
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कड़ेसराकलां संवाददाता के अनुसार मकर संक्रांति पर बेतवा नदी में सुबह से ही आसपास के गांवों के लोगों का आना - जाना शुरू हो गया था। लोगों ने बेतवा में डुबकी लगाई और सूर्य की आराधना कर पुण्य कमाया।
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मकर संक्रांति के कारण सुबह से ही श्रद्धालु मानसरोवर तालाब के हजारिया घाट, मंदिर घाट पर पहुंचने लगे थे। वहां कड़ाके की सर्दी में श्रद्धालुओं ने तिल का लेपन कर स्नान किया और सूर्य भगवान की आराधना की। इसके बाद तिल और गुड़ का दान कर पुण्य कमाया। हजारिया महादेव मंदिर पर लगे संक्रांति के मेले में दुकानों पर बच्चों ने काफी खरीदारी की। डुबकी लगाने का सुबह हुआ सिलसिला दोपहर बाद तक जारी रहा।
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संक्रांति के पर्व पर माताटीला बांध स्थित सीताकुंड और पूराविरधा क्षेत्र के सुकुवां ढुकुवां बांध के श्री शंकर मंदिर के पास भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई।
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कड़ेसराकलां संवाददाता के अनुसार मकर संक्रांति पर बेतवा नदी में सुबह से ही आसपास के गांवों के लोगों का आना - जाना शुरू हो गया था। लोगों ने बेतवा में डुबकी लगाई और सूर्य की आराधना कर पुण्य कमाया।